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अमेरिका के बोस्टन में तेलंगाना की 23 वर्षीय छात्रा श्रीजा रेड्डी लापता: शाम को टहलने निकली और नहीं लौटी

उच्च शिक्षा का सपना लेकर सात समंदर पार संयुक्त राज्य अमेरिका गई भारत की एक और होनहार बेटी के अचानक लापता होने से हड़कंप मच गया है। अमेरिका के मैसाचुसेट्स राज्य की राजधानी बोस्टन में पढ़ाई कर रही तेलंगाना की 23 वर्षीय छात्रा श्रीजा रेड्डी पिछले पांच दिनों से रहस्यमय परिस्थितियों में लापता हैं। मिली जानकारी के अनुसार, श्रीजा शाम के समय अपने अपार्टमेंट से रोजाना की तरह सामान्य वॉक यानी टहलने के लिए बाहर निकली थीं, जिसके बाद से वे वापस अपने कमरे पर नहीं लौटीं। उनका मोबाइल फोन लगातार स्विच ऑफ आ रहा है और उनसे किसी भी प्रकार का संपर्क नहीं हो पा रहा है। इस दर्दनाक घटना की जानकारी मिलते ही बोस्टन पुलिस विभाग हरकत में आ गया है और पूरे इलाके में उनकी तलाश के लिए एक औपचारिक सर्च ऑपरेशन और पब्लिक अलर्ट जारी किया गया है।

श्रीजा के इस तरह अचानक गायब हो जाने से अमेरिका में रह रहे भारतीय छात्र समुदाय और प्रवासी भारतीयों के बीच गहरी चिंता और बेचैनी फैल गई है। बोस्टन जैसे बड़े और व्यस्त शहर में एक भारतीय छात्रा का लगातार कई दिनों तक कोई सुराग न मिलना कई अनसुलझे सवाल खड़े कर रहा है। स्थानीय जांच एजेंसियों ने उनके संभावित रूट, फोन के अंतिम नेटवर्क टावर और नजदीकी सीसीटीवी कैमरों की फुटेज की पड़ताल तेज कर दी है। पुलिस ने शहर के नागरिकों और स्थानीय समुदाय से अपील की है कि यदि किसी को भी श्रीजा के बारे में कोई सुराग मिले तो वे तुरंत आपातकालीन नंबरों पर इसकी सूचना साझा करें।

नलगोंडा के शब्दुल्लापुरम गांव की रहने वाली हैं श्रीजा, डेढ़ साल पहले उच्च शिक्षा के लिए गई थीं अमेरिका

लापता छात्रा की पहचान श्रीजा रेड्डी के रूप में हुई है, जो मूल रूप से दक्षिण भारतीय राज्य तेलंगाना के नलगोंडा जिले के कनागल मंडल अंतर्गत आने वाले शब्दुल्लापुरम गांव की निवासी हैं। एक मध्यमवर्गीय परिवार से ताल्लुक रखने वाली श्रीजा बेहद मेधावी छात्रा रही हैं। अपने उज्ज्वल भविष्य और करियर को नई ऊंचाइयों पर ले जाने के लिए उन्होंने करीब डेढ़ साल पहले अमेरिका का रुख किया था। बोस्टन के एक प्रतिष्ठित शैक्षणिक संस्थान में पोस्ट ग्रेजुएशन की पढ़ाई करने के साथ-साथ वे अपने खर्चों को पूरा करने और अनुभव हासिल करने के लिए स्थानीय स्तर पर एक पार्ट-टाइम नौकरी भी कर रही थीं।

श्रीजा के पिता कोया यदागिरी रेड्डी ने तेलंगाना में मीडिया से बातचीत करते हुए अपनी असहनीय पीड़ा साझा की। उन्होंने भारी मन से बताया कि उनकी बेटी पिछले डेढ़ साल से बोस्टन में रहकर पूरी लगन से पढ़ाई कर रही थी। कुछ ही महीने पहले वह छुट्टियों में भारत आई थी और नलगोंडा में अपने माता-पिता और परिजनों के साथ एक पूरा महीना बिताकर वापस अमेरिका लौटी थी। उस समय किसी ने सपने में भी नहीं सोचा था कि अमेरिका लौटने के कुछ ही समय बाद ऐसा भयानक दिन देखना पड़ेगा। परिवार के अनुसार, श्रीजा बेहद अनुशासित और जिम्मेदार लड़की है और वह बिना बताए कभी कहीं नहीं जाती थी।

2 नवंबर की शाम एक किलोमीटर दूर तक चलने के बाद कटी संपर्क की डोर, काले रंग की जैकेट में देखी गई थीं आखिरी बार

श्रीजा के पिता द्वारा दर्ज कराई गई जानकारी और दोस्तों के बयानों के आधार पर पूरे घटनाक्रम की कड़ी जोड़ी जा रही है। 2 नवंबर को श्रीजा सामान्य दिनों की तरह कॉलेज गई थीं। अपनी कक्षाएं समाप्त करने के बाद वे दोपहर में अपने कमरे पर सुरक्षित वापस लौटीं। शाम के समय उन्होंने थोड़ा तरोताजा होने के लिए बाहर टहलने जाने का फैसला किया। कमरे से निकलते समय उन्होंने काले रंग की विंटर जैकेट और नीली जींस पहन रखी थी। प्रत्यक्षदर्शियों और शुरुआती तकनीकी विश्लेषण के अनुसार, वे अपने कमरे से लगभग एक किलोमीटर दूर तक पैदल चली थीं, लेकिन उसके बाद से उनकी कोई खबर नहीं मिली।

शाम बीतने और रात गहराने के बाद जब श्रीजा अपने कमरे पर वापस नहीं पहुंचीं, तो उनके साथ रहने वाले अन्य साथियों ने उन्हें फोन लगाना शुरू किया, लेकिन उनका मोबाइल फोन पूरी तरह बंद आ रहा था। दोस्तों ने आसपास के इलाकों, पार्कों और परिचितों के यहां काफी खोजबीन की, लेकिन उनका कहीं कोई पता नहीं चला। अगले दिन यानी 3 नवंबर को स्थानीय स्तर पर बोस्टन पुलिस को औपचारिक शिकायत दी गई। इसके बाद 4 नवंबर को बोस्टन पुलिस विभाग ने मामले की गंभीरता को देखते हुए आधिकारिक तौर पर गुमशुदगी का अलर्ट जारी किया और जनता से उनकी तलाश में मदद की गुहार लगाई।

कार्सन बीच और हार्बर पॉइंट के तटीय इलाके में तलाश तेज, भारतीय दूतावास और ताना (TANA) से साधा गया संपर्क

बोस्टन पुलिस के जांच अधिकारियों का मानना है कि श्रीजा की अंतिम गतिविधियां कार्सन बीच (Carson Beach) या हार्बर पॉइंट (Harbor Point) के आसपास के तटीय इलाकों में केंद्रित हो सकती हैं। पुलिस का कहना है कि यह इलाका उनके रहने के स्थान से महज आधा किलोमीटर की दूरी पर स्थित है। पुलिस दल समुद्र तट के आसपास के रास्तों, पार्कों और पैदल मार्गों पर लगातार तलाशी अभियान चला रहे हैं। हालांकि कई दिन बीत जाने के बाद भी कोई पुख्ता सुराग हाथ न लगने से आशंकाएं लगातार गहराती जा रही हैं।

इधर भारत में मामला सामने आने के बाद तेलंगाना सरकार पूरी तरह सक्रिय हो गई है। तेलंगाना के सड़क एवं भवन निर्माण मंत्री तथा नलगोंडा के स्थानीय विधायक कोमाटिरेड्डी वेंकट रेड्डी ने इस मामले में तत्काल व्यक्तिगत हस्तक्षेप किया है। मंत्री ने नई दिल्ली स्थित विदेश मंत्रालय और न्यूयॉर्क व बोस्टन में कार्यरत भारतीय महावाणिज्य दूतावास के शीर्ष राजनयिकों से सीधा संपर्क साधा है। उन्होंने भारत सरकार से अपील की है कि वे अमेरिकी विदेश विभाग और स्थानीय पुलिस प्रशासन पर दबाव बनाकर खोजबीन अभियान को और तेज कराएं। इसके अलावा, अमेरिका में सक्रिय सबसे बड़े तेलुगु प्रवासी संगठन 'तेलुगु एसोसिएशन ऑफ नॉर्थ अमेरिका' (TANA) के पदाधिकारियों से भी संपर्क किया गया है ताकि वहां का स्थानीय भारतीय समुदाय पुलिस के साथ समन्वय बनाकर जमीनी स्तर पर हर संभव मदद पहुंचा सके।

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