Study Abroad Fraud: कनाडा में पढ़ाई के नाम पर छात्रा से 12 लाख की ठगी, फर्जी ऑफर लेटर का खेल; उपभोक्ता आयोग ने सुनाया बड़ा फैसला

क्या आपने भी कनाडा या किसी अन्य देश में पढ़ाई करने का सपना देखा है? क्या कोई एजेंट या इमिग्रेशन कंसल्टेंसी आपको विदेशी कॉलेज में एडमिशन का पक्का भरोसा दे रही है? अगर हाँ, तो बेहद सावधान हो जाइए।. आपकी एक छोटी सी लापरवाही सालों की जमा-पूंजी और आपका करियर दोनों बर्बाद कर सकती है. हाल ही में एक 21 साल की छात्रा के साथ विदेश भेजने के नाम पर 12 लाख रुपये से ज्यादा की बड़ी धोखाधड़ी का मामला सामने आया है. उसे कनाडा के कॉलेज का बकायदा ऑफर लेटर दिया गया, लेकिन जब उसने खुद कॉलेज से संपर्क किया तो उसके पैरों तले जमीन खिसक गई. कनाडाई कॉलेज ने साफ कह दिया कि उनके रिकॉर्ड में छात्रा का कोई एडमिशन ही नहीं है. अब इस मामले पर चंडीगढ़ जिला उपभोक्ता आयोग ने ठगों के खिलाफ एक बड़ा और कड़ा फैसला सुनाया है.
विज्ञापन देखकर जाल में फंसी छात्रा, किस्तों में दिए 12.35 लाख
यह पूरा मामला आस्था सैनी नाम की एक छात्रा से जुड़ा है. उसने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म फेसबुक पर एक स्टडी वीजा और इमिग्रेशन कंसल्टेंसी का लुभावना विज्ञापन देखा था. विज्ञापन में दावा किया गया था कि यह फर्म छात्रों को कनाडा के टॉप कॉलेजों में एडमिशन और स्टूडेंट वीजा दिलाने में पूरी मदद करती है. झांसे में आकर छात्रा ने अप्रैल से अगस्त 2022 के बीच अलग-अलग किस्तों में कुल 12.35 लाख रुपये का भुगतान कर दिया. इसमें से कुछ रकम बैंक ट्रांसफर के जरिए दी गई और बाकी कैश (नकद) जमा कराया गया. बदले में कंसल्टेंसी ने उसे कॉलेज का ऑफिशियल दिखने वाला ऑफर लेटर और रसीदें भी सौंप दीं.
कनाडाई कॉलेज के एक ईमेल ने खोला फर्जीवाड़े का राज
कंसल्टेंसी की ओर से लगातार टालमटोल और वीजा प्रक्रिया में देरी होने पर छात्रा को शक हुआ. उसने सीधे कनाडा के संबंधित शिक्षण संस्थान को ईमेल भेजकर अपने एडमिशन की स्थिति जाननी चाही. कॉलेज की तरफ से आए जवाब ने सबको चौंका दिया. संस्थान ने लिखित में बताया कि उनके यहां इस नाम की किसी भी छात्रा का कोई रिकॉर्ड नहीं है और जो दस्तावेज उसे दिए गए हैं, वे पूरी तरह फर्जी और जाली हैं. ठगी का अहसास होने पर जब छात्रा ने कंसल्टेंसी से अपने पैसे वापस मांगे, तो उन्होंने रिफंड देने से साफ मना कर दिया.
उपभोक्ता आयोग सख्त: 9% ब्याज और मुआवजे के साथ रकम लौटाने का आदेश
कानूनी नोटिस का जवाब न मिलने पर पीड़ित छात्रा ने चंडीगढ़ जिला उपभोक्ता विवाद निवारण आयोग का दरवाजा खटखटाया. जिला उपभोक्ता आयोग ने मामले की गंभीरता को देखते हुए और कनाडाई कॉलेज के आधिकारिक ईमेल को सबूत मानते हुए दोनों आरोपी वीजा कंसलटेंट और उसके पूर्व कर्मचारी को दोषी पाया. आयोग ने सख्त आदेश देते हुए कहा कि आरोपी छात्रा को 12.35 लाख रुपये की पूरी रकम, भुगतान की तारीख से 9 फीसदी सालाना ब्याज के साथ वापस करें. इसके साथ ही छात्रा को हुई मानसिक प्रताड़ना और कानूनी खर्च के मुआवजे के रूप में 20,000 रुपये अतिरिक्त देने का निर्देश दिया गया है. यह पूरा भुगतान 45 दिनों के भीतर करना होगा.
विदेश में पढ़ाई के नाम पर होने वाले फ्रॉड से कैसे बचें?
अगर आप भी विदेशी यूनिवर्सिटी में दाखिला लेना चाहते हैं, तो इन जरूरी बातों का हमेशा ध्यान रखें ताकि ठगी का शिकार न होना पड़े:
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सीधे कॉलेज से करें पुष्टि: एजेंट से ऑफर लेटर या एडमिशन लेटर मिलने के बाद, संबंधित विदेशी कॉलेज की ऑफिशियल ईमेल आईडी या फोन नंबर पर संपर्क करके अपने क्रेडेंशियल्स की जांच जरूर करवाएं.
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ऑफिशियल पोर्टल पर चेक करें स्टेटस: एडमिशन लेने से पहले और बाद में कॉलेज की आधिकारिक वेबसाइट पर जाकर अपनी एप्लीकेशन का लाइव स्टेटस खुद ट्रैक करें.
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सीधे कॉलेज के खाते में भेजें फीस: किसी भी एजेंट या कंसल्टेंसी के पर्सनल या चालू खाते में कॉलेज की ट्यूशन फीस जमा न करें. फीस हमेशा कॉलेज के आधिकारिक बैंक अकाउंट या उनके ऑथराइज्ड पेमेंट गेटवे के जरिए ही ट्रांसफर करें.
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दस्तावेज और रसीदें रखें सुरक्षित: एजेंट को दिए गए एक-एक पैसे की रसीद, एग्रीमेंट कॉपी और व्हाट्सएप चैट जैसे जरूरी सबूत हमेशा संभालकर रखें.