मनोरंजन

Zee Real Heroes Award 2026 : पर्दे के नहीं, असली नायकों को मिला सम्मान ,मनोज मुंतशिर की मौजूदगी में ज़ी मीडिया ने मनाया बदलाव का जश्न

News India Live, Digital Desk: समाज में बिना किसी शोर-शराबे के बदलाव लाने वाले गुमनाम नायकों को सम्मानित करने के लिए ‘ज़ी मीडिया’ (Zee Media) ने एक भव्य कार्यक्रम ‘ज़ी रियल हीरोज अवॉर्ड्स 2026’ का आयोजन किया। इस गरिमामयी समारोह में उन ‘रियल लाइफ हीरोज’ की प्रेरक कहानियों को दुनिया के सामने लाया गया, जिन्होंने विपरीत परिस्थितियों के बावजूद दूसरों की सेवा और सामाजिक कल्याण के लिए अपनी जिंदगी समर्पित कर दी।1. दिग्गजों की मौजूदगी में ‘बदलाव’ का सलामसमारोह में मनोरंजन, कला और साहित्य जगत की नामचीन हस्तियों ने शिरकत की। मशहूर गीतकार और लेखक मनोज मुंतशिर और कोरोना काल में लाखों लोगों के लिए मसीहा बनकर उभरे अभिनेता सोनू सूद मुख्य अतिथि के तौर पर मौजूद रहे। इन दिग्गजों ने विजेताओं को सम्मानित करते हुए उनके कार्यों की सराहना की।2. कौन हैं ये ‘रियल हीरोज’?ज़ी रियल हीरोज अवॉर्ड्स का मुख्य उद्देश्य उन लोगों को पहचान दिलाना है जो मुख्यधारा की मीडिया की सुर्खियों से दूर ग्रामीण इलाकों और झुग्गियों में काम कर रहे हैं। इस साल सम्मानित होने वाले नायकों में शामिल हैं:शिक्षा के दूत: वे शिक्षक जिन्होंने सुदूर गांवों में बच्चों को मुफ्त शिक्षा देने के लिए तकनीक और संसाधनों की कमी को आड़े नहीं आने दिया।पर्यावरण रक्षक: वे लोग जिन्होंने बंजर जमीन पर जंगल उगा दिए या जल संरक्षण के लिए अपना पूरा जीवन लगा दिया।स्वास्थ्य सेवा के सिपाही: ग्रामीण इलाकों में स्वास्थ्य सुविधाएं पहुंचाने वाले समाजसेवी।3. मनोज मुंतशिर और सोनू सूद ने क्या कहा?गीतकार मनोज मुंतशिर ने कार्यक्रम के दौरान कहा कि “असली नायक वह नहीं जो पर्दे पर अभिनय करता है, बल्कि वह है जो समाज की पीड़ा को अपनी पीड़ा समझता है।” वहीं, सोनू सूद ने अपना अनुभव साझा करते हुए कहा कि जब आप किसी की मदद करते हैं, तो वह खुशी किसी भी अवॉर्ड से बड़ी होती है। ज़ी मीडिया की इस पहल ने उन लोगों को हौसला दिया है जो निस्वार्थ भाव से काम कर रहे हैं।4. ज़ी मीडिया की अनूठी पहलज़ी मीडिया का यह अवॉर्ड शो महज एक कार्यक्रम नहीं, बल्कि उन लोगों के प्रति आभार व्यक्त करने का एक जरिया है जो भारत के भविष्य को बेहतर बनाने में जुटे हैं। ज़ी न्यूज़ के इस मंच ने यह संदेश दिया कि बदलाव लाने के लिए नाम या रसूख की नहीं, बल्कि नेक इरादों की जरूरत होती है।

Back to top button