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क्या कोलेजन की कमी से सचमुच होती हैं झुर्रियां? जानिए त्वचा विशेषज्ञों की इस पर क्या है राय

उम्र बढ़ने के साथ-साथ चेहरे पर आने वाली झुर्रियां, महीन रेखाएं और त्वचा का ढीला पड़ना हम सभी के लिए चिंता का विषय बन जाता है। लोग अक्सर अपनी त्वचा की जवानी और कसावट को बनाए रखने के लिए तरह-तरह की महंगी क्रीम, सीरम और एंटी-एजिंग उत्पादों का इस्तेमाल करते हैं, लेकिन क्या आपने कभी सोचा है कि इसके पीछे असल जैविक वजह क्या होती है? त्वचा रोग विशेषज्ञों (Dermatologists) के अनुसार, हमारी त्वचा की सेहत और खूबसूरती पूरी तरह से एक खास प्रोटीन पर टिकी होती है, जिसे कोलेजन कहा जाता है। आइए जानते हैं कि डॉक्टरों का इस बारे में क्या कहना है और क्या वाकई कोलेजन की कमी से चेहरे पर झुर्रियां पड़ती हैं।

क्या है कोलेजन और यह त्वचा के लिए क्यों है जरूरी?

डर्मेटोलॉजिस्ट बताते हैं कि कोलेजन हमारे शरीर में पाया जाने वाला सबसे प्रचुर मात्रा में मौजूद प्रोटीन है, जो एक 'ग्लू' की तरह काम करता है जो त्वचा, हड्डियों, मांसपेशियों और स्नायुओं को बांधकर रखता है। त्वचा की ऊपरी परत के नीचे डर्मिस (Dermis) नामक हिस्सा होता है, जो 75 से 80 प्रतिशत तक कोलेजन से बना होता है। यही प्रोटीन हमारी त्वचा को मजबूती, लोच (Elasticity), कसावट और नमी प्रदान करता है। जब तक शरीर में कोलेजन भरपूर मात्रा में बनता रहता है, तब तक त्वचा टाइट, चमकदार और युवा नजर आती है।

कोलेजन की कमी और झुर्रियों का सीधा कनेक्शन

जैसे-जैसे हमारी उम्र बढ़ने लगती है (विशेषकर 20 के दशक के बाद से), हमारे शरीर में प्राकृतिक रूप से कोलेजन का उत्पादन हर साल लगभग 1 से 1.5 प्रतिशत की दर से कम होने लगता है। इसके अलावा खराब खानपान, अत्यधिक धूप में रहना (UV Rays), प्रदूषण, धूम्रपान और मानसिक तनाव भी कोलेजन के टूटने की प्रक्रिया को तेज कर देते हैं। डॉक्टरों का कहना है कि जब त्वचा के नीचे से यह सपोर्ट सिस्टम कमजोर होने लगता है, तो त्वचा अपनी लोच खो देती है और वह भीतर की तरफ धंसने लगती है, जिसके परिणामस्वरूप चेहरे पर झुर्रियां, फाइन लाइन्स और गालों का ढीलापन साफ तौर पर दिखाई देने लगता है।

कोलेजन घटने के अन्य शारीरिक संकेत

केवल झुर्रियां ही नहीं, बल्कि शरीर में कोलेजन की कमी होने पर त्वचा और स्वास्थ्य से जुड़े कई अन्य लक्षण भी सामने आने लगते हैं। त्वचा बहुत अधिक रूखी और बेजान महसूस होने लगती है, घाव भरने की गति धीमी हो जाती है, जोड़ों में दर्द और अकड़न की समस्या शुरू हो जाती है, तथा बाल और नाखून भी कमजोर होकर टूटने लगते हैं। यह सभी लक्षण इस बात का संकेत होते हैं कि शरीर में इस महत्वपूर्ण प्रोटीन का स्तर तेजी से गिर रहा है।

प्राकृतिक रूप से कोलेजन का स्तर कैसे बढ़ाएं?

त्वचा विशेषज्ञ सलाह देते हैं कि उम्र के साथ कम होने वाले कोलेजन की भरपाई के लिए अपनी जीवनशैली और खानपान में सुधार करना बहुत जरूरी है। अपने आहार में विटामिन सी से भरपूर चीजें (जैसे आंवला, संतरा, नींबू), अंडे की सफेदी, हरी पत्तेदार सब्जियां, नट्स, और ओमेगा-3 फैटी एसिड को शामिल करें। विटामिन सी शरीर में कोलेजन के प्राकृतिक संश्लेषण (Synthesis) को बढ़ावा देता है। इसके अलावा, रोजाना पर्याप्त पानी पिएं, धूप में निकलते समय सनस्क्रीन का इस्तेमाल करें और अत्यधिक चीनी खाने से बचें, क्योंकि चीनी कोलेजन के तंतुओं को नुकसान पहुंचाती है।

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