PF से पैसा निकालना अब बच्चों का खेल! EPFO ला रहा है नया UPI और ATM विड्रॉल नियम, लेकिन जल्दबाजी में टैक्स का यह बड़ा गणित न भूलें

कर्मचारी भविष्य निधि संगठन (EPFO) अपने करीब 8 करोड़ एक्टिव सब्सक्राइबर्स को इस महीने के अंत तक एक ऐतिहासिक तोहफा देने जा रहा है। अब पीएफ खाते से आपातकाल या जरूरत के समय पैसा निकालने के लिए आपको हफ़्तों का इंतजार नहीं करना पड़ेगा और न ही लंबी-चौड़ी कागजी प्रक्रिया से गुजरना होगा। EPFO एक बेहद एडवांस डेडिकेटेड मोबाइल ऐप लॉन्च करने की तैयारी में है, जो सीधे आपके बैंक खाते से लिंक होगा। इस ऐप की मदद से सब्सक्राइबर्स भीम (BHIM) और अन्य प्रमुख यूपीआई (UPI) प्लेटफॉर्म या एटीएम (ATM) के जरिए सीधे अपने पीएफ खाते से पैसे निकाल सकेंगे। यह कदम डिजिटल इंडिया और वित्तीय सुगमता की दिशा में एक बड़ा गेम चेंजर साबित होने वाला है।
चुटकियों में निकाल सकेंगे 75 फीसदी तक फंड, जानिए दांव पर लगी कितनी बड़ी रकम
EPFO की इस नई और आधुनिक सुविधा के लाइव होते ही मेंबर्स अपने पीएफ खाते में जमा कुल राशि का 75 प्रतिशत तक हिस्सा बेहद आसानी से निकाल सकेंगे। अगर आंकड़ों पर नजर डालें, तो वर्तमान में EPFO की किताबों में कुल 30 करोड़ सब्सक्राइबर्स दर्ज हैं, जिनमें से नियमित रूप से योगदान देने वाले एक्टिव मेंबर्स की संख्या लगभग 7.5 करोड़ है। यह फैसला इसलिए भी बेहद महत्वपूर्ण है क्योंकि EPFO वर्तमान में करीब 26 लाख करोड़ रुपये के विशालकाय फंड का प्रबंधन करता है। इस नई व्यवस्था से जहां आम नौकरीपेशा को लिक्विडिटी यानी जरूरत के समय तुरंत पैसा मिलेगा, वहीं देश में डिजिटल ट्रांजैक्शन की रफ्तार को भी एक नया बूस्ट मिलेगा।
एटीएम और यूपीआई से पीएफ विड्रॉल तो आसान, लेकिन टैक्स का यह चक्रव्यूह समझ लीजिए
फाइनेंशियल और टैक्स एक्सपर्ट्स ने इस बेहद आसान विड्रॉल सुविधा की सराहना तो की है, लेकिन साथ ही सब्सक्राइबर्स को एक जरूरी चेतावनी भी दी है। विशेषज्ञों का कहना है कि आसान विड्रॉल का मतलब यह बिल्कुल नहीं है कि आप जब चाहें तब बिना सोचे-समझे पैसा निकाल लें। पीएफ विड्रॉल से जुड़े इनकम टैक्स के कड़े नियम एटीएम या यूपीआई ट्रांजैक्शन पर भी पूरी तरह लागू होंगे। अगर आपने टैक्स के इन बारीकियों को समझे बिना जल्दबाजी में बड़ा अमाउंट विड्रॉल किया, तो आपको आयकर विभाग के नोटिस या भारी टैक्स कटौती का सामना करना पड़ सकता है।
5 साल से कम की सर्विस? तो पीएफ विड्रॉल पर लगेगा भारी टैक्स का झटका
इनकम टैक्स नियमों के मुताबिक, यदि किसी कर्मचारी की लगातार नौकरी के 5 साल पूरे हो चुके हैं, तो वह पीएफ खाते से कितनी भी रकम निकाले, उस पर कोई टैक्स नहीं लगता है। वह पूरी तरह टैक्स-फ्री (Tax-Free) होता है। असली मुश्किल उन कर्मचारियों के साथ आती है जो 5 साल की निरंतर सेवा पूरी करने से पहले ही नौकरी बदलते हैं या किसी कारणवश पीएफ से पैसा विड्रॉल करते हैं। ऐसे मामलों में निकाली गई पूरी रकम को आपकी उस साल की कुल टैक्सेबल इनकम (Taxable Income) मान लिया जाता है, और फिर उस पर आपके मौजूदा टैक्स स्लैब के अनुसार टैक्स की गणना की जाती है।
रिवर्स हो जाएगा पुरानी बचत का फायदा, जानिए आपकी जेब पर कैसे पड़ेगा असर
जब आप 5 साल से पहले पीएफ का पैसा निकालते हैं, तो उसमें शामिल एंप्लॉयर का योगदान, उस पर मिला ब्याज और खुद आपके हिस्से का वह योगदान जिस पर आपने कभी सेक्शन 80सी (Section 80C) के तहत टैक्स छूट का दावा किया था, सब कुछ टैक्स के दायरे में आ जाता है। सीधे शब्दों में कहें तो बीते वर्षों में आपको मिला सारा टैक्स बेनिफिट रिवर्स यानी शून्य हो जाता है। उदाहरण के लिए, मान लीजिए कोई व्यक्ति 4 साल की नौकरी के बाद अपने पीएफ से 5 लाख रुपये निकालता है। यदि उसका पैन कार्ड (PAN Card) ईपीएफओ खाते से लिंक है, तो विड्रॉल के वक्त ही ईपीएफओ सीधे 10 फीसदी यानी 50,000 रुपये का टीडीएस (TDS) काट लेगा। ध्यान रहे, यदि आपका पैन कार्ड पीएफ खाते से अपडेट नहीं है, तो यह टीडीएस रेट बढ़कर सीधे 34.60 फीसदी हो जाएगा, जो एक बहुत बड़ा नुकसान है।
अपनी कुल टैक्स लायबिलिटी और स्लैब का गणित ऐसे समझें
ईपीएफओ द्वारा काटा गया 10% टीडीएस आपका फाइनल टैक्स नहीं होता है। जब आप साल के अंत में अपना इनकम टैक्स रिटर्न (ITR) फाइल करेंगे, तो यह 5 लाख रुपये की रकम आपकी सालाना कुल आय में जोड़ दी जाएगी। मान लीजिए आप 20 फीसदी वाले टैक्स ब्रैकेट में आते हैं, तो इस 5 लाख रुपये पर आपका कुल टैक्स 1 लाख रुपये बनेगा। चूंकि 50,000 रुपये का टीडीएस पहले ही कट चुका है, इसलिए आईटीआर फाइल करते समय आपको शेष 50,000 रुपये का भुगतान करना होगा। वहीं, अगर आप 30 फीसदी वाले उच्चतम टैक्स स्लैब में आते हैं, तो आपकी कुल टैक्स लायबिलिटी 1.5 लाख रुपये बनेगी, जिसका मतलब है कि आपको टीडीएस कटने के बाद भी अलग से 1 लाख रुपये का टैक्स चुकाना होगा। इसलिए, डिजिटल विड्रॉल की इस बेहतरीन सुविधा का लाभ उठाने से पहले टैक्स के इस गणित को हमेशा दिमाग में रखें।