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OnePlus OxygenOS to ColorOS: वनप्लस स्मार्टफोन यूजर्स के लिए बड़ा झटका! जल्द खत्म होगा OxygenOS का सफर, फोन में मिलेगा ओप्पो का ColorOS; भारत छोड़ने की खबरों पर कंपनी का आया बड़ा बयान

स्मार्टफोन जगत से वनप्लस (OnePlus) यूजर्स के लिए एक बेहद बड़ी और चौंकाने वाली खबर सामने आ रही है। चीनी स्मार्टफोन ब्रैंड वनप्लस अपने सबसे लोकप्रिय और सिग्नेचर कस्टम स्किन ऑक्सीजनओएस (OxygenOS) को हमेशा के लिए बंद करने जा रहा है। कंपनी बहुत ही जल्द इसे पैरेंट कंपनी ओप्पो (Oppo) के कस्टम स्किन कलरओएस (ColorOS) के साथ पूरी तरह से बदलने वाली है। यह कदम वनप्लस की एक बहुत बड़ी और नई सॉफ्टवेयर स्ट्रेटेजी का हिस्सा है, जिसका मुख्य मकसद सॉफ्टवेयर डेवलपमेंट को एकीकृत (यूनिफाइड) करना, सिस्टम अपडेट्स की रफ्तार को तेज करना और सॉफ्टवेयर की ओवरऑल क्वालिटी को पहले से बेहतर बनाना है। इस बड़े बदलाव के बीच हाल ही में टेक बाजारों में वनप्लस के भारत छोड़ने और बोरिया-बिस्तर समेटने की खबरें भी तेजी से वायरल हो रही थीं, लेकिन कंपनी ने एक आधिकारिक बयान जारी कर उन सभी मीडिया रिपोर्ट्स और दावों को सिरे से खारिज कर दिया है जिनमें कहा गया था कि कंपनी भारत में अपने सभी ऑपरेशन्स बंद करने की प्लानिंग कर रही है।

पूरी तरह बदल जाएगा वनप्लस फोन का सिस्टम, स्टॉक एंड्रॉयड का दौर खत्म

यह कदम वनप्लस के स्मार्टफोन मार्केट में कदम रखने के बाद से लेकर अब तक के पूरे इतिहास में सबसे बड़े सॉफ्टवेयर बदलावों में से एक माना जा रहा है। वनप्लस के ऑक्सीजनओएस (OxygenOS) को दुनिया भर के टेक लवर्स इसके क्लीन, ब्लोटवेयर-फ्री और लगभग स्टॉक एंड्रॉयड (Stock Android) जैसे स्मूद एक्सपीरियंस के लिए बेहद खास और प्रीमियम मानते थे। भले ही कंपनी ने भारत में अपने कमर्शियल ऑपरेशन्स को बंद न करने का एक बड़ा और राहत भरा फैसला लिया है, लेकिन सॉफ्टवेयर लेवल पर होने वाले इस भारी बदलाव से आपके वनप्लस फोन का पूरा यूजर इंटरफेस और इंटरनल सिस्टम जल्द ही पूरी तरह बदलने वाला है, क्योंकि कंपनी अब अपने सभी अपकमिंग और मौजूदा डिवाइसेज को पूरी तरह से कलरओएस (ColorOS) पर शिफ्ट करने की तैयारी में जुट चुकी है।

प्रतिष्ठित बिजनेस वेबसाइट 'मनीकंट्रोल' की एक एक्सक्लूसिव रिपोर्ट के मुताबिक, वनप्लस ने अपने आधिकारिक बयान में इस बात की पुष्टि करते हुए कहा है, "हमारी सॉफ्टवेयर स्ट्रैटेजी में किए जा रहे ऑपरेशनल एडजस्टमेंट (परिचालन तालमेल) के हिस्से के तौर पर, सभी वनप्लस डिवाइसेज भविष्य में OxygenOS से हटकर ColorOS में अपडेट होंगे। यह सॉफ्टवेयर माइग्रेशन हमें सॉफ्टवेयर डेवलपमेंट की जटिलताओं को आसान बनाने, हमारी वैश्विक कम्युनिटी में नए अपडेट साइकिल की गति को तेज करने, सॉफ्टवेयर की क्वालिटी और स्टेबिलिटी को बेहतर बनाने में मदद करेगा। साथ ही, यह हमारी शेयर्ड इंजीनियरिंग और आरएंडडी (R&D) क्षमताओं का बेहतर इस्तेमाल कर यूजर्स को एक स्मार्ट, स्मूद और एडवांस्ड सॉफ्टवेयर एक्सपीरियंस प्रदान करेगा।" वनप्लस का साफ कहना है कि इस एकीकरण से वे ओप्पो इकोसिस्टम की विशाल इंजीनियरिंग और रिसर्च क्षमताओं का सीधा फायदा उठा पाएंगे, जिससे उपभोक्ताओं को बेहद तेज सॉफ्टवेयर अपडेट का नया अनुभव मिलेगा। इसके साथ ही कंपनी ने अपने पुराने वफादार यूजर्स को भरोसा दिलाने की कोशिश की है कि इस बड़े बदलाव के बाद भी वनप्लस के कोर एक्सपीरियंस (मूल अनुभव) और ब्रैंड वैल्यू में कोई कमी नहीं आएगी।

Oppo की बड़ी कॉरपोरेट रीस्ट्रक्चरिंग का हिस्सा है यह सॉफ्टवेयर माइग्रेशन

स्मार्टफोन सॉफ्टवेयर में होने वाला यह ऐतिहासिक बदलाव असल में ओप्पो (Oppo) ग्रुप के भीतर चल रही एक बहुत बड़ी कॉरपोरेट रीस्ट्रक्चरिंग (पुनर्गठन) की प्रक्रिया का हिस्सा है। जैसा कि मनीकंट्रोल ने अपनी इनसाइडर रिपोर्ट में पहले भी खुलासा किया था, ओप्पो अब भारत सहित वैश्विक बाजारों में वनप्लस (OnePlus) और रियलमी (Realme) जैसे अपने सहयोगी ब्रैंड्स को एक यूनिफाइड ऑपरेटिंग स्ट्रक्चर (एकीकृत परिचालन ढांचे) के तहत एक ही छत के नीचे लाने की पूरी तैयारी कर चुका है।

इस नई और आक्रामक बिजनेस स्ट्रैटेजी के तहत मुख्य बदलाव इस प्रकार होने जा रहे हैं:

  • वनप्लस का नया रूप: वनप्लस को पूरे बीबीके (BBK) ग्रुप के एक प्राइमरी 'ऑनलाइन-फोकस्ड' स्मार्टफोन ब्रैंड के तौर पर नए सिरे से री-पोजीशन (स्थापित) किया जाएगा, जिसके तहत कंपनी बहुत ही सेलेक्टिव और प्रीमियम प्रोडक्ट लॉन्च स्ट्रैटेजी पर काम करेगी।

  • रियलमी का अस्तित्व बदलेगा: वहीं दूसरी तरफ, रियलमी (Realme) ब्रैंड को लेकर भी एक बहुत बड़ा बदलाव होने की उम्मीद है। माना जा रहा है कि आगामी दिवाली फेस्टिव सीजन के खत्म होने के बाद रियलमी एक स्वतंत्र और इंडिपेंडेंट ब्रैंड के तौर पर काम करना बंद कर देगा और वह ओप्पो (Oppo) के अंतर्गत ही एक नई प्रोडक्ट स्मार्टफोन सीरीज में पूरी तरह तब्दील हो जाएगा। इस नई कॉरपोरेट रीस्ट्रक्चरिंग से भारतीय स्मार्टफोन बाजार की पूरी तस्वीर बदलने वाली है।

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