अफ़ग़ानिस्तान में कुदरत का कहर ,आसमान से बरसी मौत, पानी के सैलाब में बह गए कई घर, 17 की गई जान

News India Live, Digital Desk : दुनिया के कई देशों की तरह अफगानिस्तान भी इस समय मौसम के बिगड़े मिजाज का सामना कर रहा है। अफगानिस्तान में पहले से ही लोग कई चुनौतियों से जूझ रहे हैं और अब इस नई आफत यानी बाढ़ (Flash Floods) ने उनके दुखों को और बढ़ा दिया है। खबरों के मुताबिक, पिछले कुछ घंटों में हुई भारी बारिश के कारण पहाड़ों से पानी इतना तेज नीचे आया कि गांवों और बस्तियों को अपनी चपेट में ले लिया।ताश की पत्तों की तरह ढह गए मकानअफगानिस्तान के कई इलाकों में मकान कच्चे और मिट्टी के बने होते हैं। जैसे ही मूसलाधार बारिश हुई, ये कमजोर ढांचे पानी का दबाव नहीं झेल पाए। स्थानीय रिपोर्ट्स की मानें तो 17 लोगों की मौत की पुष्टि हो चुकी है, जिनमें बच्चे और बुजुर्ग भी शामिल हैं। मलबे के नीचे दबे लोगों को निकालने की कोशिश की जा रही है, लेकिन खराब रास्तों और लगातार बारिश की वजह से राहत बचाव का काम (Rescue Operation) बेहद चुनौतीपूर्ण हो गया है।किसानों और पशुओं का बड़ा नुकसानअफगानिस्तान की अर्थव्यवस्था का एक बड़ा हिस्सा खेती-बाड़ी पर टिका है। बाढ़ के इस पानी ने केवल घरों को ही नहीं, बल्कि हजारों एकड़ फसल को भी बर्बाद कर दिया है। बड़ी संख्या में पशु (Lifestock) बह गए हैं, जो वहाँ के गरीब परिवारों के लिए कमाई का मुख्य जरिया थे। अब हालात ऐसे हैं कि जिनके पास सिर छुपाने को छत थी, वे आज खुले आसमान के नीचे रहने को मजबूर हैं।मदद की गुहारहर तरफ कीचड़ और मलबे का ढेर लगा हुआ है। अस्पताल घायलों से भरे हुए हैं, लेकिन दवाओं और जरूरी चीजों की कमी साफ़ देखी जा सकती है। स्थानीय प्रशासन ने लोगों से अपील की है कि वे नदियों और पहाड़ी इलाकों के करीब न जाएं, क्योंकि अगले कुछ घंटों में और भी बारिश होने का अनुमान है।यह मंजर हमें फिर से याद दिलाता है कि मौसम के बदलाव और प्राकृतिक आपदाओं के सामने इंसान कितना लाचार है। फिलहाल, पूरी दुनिया इस मुश्किल घड़ी में अफगानी जनता की सलामती की दुआ कर रही है।