Sawan First Somwar Traffic Advisory: सावन का पहला सोमवार कल, दिल्ली से यूपी तक भारी ट्रैफिक डायवर्जन

नई दिल्ली/लखनऊ: पवित्र सावन मास के पहले सोमवार (3 अगस्त 2026) को लेकर देश भर के शिवालयों में शिव भक्तों की भारी भीड़ जुटने की उम्मीद है। हरिद्वार, गढ़मुक्तेश्वर (ब्रजघाट) और अन्य पवित्र नदियों से गंगाजल लेकर लौटने वाले कांवड़ियों की सुरक्षा और सुगम यातायात व्यवस्था को ध्यान में रखते हुए दिल्ली पुलिस और उत्तर प्रदेश प्रशासन ने व्यापक ट्रैफिक डायवर्जन प्लान लागू कर दिया है।
लाखों की संख्या में सड़क मार्ग से गुजरने वाले शिवभक्तों को किसी प्रकार की असुविधा न हो और आम जनता को ट्रैफिक जाम से राहत मिले, इसके लिए प्रमुख मार्गों पर भारी वाहनों की एंट्री पर रोक लगा दी गई है और सुरक्षा के पुख्ता इंतजाम किए गए हैं।
दिल्ली-एनसीआर में ट्रैफिक डायवर्जन और रूट प्लान
दिल्ली ट्रैफिक पुलिस द्वारा जारी एडवाइजरी के मुताबिक, राष्ट्रीय राजधानी में कांवड़ियों के रूट और गाजियाबाद-नोएडा से सटी सीमाओं पर विशेष प्रबंध किए गए हैं:
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भारी वाहनों पर प्रतिबंध: दिल्ली की सीमा में प्रवेश करने वाले भारी और कमर्शियल वाहनों (HTVs) के रूट डायवर्ट किए गए हैं। जीटी रोड (Apsara Border से यमुना ब्रिज), वजीराबाद रोड और लोनी रोड पर विशेष ट्रैफिक पाबंदियां लागू हैं।
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वैकल्पिक मार्ग: यात्रियों को सलाह दी गई है कि वे एनएच-9 (NH-9) और एनएच-44 (NH-44) जैसे वैकल्पिक और एक्सप्रेसवे मार्गों का प्रयोग करें ताकि वे जाम से बच सकें।
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गाड़ियों की आवाजाही पर नजर: दिल्ली-देहरादून एक्सप्रेसवे और मुख्य कांवड़ मार्गों पर आम हल्के वाहनों के लिए भी समय-समय पर रूट डायवर्जन किया जा रहा है।
उत्तर प्रदेश के प्रमुख शहरों में क्या है व्यवस्था?
यूपी के विभिन्न जिलों—मेरठ, मुजफ्फरनगर, गाजियाबाद, सहारनपुर, गोरखपुर और लखनऊ—में कांवड़ यात्रा को लेकर प्रशासन पूरी तरह मुस्तैद है:
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दिल्ली-मेरठ और नेशनल हाईवे: दिल्ली-मेरठ हाईवे (NH-34) और कांवड़ पटरी मार्ग पर भारी वाहनों का संचालन पूरी तरह प्रतिबंधित कर दिया गया है। हाइवे की एक लेन पूरी तरह से पैदल और वाहन से चलने वाले कांवड़ियों के लिए आरक्षित की गई है।
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रूट डायवर्जन: मेरठ, मुजफ्फरनगर और सहारनपुर की ओर जाने वाले ट्रैफिक को वैकल्पिक रास्तों (जैसे मवाना, मीरापुर, बिजनौर और देहात मार्गों) से निकाला जा रहा है।
CCTV और ड्रोनों से होगी चप्पे-चप्पे की निगरानी
सुरक्षा व्यवस्था को अचूक बनाने के लिए पुलिस प्रशासन आधुनिक तकनीक का सहारा ले रहा है:
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ड्रोन कैमरे: यात्रा मार्ग, कांवड़ शिविरों और संवेदनशील चौराहों पर आसमान से ड्रोन कैमरों के जरिए निगरानी रखी जा रही है।
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सीसीटीवी नेटवर्क: प्रमुख मार्गों, मंदिरों और सीमाओं पर लगे सीसीटीवी कैमरों के जरिए कंट्रोल रूम से पल-पल की अपडेट ली जा रही है।
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अतिरिक्त पुलिस बल: हुड़दंगियों पर लगाम कसने और कानून-व्यवस्था बनाए रखने के लिए क्यूआरटी (QRT) और अतिरिक्त पुलिस फोर्स तैनात की गई है।