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WTC फाइनल की राह हुई मुश्किल तो BCCI को आई बुमराह की याद, टीम इंडिया की नैया पार लगाने के लिए बनाया प्लान

News India Live, Digital Desk: भारतीय क्रिकेट टीम के लिए वर्ल्ड टेस्ट चैंपियनशिप (WTC) की डगर अब कांटों भरी हो गई है। घरेलू मैदान पर न्यूजीलैंड के हाथों मिली करारी हार ने टीम इंडिया के समीकरण बिगाड़ दिए हैं। ऐसे में भारतीय क्रिकेट कंट्रोल बोर्ड (BCCI) ने अपनी गिरती हुई साख को बचाने और फाइनल में जगह पक्की करने के लिए एक बड़ा दांव खेला है। खबर है कि बीसीसीआई ने घातक गेंदबाज जसप्रीत बुमराह को लेकर एक खास रणनीति तैयार की है, जिसके तहत उन्हें आगामी सभी महत्वपूर्ण टेस्ट मैचों में उतारने की तैयारी है।9 टेस्ट और बुमराह का कंधा: साख बचाने की बड़ी जंगभारतीय टीम को अब WTC के मौजूदा चक्र में कुल 9 टेस्ट मैच और खेलने हैं। इनमें ऑस्ट्रेलिया के खिलाफ होने वाली हाई-वोल्टेज ‘बॉर्डर-गावस्कर ट्रॉफी’ के पांच मैच सबसे अहम हैं। चयनकर्ताओं और बोर्ड का मानना है कि अगर भारत को फाइनल की रेस में बने रहना है, तो बुमराह का फिट रहना और मैदान पर होना अनिवार्य है। बीसीसीआई चाहता है कि बुमराह वर्कलोड मैनेजमेंट को ताक पर रखकर इन सभी 9 मैचों में टीम की गेंदबाजी यूनिट की अगुवाई करें, ताकि विपक्षी बल्लेबाजों पर दबाव बनाया जा सके।वर्कलोड मैनेजमेंट के बीच बुमराह पर बढ़ा दबावआमतौर पर जसप्रीत बुमराह को चोटों से बचाने के लिए बीसीसीआई उन्हें चुनिंदा मैचों से आराम देता रहा है। लेकिन मौजूदा हालात ऐसे हैं कि टीम इंडिया अब किसी भी तरह का जोखिम उठाने की स्थिति में नहीं है। न्यूजीलैंड के खिलाफ सीरीज में मिली हार ने चयनकर्ताओं की नींद उड़ा दी है। सूत्रों के मुताबिक, बोर्ड ने मेडिकल टीम और कोच गौतम गंभीर के साथ चर्चा की है कि कैसे बुमराह की फिटनेस को बरकरार रखते हुए उन्हें लगातार मैचों के लिए उपलब्ध रखा जाए। अब बुमराह की भूमिका सिर्फ एक गेंदबाज की नहीं, बल्कि टीम इंडिया के ‘संकटमोचक’ की होगी।ऑस्ट्रेलिया दौरा तय करेगा भारत का भविष्यभारत के लिए असली परीक्षा ऑस्ट्रेलिया की धरती पर होनी है। वहां की उछाल भरी पिचों पर बुमराह की धारदार यॉर्कर और बाउंसर भारत के लिए सबसे बड़ा हथियार साबित होंगे। अगर बुमराह इन 9 मैचों में अपना सर्वश्रेष्ठ प्रदर्शन दोहरा पाते हैं, तभी भारत के लिए लॉर्ड्स में होने वाले WTC फाइनल का दरवाजा खुलेगा। क्रिकेट पंडितों का मानना है कि बुमराह का अनुभव और विकेट लेने की क्षमता इस समय टीम इंडिया की सबसे बड़ी जरूरत है, और बीसीसीआई उन्हें ‘ब्रह्मास्त्र’ की तरह इस्तेमाल करने के मूड में है।

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