Women’s Reservation: क्या 2027 के यूपी चुनाव में मिलेगा महिलाओं को 33% आरक्षण? केंद्र सरकार का बड़ा दांव

News India Live, Digital Desk: मार्च 2026 में चल रहे संसद के बजट सत्र के दौरान यह खबर चर्चा का केंद्र बनी हुई है कि केंद्र सरकार महिला आरक्षण को जल्द से जल्द जमीन पर उतारना चाहती है। इसके लिए 106वें संविधान संशोधन अधिनियम में बदलाव कर उस क्लॉज (धारा) को हटाया जा सकता है, जो आरक्षण को अगली जनगणना और परिसीमन के बाद लागू करने की शर्त रखता है।2027 के चुनावों पर नजर (Focus on UP & Uttarakhand)सरकार की योजना है कि यदि विपक्ष के साथ सहमति बनती है, तो महिला आरक्षण को 2027 में होने वाले उत्तर प्रदेश और उत्तराखंड विधानसभा चुनावों से ही प्रभावी कर दिया जाए:संशोधन की तैयारी: संसदीय कार्य मंत्री किरेन रिजिजू ने इस मुद्दे पर विपक्षी दलों (जैसे कांग्रेस) से बातचीत शुरू कर दी है।लॉटरी सिस्टम की चर्चा: परिसीमन न होने की स्थिति में, सीटों का चयन करने के लिए ‘लॉटरी सिस्टम’ अपनाने पर विचार किया जा रहा है, ताकि पारदर्शी तरीके से एक-तिहाई सीटें महिलाओं के लिए आरक्षित की जा सकें।विपक्ष की मांग: कांग्रेस, टीएमसी और डीएमके जैसे दल पहले ही इसे बिना किसी शर्त (बिना जनगणना/परिसीमन के) तुरंत लागू करने की मांग कर रहे थे। ऐसे में सरकार के इस कदम पर आम सहमति बनने की प्रबल संभावना है।अभी क्या है कानूनी स्थिति? (Current Status)सितंबर 2023 में पास हुए मूल कानून के अनुसार:शर्त: आरक्षण केवल तभी लागू हो सकता था जब नई जनगणना के आंकड़े आ जाएं और उसके आधार पर सीटों का परिसीमन (सीमा निर्धारण) हो जाए।जनगणना अपडेट: भारत की अगली जनगणना फरवरी 2027 में पूरी होने की उम्मीद है, जिसके बाद परिसीमन में 2030-32 तक का समय लग सकता था।लक्ष्य 2029: पहले इसे 2029 के लोकसभा चुनावों के लिए लक्षित किया गया था, लेकिन अब सरकार इसे 2027 के राज्य चुनावों से शुरू करना चाहती है।सुप्रीम कोर्ट में भी पहुँचा मामलाहाल ही में (9 मार्च 2026) सुप्रीम कोर्ट ने एक जनहित याचिका (PIL) पर केंद्र सरकार को नोटिस जारी कर चार सप्ताह में जवाब मांगा है। इस याचिका में मांग की गई है कि महिला आरक्षण को लागू करने में और देरी न की जाए। कोर्ट की इस सक्रियता ने भी सरकार पर दबाव बढ़ाया है।यूपी की राजनीति पर क्या होगा असर?उत्तर प्रदेश विधानसभा में कुल 403 सीटें हैं। यदि 33% आरक्षण लागू होता है, तो लगभग 133-134 सीटें महिलाओं के लिए आरक्षित हो जाएंगी। यह न केवल प्रदेश की राजनीति की दिशा बदल देगा, बल्कि महिला उम्मीदवारों के लिए एक ऐतिहासिक अवसर भी होगा।