West Bengal Malda Protest : मालदा हिंसा का ‘मास्टरमाइंड मोफक्करुल इस्लाम बागडोगरा एयरपोर्ट से गिरफ्तार

News India Live, Digital Desk: पश्चिम बंगाल के मालदा में हाल ही में हुई भीषण हिंसा और न्यायिक अधिकारियों को बंधक बनाए जाने के मामले में पुलिस को एक बड़ी सफलता हाथ लगी है। इस पूरे बवाल का मुख्य साजिशकर्ता और मास्टरमाइंड माना जाने वाला मोफक्करुल इस्लाम आखिरकार कानून के शिकंजे में आ गया है। सिलीगुड़ी के बागडोगरा एयरपोर्ट से उसे उस वक्त दबोचा गया जब वह राज्य छोड़कर भागने की कोशिश कर रहा था। उसकी गिरफ्तारी से इस पूरे घटनाक्रम के पीछे की गहरी साजिश के परदाफाश होने की उम्मीद जताई जा रही है।बागडोगरा एयरपोर्ट पर बिछाया गया जालमोफक्करुल इस्लाम, जो कि पूर्व में एआईएमआईएम (AIMIM) का उम्मीदवार भी रह चुका है, मालदा हिंसा के बाद से ही पुलिस की रडार पर था। पुलिस को गुप्त सूचना मिली थी कि वह बागडोगरा एयरपोर्ट से उड़ान भरकर कहीं दूर निकलने की योजना बना रहा है। बिना देरी किए पुलिस की टीम ने एयरपोर्ट पर घेराबंदी की और उसे धर दबोचा। सोशल मीडिया पर वायरल हुए वीडियो में मोफक्करुल प्रशासन को चुनौती देते हुए देखा गया था, जिसके बाद से उसकी तलाश तेज कर दी गई थी।जजों को बनाया था बंधक, सुप्रीम कोर्ट ने भी जताई थी नाराजगीमालदा के कालियाचक में मतदाता सूची (SIR) के संशोधन कार्य के दौरान भारी हिंसा भड़की थी। उग्र भीड़ ने काम कर रहे 7 न्यायिक अधिकारियों (जजों) को कई घंटों तक बंधक बनाकर रखा था। इस घटना पर सुप्रीम कोर्ट ने भी कड़ा रुख अख्तियार किया और इसे कानून-व्यवस्था की ‘पूर्ण विफलता’ करार दिया। कोर्ट ने पश्चिम बंगाल सरकार के मुख्य सचिव और डीजीपी को कारण बताओ नोटिस भी जारी किया है। आरोप है कि मोफक्करुल ने ही उस भीड़ को उकसाया और अधिकारियों को डराने-धमकाने का काम किया था।मतदाता सूची में नाम कटने को लेकर शुरू हुआ था बवालमालदा के माताबाड़ी इलाके में करीब 2.10 लाख वोटर्स हैं, जिनमें से 42 हजार लोगों के नाम वोटर लिस्ट से कट जाने की खबर के बाद विरोध प्रदर्शन शुरू हुआ था। यह प्रदर्शन देखते ही देखते हिंसक हो गया, जिसमें सरकारी संपत्तियों को नुकसान पहुंचाया गया और अधिकारियों को निशाना बनाया गया। पुलिस अब तक इस मामले में 30 से ज्यादा लोगों को गिरफ्तार कर चुकी है, लेकिन मोफक्करुल की गिरफ्तारी को सबसे बड़ी उपलब्धि माना जा रहा है क्योंकि वह इस भीड़ का नेतृत्व कर रहा था।चुनाव से पहले बंगाल में बढ़ा सियासी पारा2026 के विधानसभा चुनावों से ठीक पहले हुई इस हिंसा ने राज्य की राजनीति को गरमा दिया है। मुख्यमंत्री ममता बनर्जी ने जहां जनता से कानून हाथ में न लेने की अपील की है, वहीं विपक्षी दल सुरक्षा व्यवस्था पर सवाल उठा रहे हैं। मोफक्करुल इस्लाम की गिरफ्तारी के बाद अब पुलिस यह जांच कर रही है कि इस हिंसा के पीछे किन-किन राजनीतिक ताकतों का हाथ था और क्या यह चुनाव से पहले शांति भंग करने की कोई पूर्व-नियोजित साजिश थी।