NPS, PPF या EPF: आपके बुढ़ापे के लिए कौन सी स्कीम है सबसे बेस्ट? आसान भाषा में समझिए

हम सब चाहते हैं कि जब काम करने की उम्र खत्म हो,तो बुढ़ापे में पैसों की कोई टेंशन न हो। इसी सुकून भरे रिटायरमेंट के लिए भारत में तीन सबसे भरोसेमंद और पॉपुलर स्कीमें हैं– NPS, PPFऔरEPF।ये तीनों आपके पैसे को बढ़ाने के तीन अलग-अलग रास्ते हैं। कोई रास्ता सीधा और सुरक्षित है,तो कोई थोड़ा घुमावदार लेकिन ज़्यादा फायदेमंद हो सकता है। आइए,इन तीनों को अपने तीन दोस्तों की तरह समझते हैं और देखते हैं कि आपके लिए कौन सा दोस्त सबसे अच्छा है।1. EPF (एंप्लॉयीज प्रोविडेंट फंड)–आपका वो दोस्त जो नौकरी के साथ मिलता हैयह किसके लिए है?यह स्कीम सिर्फ नौकरीपेशा लोगों (Salaried Employees)के लिए है। यह एक तरह से आपकी “जबरदस्ती वाली अच्छी आदत” है।कैसे काम करता है?आपकी सैलरी से हर महीने थोड़ा सा पैसा कटता है और उतना ही पैसा आपकी कंपनी आपके खाते में डालती है। मतलब,आपका पैसा डबल स्पीड से बढ़ता है।क्या खास है?इसमें आपको8.25%का फिक्स्ड ब्याज मिलता है। मतलब,कोई टेंशन नहीं,पैसा सुरक्षित भी है और पक्का रिटर्न भी मिलेगा। यह आपके रिटायरमेंट तक एक बड़ी रकम जमा कर देता है।एक लाइन में कहें तो:यह आपकी रिटायरमेंट प्लानिंग की मजबूत नींव है,जो आपकी कंपनी आपके लिए तैयार करती है।2. PPF (पब्लिक प्रोविडेंट फंड)–आपका सबसे सुरक्षित और भरोसेमंद दोस्तयह किसके लिए है?यह स्कीमसबके लिएहै–चाहे आप नौकरी करते हों,बिजनेस करते हों या कुछ भी। कोई भी भारतीय इसमें पैसा लगा सकता है।कैसे काम करता है?इसमें आपको 15साल के लिए पैसा लगाना होता है। यह एक लॉन्ग-टर्म दोस्ती की तरह है।क्या खास है?इसमें मिलने वाला रिटर्नपूरी तरह से टैक्स-फ्रीहोता है और ब्याज भी सरकार तय करती है,इसलिए कोई रिस्क नहीं होता। यह उन लोगों के लिए बेस्ट है जो कहते हैं, “भाई,मुझे कोई रिस्क नहीं चाहिए,बस मेरे पैसे सुरक्षित रहें।”एक लाइन में कहें तो:यह आपकी तिजोरी की तरह है,जो सुरक्षित भी है और जिस पर सरकार का भरोसा भी है।3. NPS (नेशनल पेंशन सिस्टम)–आपका वो मॉडर्न दोस्त जो थोड़ा रिस्क लेता हैयह किसके लिए है?यह भी एक मर्जी वाली स्कीम है और कोई भी इसे शुरू कर सकता है।कैसे काम करता है?यह स्कीम आपके पैसे को थोड़ाशेयर बाजारमें और थोड़ा सरकारी बॉन्ड्स जैसी सुरक्षित जगहों पर लगाती है।क्या खास है?क्योंकि इसका पैसा शेयर बाजार में लगता है,इसलिए इसमेंरिटर्न सबसे ज्यादा (9%से12%तक)मिलने की उम्मीद होती है। लेकिन इसमें थोड़ा रिस्क भी होता है–अगर बाजार गिरा,तो आपका पैसा भी कम हो सकता है। इसे “हाई रिस्क,हाई रिटर्न” वाला खेल समझ सकते हैं। इसमें टैक्स बचाने के एक्स्ट्रा फायदे भी मिलते हैं।एक लाइन में कहें तो:यह एक समझदार खिलाड़ी की तरह है,जो थोड़ा जोखिम लेकर आपको सबसे ज़्यादा फायदा दिलाने की कोशिश करता है।तो आखिरी फैसला: आपके लिए क्या सही है?यह पूरी तरह से आप पर निर्भर करता है कि आप किस तरह के इंसान हैं।अगर आपको सुरक्षा पसंद है:अगर आप कहते हैं कि मुझे कोई जोखिम नहीं लेना,बस मेरा पैसा धीरे-धीरे बढ़ता रहे,तो आपके लिएEPFऔरPPFसबसे अच्छे दोस्त हैं। ये आपको सुकून की नींद देंगे।अगर आप ज्यादा रिटर्न चाहते हैं:लेकिन अगर आप थोड़ा रिस्क लेने को तैयार हैं और चाहते हैं कि बुढ़ापे के लिए एक बहुत बड़ा फंड तैयार हो,तोNPSआपके लिए बनाया गया है।सबसे अच्छी सलाह:एक्सपर्ट्स कहते हैं कि अपनी सारी पूंजी किसी एक जगह न रखें। समझदारी इसी में है कि आप इनतीनों में थोड़ा-थोड़ा पैसा लगाएं। जैसे खाने की थाली में दाल,चावल,रोटी और सब्जी सब कुछ होता है,वैसे ही आपके रिटायरमेंट पोर्टफोलियो में भी सुरक्षा (PPF/EPF)और ग्रोथ (NPS)दोनों का बैलेंस होना चाहिए।इस तरह आप अपने लिए एक ऐसा रिटायरमेंट प्लान बना सकते हैं,जो मजबूत भी हो और फायदेमंद भी।