Rahul Gandhi Dual Citizenship Case: राहुल गांधी की बढ़ी मुश्किलें! हाईकोर्ट ने दिया FIR का आदेश, जानें क्या है पूरा ‘Raul Vinci’ विवाद और टाइमलाइन

लोकसभा में नेता प्रतिपक्ष और रायबरेली से सांसद राहुल गांधी एक बार फिर कानूनी मुश्किलों में घिर गए हैं। इलाहाबाद हाईकोर्ट की लखनऊ बेंच ने दोहरी नागरिकता (Dual Citizenship) के मामले में राहुल गांधी के खिलाफ FIR दर्ज करने और इस पूरे प्रकरण की जांच केंद्रीय एजेंसी से कराने का ऐतिहासिक आदेश दिया है। यह मामला भारतीय नागरिक रहते हुए ब्रिटेन की नागरिकता लेने और दस्तावेजों में कथित हेरफेर से जुड़ा है।क्या है पूरा मामला? (The ‘Raul Vinci’ Connection)यह याचिका कर्नाटक के भाजपा कार्यकर्ता विग्नेश शिशिर द्वारा दायर की गई है। उनके दावों के अनुसार:ब्रिटिश कंपनी का विवाद: राहुल गांधी ने 2003 में लंदन में ‘Backops Limited’ नाम की एक कंपनी बनाई थी, जिसमें उन्होंने अपना पता ब्रिटेन का दिया था।दोहरी नागरिकता का दावा: शिकायत में आरोप लगाया गया है कि राहुल गांधी ने 1994 में ब्रिटिश नागरिकता ली थी। भारतीय संविधान के अनुसार, कोई भी भारतीय नागरिक एक साथ किसी दूसरे देश की नागरिकता नहीं रख सकता।नाम में बदलाव: याची का सबसे चौंकाने वाला दावा यह है कि राहुल गांधी का नाम कुछ ब्रिटिश दस्तावेजों में ‘Raul Vinci’ के रूप में दर्ज है, जिनका जन्म 19 जून 1970 है। इसी नाम से जुड़े बैंक ट्रांजेक्शन और यात्रा रिकॉर्ड कोर्ट में पेश किए गए हैं।केस की पूरी टाइमलाइन: रायबरेली से हाईकोर्ट तकइस मामले ने पिछले एक साल में कई मोड़ लिए हैं। आइए देखें सिलसिलेवार घटनाक्रम:26 जुलाई 2025: विग्नेश शिशिर ने रायबरेली एसपी को पत्र लिखकर FIR की मांग की।17 दिसंबर 2025: रायबरेली कोर्ट में हंगामे के बाद मामला लखनऊ की एमपी-एमएलए कोर्ट में ट्रांसफर किया गया।28 जनवरी 2026: लखनऊ की निचली अदालत ने FIR दर्ज करने की अर्जी खारिज कर दी।18 फरवरी 2026: विग्नेश शिशिर ने इस फैसले को हाईकोर्ट की लखनऊ बेंच में चुनौती दी।19 मार्च 2026: हाईकोर्ट ने केंद्र सरकार (गृह मंत्रालय) से राहुल गांधी की नागरिकता से जुड़ी गोपनीय फाइल तलब की।16-17 अप्रैल 2026: लंबी बहस के बाद हाईकोर्ट की लखनऊ बेंच ने राहुल गांधी के खिलाफ विभिन्न धाराओं में FIR दर्ज करने और केंद्रीय एजेंसी से जांच कराने का आदेश दिया।अब आगे क्या होगा?हाईकोर्ट के सख्त रुख के बाद अब इस मामले में आगे की राह काफी चुनौतीपूर्ण दिख रही है:FIR की प्रक्रिया: कोर्ट के आदेश की कॉपी मिलते ही रायबरेली पुलिस को संबंधित थाने में राहुल गांधी के खिलाफ एफआईआर दर्ज करनी होगी।केंद्रीय एजेंसी की जांच: चूंकि कोर्ट ने स्पष्ट किया है कि जांच केंद्रीय एजेंसी (जैसे CBI या अन्य) से कराई जाए, ऐसे में राहुल गांधी की नागरिकता और विदेश में उनके कथित व्यापारिक हितों की गहराई से छानबीन होगी।सियासी हलचल: लोकसभा चुनाव और राहुल गांधी की सांसद की सदस्यता पर भी इस जांच के नतीजों का बड़ा असर पड़ सकता है।