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US-Iran सीजफायर और पाकिस्तान की मध्यस्थता शशि थरूर के बयान का सच ,कांग्रेस सांसद ने जताई नाराजगी

News India Live, Digital Desk:अमेरिका और ईरान के बीच हाल ही में हुए युद्ध विराम (Ceasefire) को लेकर भारतीय राजनीति में एक नया विवाद खड़ा हो गया है। सोशल मीडिया पर कांग्रेस सांसद शशि थरूर का एक वीडियो तेजी से वायरल हो रहा है, जिसमें वे पाकिस्तान द्वारा की गई मध्यस्थता की तारीफ करते और भारत सरकार की आलोचना करते नजर आ रहे हैं। हालांकि, शशि थरूर ने खुद सामने आकर इस वीडियो को पूरी तरह से ‘फेक’ और ‘डीपफेक’ करार दिया है। उन्होंने स्पष्ट किया कि उन्होंने कभी भी पाकिस्तान की तारीफ में ऐसे शब्द नहीं कहे।डीपफेक वीडियो का सच: क्या है वायरल क्लिप में?वायरल हो रहे AI-जनरेटेड वीडियो में शशि थरूर को यह कहते हुए दिखाया गया है कि पाकिस्तान वैश्विक शांति का केंद्र बन रहा है, जबकि भारत ‘धुरंधर 2’ जैसी फिल्मों में व्यस्त है। इस वीडियो के सामने आने के बाद थरूर ने ‘X’ (ट्विटर) पर पोस्ट कर नाराजगी जताई। उन्होंने लिखा, “मेरे कई डीपफेक वीडियो प्रसारित हो रहे हैं, जिनमें एआई-जनरेटेड आवाज का इस्तेमाल कर पुरानी क्लिप्स पर ऐसी बातें कहवाई जा रही हैं जो मैंने कभी नहीं कहीं। यह बेहद निराशाजनक है कि लोग इन झूठों पर विश्वास कर रहे हैं।”शशि थरूर का असली स्टैंड: ‘मैं खुश नहीं हो सकता’वास्तव में, शशि थरूर ने 26 मार्च और 9 अप्रैल को दिए बयानों में भारत सरकार की ‘चुप्पी’ पर सवाल उठाए थे, लेकिन उन्होंने पाकिस्तान की प्रशंसा नहीं की। उन्होंने कहा था:”यह हमारे लिए थोड़ा शर्मनाक है कि भारत, जिसके दोनों देशों (अमेरिका और ईरान) के साथ अच्छे संबंध हैं, वह मध्यस्थता में आगे नहीं रहा।””जब पाकिस्तान, तुर्की और मिस्र जैसे देश शांति प्रयासों का नेतृत्व कर रहे हैं, तो मैं इससे खुश नहीं हो सकता (I can’t be happy about that)।”उन्होंने उम्मीद जताई थी कि भारत अपनी ‘विश्वगुरु’ की छवि के अनुरूप इस संकट को सुलझाने में बड़ी भूमिका निभाएगा।भारत सरकार का रुख: सीजफायर का स्वागत, लेकिन…भारत सरकार के विदेश मंत्रालय (MEA) ने 8 अप्रैल को अमेरिका-ईरान के बीच हुए 2 सप्ताह के युद्ध विराम का औपचारिक रूप से स्वागत किया है। हालांकि, भारत ने अपने बयान में पाकिस्तान का नाम लेने से परहेज किया। विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता रणधीर जायसवाल ने कहा कि भारत हमेशा से शांति, संवाद और कूटनीति का पक्षधर रहा है और उम्मीद है कि इससे हॉर्मुज जलडमरूमध्य में व्यापारिक जहाजों की आवाजाही सुगम होगी। भारत के लिए प्राथमिकता अपने 1 करोड़ प्रवासियों की सुरक्षा और ऊर्जा आपूर्ति सुनिश्चित करना है।पाकिस्तान की भूमिका और ट्रंप का दांवपाकिस्तान के प्रधानमंत्री शहबाज शरीफ ने घोषणा की है कि इस्लामाबाद 10 अप्रैल से अमेरिका और ईरान के बीच आधिकारिक शांति वार्ता की मेजबानी करेगा। अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने भी इस सफलता के लिए पाकिस्तान को क्रेडिट दिया है। विशेषज्ञों का मानना है कि भारत की नीति हमेशा से द्विपक्षीय रही है और वह तीसरे पक्ष की मध्यस्थता (Third-party mediation) में शामिल होने से बचता रहा है, यही वजह है कि भारत ने इस पूरी प्रक्रिया में एक सुरक्षित दूरी बनाए रखी।

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