Sunscreen Expiry Date: कितने दिनों में एक्सपायर हो जाती है सनस्क्रीन? डर्मेटोलॉजिस्ट की बताई इन 3 चेतावनियों को कभी न करें नजरअंदाज

लखनऊ। चिलचिलाती धूप, हानिकारक अल्ट्रावॉयलेट (UV) किरणों और समय से पहले आने वाली झुर्रियों से त्वचा की रक्षा करने के लिए सनस्क्रीन को सबसे बड़ा सुरक्षा कवच माना जाता है। डर्मेटोलॉजिस्ट (त्वचा रोग विशेषज्ञ) हर मौसम में सनस्क्रीन लगाने की सख्त सलाह देते हैं। लेकिन क्या आप जानते हैं कि आपकी पसंदीदा सनस्क्रीन भी एक निश्चित समय के बाद एक्सपायर हो जाती है? अक्सर लोग सालों-साल एक ही सनस्क्रीन ट्यूब का इस्तेमाल करते रहते हैं, यह सोचे बिना कि वह प्रभावी है भी या नहीं। त्वचा विशेषज्ञों के मुताबिक, एक्सपायर्ड सनस्क्रीन लगाने से त्वचा को कोई सुरक्षा नहीं मिलती, बल्कि इससे चेहरे पर गंभीर एलर्जी, रैशेज और पिंपल्स हो सकते हैं। आइए डॉक्टरों से सीधे समझते हैं कि सनस्क्रीन की शेल्फ लाइफ कितनी होती है और इसके खराब होने के क्या संकेत हैं।
कितने दिनों में एक्सपायर होती है सनस्क्रीन?
आमतौर पर, अधिकांश सनस्क्रीन की शेल्फ लाइफ (Shelf Life) निर्माण की तारीख से 2 से 3 साल तक की होती है। हालांकि, मेडिकल एक्सपर्ट्स के अनुसार, एक बार सनस्क्रीन की बोतल या ट्यूब को खोलने (Open) के बाद, उसकी प्रभावशीलता 12 महीने (1 साल) के भीतर धीरे-धीरे कम होने लगती है। एफडीए (FDA) के नियमों के मुताबिक भी सनस्क्रीन पर एक्सपायरी डेट होना अनिवार्य है, लेकिन अगर किसी कारणवश ट्यूब पर तारीख मिट गई है, तो उसे खरीदने के 3 साल बाद बिल्कुल इस्तेमाल नहीं करना चाहिए।
डर्मेटोलॉजिस्ट के अनुसार: सनस्क्रीन खराब होने के 3 मुख्य संकेत
यदि आपकी सनस्क्रीन में निम्नलिखित बदलाव दिखाई दें, तो उसे तुरंत कूड़ेदान में फेंक दें, क्योंकि वह एक्सपायर हो चुकी है:
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टेक्सचर और गाढ़ेपन में बदलाव (Separation of Ingredients): जब सनस्क्रीन खराब होने लगती है, तो उसमें मौजूद पानी और तेल या केमिकल अलग-अलग हो जाते हैं। अगर ट्यूब से सनस्क्रीन निकालते समय गाढ़ी क्रीम के बजाय पतला पानी जैसा लिक्विड या तेल पहले निकले, तो समझ जाएं कि यह इस्तेमाल के लायक नहीं बची है।
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रंग का बदल जाना (Change in Color): एक फ्रेश सनस्क्रीन का रंग आमतौर पर सफेद या हल्का सा टिंटेड होता है। लेकिन अगर आपकी सनस्क्रीन का रंग हल्का पीला, मटमैला या पारदर्शी होने लगा है, तो यह इस बात का साफ इशारा है कि इसके सक्रिय तत्व (Active Ingredients) पूरी तरह नष्ट हो चुके हैं।
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अजीब या अप्रिय गंध आना (Bad Odor): सनस्क्रीन में मौजूद प्रिजर्वेटिव्स जब समय के साथ बेअसर हो जाते हैं, तो उसमें बैक्टीरिया पनपने लगते हैं। यदि सनस्क्रीन से किसी भी तरह की अजीब, तीखी या केमिकल जैसी दुर्गंध आने लगे, तो उसे चेहरे पर लगाने की भूल कतई न करें।
एक्सपायर्ड सनस्क्रीन लगाने के गंभीर नुकसान और बचाव
डॉक्टरों के मुताबिक, खराब हो चुकी सनस्क्रीन लगाने से चेहरे की त्वचा सनबर्न (Sunburn) का शिकार हो सकती है, क्योंकि इसका SPF (सन प्रोटेक्शन फैक्टर) बेअसर हो जाता है। इसके अलावा, बंद रोमछिद्रों के कारण चेहरे पर भयंकर मुंहासे, रेडनेस और स्किन इन्फेक्शन का खतरा बढ़ जाता है। सनस्क्रीन को लंबे समय तक सुरक्षित रखने के लिए उसे कभी भी सीधी धूप, कार के डैशबोर्ड या बाथरूम जैसी नमी वाली जगहों पर न रखें। इसे हमेशा कमरे के सामान्य तापमान (Cool and Dry Place) पर ही स्टोर करें।