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भ्रष्टाचार की ‘अमर’ मिसाल: ब्रॉन्ज की जगह बना दी सीमेंट की मूर्ति! बारिश में रंग उखड़ा तो सामने आई ₹14 लाख की धोखाधड़ी

नई दिल्ली: सरकारी निर्माण कार्यों और घोटालों में धांधली के कई मामले आपने सुने होंगे, लेकिन एक ऐसा मामला सामने आया है जिसने सिस्टम में फैले भ्रष्टाचार की कड़वी सच्चाई को उजागर कर दिया है। करीब ₹14 लाख की लागत से कांस्य (Bronze) धातु से बनाई जाने वाली एक प्रतिमा को ठेकेदार और जिम्मेदारों ने सीमेंट और कंक्रीट से तैयार कर दिया। इतना ही नहीं, कलाकारी ऐसी दिखाई कि सीमेंट की मूर्ति पर कांस्य (ब्रास/ब्रॉन्ज) जैसा चमकदार रंग पेंट कर अधिकारियों और जनता की आंखों में धूल झोंक दी गई।

हालांकि, कुदरत के आगे यह फर्जीवाड़ा ज्यादा दिन टिक न सका। मानसून की पहली ही बारिश में जैसे ही मूर्ति पर पानी की बूंदें पड़ीं, ब्रॉन्ज पेंट उखड़ने लगा और अंदर छिपा सीमेंट का ढांचा बाहर आ गया। मूर्ति पर जगह-जगह दरारें भी दिखाई देने लगी हैं, जिसके बाद स्थानीय लोगों का गुस्सा फूट पड़ा है।

मूर्ति नहीं, यह तो सिस्टम की सच्चाई है! उठ रहे बड़े सवाल

बारिश के बाद मूर्ति का रंग उतरने और उसमें आई गहरी दरारें देखकर हर कोई दंग है। ₹14 लाख का बजट स्वीकृत होने के बावजूद कांस्य की जगह सीमेंट का इस्तेमाल करना केवल वित्तीय अनियमितता नहीं, बल्कि बड़ी धोखाधड़ी का मामला है।

  • गुणवत्ता जांच (Quality Audit) पर सवाल: जब प्रतिमा स्थापित की जा रही थी, तब संबंधित विभाग और इंजीनियरों ने इसकी गुणवत्ता और धातु की जांच क्यों नहीं की?

  • बजट की बंदरबांट: 14 लाख रुपये का बड़ा बजट आखिर किसकी जेब में गया? धातु की कीमत के पैसे वसूलकर सीमेंट का ढांचा खड़ा कर दिया गया।

  • ठेकेदार और अधिकारियों की सांठगांठ: लोगों का आरोप है कि बिना प्रशासनिक अधिकारियों की मिलीभगत के इतना बड़ा फर्जीवाड़ा संभव ही नहीं है।

जनता में भारी आक्रोश, सोशल मीडिया पर वायरल हुई तस्वीरें

सोशल मीडिया पर इस मूर्ति की तस्वीरें और वीडियो तेजी से वायरल हो रहे हैं। लोग तंज कसते हुए लिख रहे हैं— "यह केवल एक प्रतिमा नहीं है, बल्कि हमारे सिस्टम की खोखली और बदरंग हो चुकी सच्चाई है।"

स्थानीय नागरिकों और विभिन्न संगठनों ने इस मामले की उच्चस्तरीय जांच (High-Level Inquiry) कराने, दोषी ठेकेदार को ब्लैकलिस्ट करने और संबंधित लापरवाह अधिकारियों के खिलाफ कड़ी कानूनी व विभागीय कार्रवाई करने की मांग की है। मामला गरमाने के बाद अब स्थानीय प्रशासन हरकत में आया है और जांच के आदेश जारी करने की बात कह रहा है।

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