West Bengal Election 2026 : महिला आरक्षण बिल बना बीजेपी का ब्रह्मास्त्र, पीएम मोदी ने ममता के गढ़ में दी नारी शक्ति को गारंटी

News India Live, Digital Desk: पश्चिम बंगाल विधानसभा चुनाव 2026 के लिए सियासी पारा अपने चरम पर है। इस बीच, प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने बंगाल की धरती से एक बड़ा चुनावी दांव खेलते हुए ‘महिला आरक्षण बिल’ (नारी शक्ति वंदन अधिनियम) को केंद्र में रखा है। कूचबिहार की रैली में पीएम मोदी ने स्पष्ट किया कि बीजेपी सरकार बंगाल की हर ‘बहन-बेटी’ के सम्मान और समृद्धि के लिए प्रतिबद्ध है। उन्होंने जोर देकर कहा कि लोकसभा और विधानसभाओं में महिलाओं को 33% आरक्षण देने का जो कानून उनकी सरकार ने बनाया है, उसका सीधा फायदा 2029 के चुनावों से मिलने लगेगा।बंगाल की ‘शक्ति पूजा’ और बीजेपी का ‘आउटरीच’ प्लानपीएम मोदी ने अपने संबोधन में बंगाल को ‘शक्ति पूजा’ की धरती बताते हुए महिलाओं से भावनात्मक जुड़ाव बनाने की कोशिश की। उन्होंने कहा कि देश की 3 करोड़ महिलाओं को ‘लखपति दीदी’ बनाने के बाद अब अगला लक्ष्य नीति-निर्धारण में उनकी भूमिका बढ़ाना है। बीजेपी इस चुनाव में संदेशखाली जैसी घटनाओं का जिक्र कर महिला सुरक्षा के मुद्दे पर सत्तारूढ़ तृणमूल कांग्रेस (TMC) को घेर रही है। महिला आरक्षण बिल के जरिए बीजेपी यह संदेश देना चाहती है कि वह न केवल सुरक्षा, बल्कि राजनीतिक सशक्तिकरण के मामले में भी महिलाओं की सबसे बड़ी हितैषी है।16-18 अप्रैल: संसद का विशेष सत्र और आरक्षण का नया फॉर्मूलासूत्रों के अनुसार, महिला आरक्षण को धरातल पर उतारने की दिशा में सरकार ने 16, 17 और 18 अप्रैल को संसद का विशेष सत्र बुलाने का निर्णय लिया है। इस सत्र में आरक्षण को लागू करने से जुड़ी महत्वपूर्ण प्रक्रियाओं और परिसीमन (Delimitation) के फॉर्मूले पर चर्चा की जाएगी। चर्चा है कि 2011 की जनगणना को आधार बनाकर लोकसभा की सीटों में बढ़ोतरी की जा सकती है, जिससे 33% आरक्षण का रास्ता और साफ हो जाएगा। पीएम मोदी ने अपने लेखों में भी इसे ‘करोड़ों महिलाओं की आकांक्षाओं का प्रतिबिंब’ बताया है।ममता के ‘महिला वोट बैंक’ में सेंध लगाने की तैयारीपश्चिम बंगाल में महिला मतदाता हमेशा से मुख्यमंत्री ममता बनर्जी की ताकत रही हैं। ‘लक्ष्मी भंडार’ जैसी योजनाओं के जरिए TMC ने इस वर्ग पर अपनी पकड़ मजबूत रखी है। हालांकि, बीजेपी अब ‘नारी शक्ति वंदन अधिनियम’ और 2029 से आरक्षण लागू करने की गारंटी के साथ इस वोट बैंक में बड़ी सेंध लगाने की कोशिश कर रही है। पीएम मोदी ने अपील की है कि बंगाल में बदलाव की जिम्मेदारी यहां के युवाओं और माताओं-बहनों के कंधों पर है, जो राज्य के गौरव को वापस लाने में सक्षम हैं।