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IPL Auction : क्या मिचेल स्टार्क वाली लॉटरी अब नहीं लगेगी? विदेशी खिलाड़ियों की कमाई पर क्यों लगी 18 करोड़ की कैप

News India Live, Digital Desk : पिछले कुछ सालों में हमने IPL नीलामी में एक अजीब ट्रेंड देखा है। मिचेल स्टार्क को 24.75 करोड़ मिल रहे हैं और पैट कमिंस को 20 करोड़, जबकि हमारी अपनी टीम इंडिया के सुपरहीरो जैसे जसप्रीत बुमराह या विराट कोहली जो अपनी टीमों के लिए जान लगा देते हैं, उन्हें उनसे कम पैसे (रिटेंशन अमाउंट) मिलते हैं। फैंस को यह बात हमेशा खटकती थी कि विदेशी खिलाड़ी, जो सिर्फ दो महीने के लिए आते हैं, वे भारतीय दिग्गजों से ज्यादा पैसा कैसे ले जाते हैं?खैर, BCCI ने अब इस “नाइंसाफी” और “विदेशी खिलाड़ियों की चालाकी” को पकड़ने का पूरा इंतज़ाम कर लिया है। IPL 2026 के लिए नियमों में एक बड़ा बदलाव किया गया है जो काफी दिलचस्प है।क्या है यह नया नियम? (The 18 Crore Cap Rule)IPL 2026 के नीलामी (मिनी ऑक्शन) नियमों के मुताबिक, किसी भी विदेशी खिलाड़ी को 18 करोड़ रुपये (या उस सीजन के सबसे महंगे रिटेन किए गए खिलाड़ी की कीमत) से ज्यादा फीस नहीं मिल सकती।अब आप पूछेंगे कि सिर्फ़ 18 करोड़ ही क्यों? दरअसल, जब ‘मेगा ऑक्शन’ (बड़ी नीलामी) होती है, तो टीमों ने अपने सबसे बेहतरीन खिलाड़ी (Top Retention) को 18 करोड़ रुपये में रिटेन किया होता है। BCCI का मानना है कि जो खिलाड़ी नीलामी में आ रहा है, उसकी वैल्यू उस टीम के ‘टॉप खिलाड़ी’ से ज्यादा नहीं हो सकती।खिलाड़ी क्या ‘खेल’ खेलते थे?बीसीसीआई को यह नियम इसलिए लाना पड़ा क्योंकि विदेशी खिलाड़ी बहुत होशियार हो गए थे। वे जानबूझकर ‘मेगा ऑक्शन’ (बड़ी नीलामी) से अपना नाम वापस ले लेते थे या रजिस्टर नहीं करते थे।उन्हें पता था कि मेगा ऑक्शन में टीमों के पास पर्स (बजट) कम होता है और खिलाड़ी ज़्यादा होते हैं, इसलिए वहां बड़ा भाव नहीं मिलेगा।वे अगले साल ‘मिनी ऑक्शन’ (छोटी नीलामी) में आते थे, जहाँ टीमों के पास पैसा ज़्यादा होता था और खिलाड़ी कम। वहां उनकी मुंह मांगी बोली (20-25 करोड़) लग जाती थी।BCCI ने कहा— “यह चालाकी अब नहीं चलेगी।” अब अगर आपने मेगा ऑक्शन छोड़कर मिनी ऑक्शन में पैसा बनाने की कोशिश की, तो आपको झटका लगेगा।अगर 20 करोड़ की बोली लगी तो? (Where goes the extra money?)यह हिस्सा सबसे मजेदार है। मान लीजिये नीलामी में दो टीमों के बीच जंग छिड़ गई और किसी विदेशी खिलाड़ी का भाव 25 करोड़ रुपये तक पहुंच गया।खिलाड़ी को मिलेगा: सिर्फ़ 18 करोड़ रुपये।बाकी के 7 करोड़: BCCI के खाते में चले जाएंगे (जिसे ‘गैस एण्ड ऑयल’ फंड या प्लेयर वेलफेयर के लिए इस्तेमाल किया जाएगा)।मतलब टीम के पर्स से तो 25 करोड़ कटेंगे, लेकिन खिलाड़ी की जेब में 18 से ज्यादा नहीं आएंगे।

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