एलपीजी गैस सिलेंडर उपभोक्ताओं को राहत, ई-केवाईसी कराने की समयसीमा 31 अगस्त तक बढ़ी; तुरंत पूरा करें यह काम

देश भर के करोड़ों एलपीजी (LPG) घरेलू गैस उपभोक्ताओं के लिए जरूरी और राहत भरी खबर सामने आई है। ऑयल मार्केटिंग कंपनियों (OMCs)—इंडेन (Indane), भारत गैस (Bharat Gas) और एचपी गैस (HP Gas)—ने पेट्रोलियम एवं प्राकृतिक गैस मंत्रालय के दिशा-निर्देशों के तहत एलपीजी कनेक्शन की अनिवार्य ई-केवाईसी (e-KYC) प्रक्रिया पूरी करने की अंतिम समयसीमा को बढ़ाकर 31 अगस्त तक कर दिया है।
यदि किसी उपभोक्ता ने तय तारीख तक अपने गैस कनेक्शन की बायोमेट्रिक या डिजिटल आधार केवाईसी पूरी नहीं की, तो उनके खाते में आने वाली सरकारी सब्सिडी (LPG Subsidy) रुक सकती है और आगे चलकर रिफिल सिलेंडर बुक करने में भी तकनीकी अड़चनों का सामना करना पड़ सकता है।
सरकार और तेल कंपनियों ने क्यों अनिवार्य की है एलपीजी ई-केवाईसी?
पेट्रोलियम कंपनियों के अनुसार, ई-केवाईसी कराने के पीछे मुख्य उद्देश्य फर्जी कनेक्शनों की पहचान करना और सरकारी सब्सिडी के दुरुपयोग को रोकना है:
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फर्जी और मल्टीपल कनेक्शनों पर रोक: एक ही नाम या पते पर चल रहे अवैध गैस कनेक्शनों और व्यावसायिक इस्तेमाल के लिए घरेलू सिलेंडरों के डायवर्जन को पूरी तरह समाप्त करना।
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सही लाभार्थी तक सब्सिडी पहुंचाना: प्रत्यक्ष लाभ अंतरण (DBT) और प्रधानमंत्री उज्ज्वला योजना (PMUY) के तहत मिलने वाली ₹300 तक की सब्सिडी सीधे वास्तविक लाभार्थी के बैंक खाते में बिना किसी बिचौलिए के सुनिश्चित करना।
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डेटाबेस का डिजिटलीकरण: सभी एक्टिव एलपीजी ग्राहकों का रिकॉर्ड आधार कार्ड और बायोमेट्रिक डेटा से सत्यापित (Authenticate) करना।
ई-केवाईसी न कराने पर क्या होगा नुकसान?
यदि आप 31 अगस्त की निर्धारित समयसीमा से पहले अपनी ई-केवाईसी प्रक्रिया पूरी नहीं करते हैं, तो आपको निम्नलिखित समस्याओं का सामना करना पड़ सकता है:
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सब्सिडी का नुकसान: आपके बैंक खाते में आने वाली केंद्र सरकार की एलपीजी सब्सिडी राशि स्थायी या अस्थायी रूप से रोक (Block) दी जाएगी।
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बाजार भाव पर खरीदना पड़ेगा सिलेंडर: सब्सिडी बंद होने के कारण आपको हर रिफिल सिलेंडर गैर-सब्सिडी वाली पूरी वाणिज्यिक दर (मार्केट प्राइस) पर खरीदना पड़ेगा।
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सिलेंडर बुकिंग में रुकावट: कई मामलों में असत्यापित (Unverified) पाए जाने वाले गैस खातों को 'सस्पेंडेड' या 'होल्ड' श्रेणी में डाला जा सकता है, जिससे नया गैस सिलेंडर बुक करना मुश्किल हो जाएगा।
घर बैठे मोबाइल ऐप से कैसे करें LPG e-KYC? (Step-by-Step Guide)
उपभोक्ताओं को गैस एजेंसी के चक्कर काटने से बचाने के लिए कंपनियों ने फेस-ऑथेंटिकेशन (Face Authentication) के जरिए मोबाइल से ई-केवाईसी की सुविधा दी है:
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गूगल प्ले स्टोर या एप्पल ऐप स्टोर से अपनी गैस कंपनी का आधिकारिक मोबाइल ऐप (जैसे: IndianOil ONE, Hello BPCL, या HP Pay) डाउनलोड करें।
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इसके साथ ही भारतीय विशिष्ट पहचान प्राधिकरण (UIDAI) का आधिकारिक 'Aadhaar FaceRD App' भी अपने फोन में इंस्टॉल करें।
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अपने गैस ऐप को खोलें और उपभोक्ता संख्या (Consumer Number) या रजिस्टर्ड मोबाइल नंबर से लॉग इन करें।
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ऐप के प्रोफाइल या मेन्यू सेक्शन में जाकर 'LPG e-KYC' / 'Aadhaar KYC' वाले विकल्प का चयन करें।
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अपना 12 अंकों का आधार कार्ड नंबर दर्ज करें और आधार से लिंक मोबाइल नंबर पर आए ओटीपी (OTP) को दर्ज करें।
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अब स्क्रीन पर फेस ऑथेंटिकेशन का विकल्प खुलेगा। कैमरे के सामने चेहरे को स्थिर रखें और आंखें झपकाएं (Blink करें)।
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चेहरा सफलतापूर्वक स्कैन होते ही आपकी ई-केवाईसी ऑनलाइन पूरी हो जाएगी और स्क्रीन पर कन्फर्मेशन मैसेज आ जाएगा।
गैस एजेंसी (Distributor) जाकर बायोमेट्रिक से कैसे करवाएं?
यदि आपके आधार कार्ड से मोबाइल नंबर लिंक नहीं है या फेस-स्कैनिंग में कोई तकनीकी समस्या आ रही है, तो आप ऑफलाइन माध्यम भी चुन सकते हैं:
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अपने नजदीकी संबंधित गैस डिस्ट्रीब्यूटर (एजेंसी) के दफ्तर जाएं।
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अपने साथ मूल आधार कार्ड (Original Aadhaar Card), एलपीजी उपभोक्ता पासबुक (Gas Diary/Book) और गैस कनेक्शन से जुड़ा फोन साथ ले जाएं।
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गैस एजेंसी कर्मचारी के पास मौजूद बायोमेट्रिक फिंगरप्रिंट स्कैनर (Biometric Scanner) या आईरिस स्कैनर पर अपना अंगूठा लगाएं।
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फिंगरप्रिंट मैच होते ही डीलर के पोर्टल पर आपका कनेक्शन तुरंत 'e-KYC Verified' मार्क हो जाएगा।
यह ई-केवाईसी प्रक्रिया पूरी तरह निःशुल्क है। किसी भी गैस एजेंसी या एजेंट को इसके लिए कोई शुल्क देने की आवश्यकता नहीं है। यदि आपके घर में सामान्य घरेलू कनेक्शन या उज्ज्वला योजना का कनेक्शन मौजूद है, तो 31 अगस्त से पहले अपने परिवार के संबंधित सदस्य का आधार प्रमाणीकरण पूरा कराएं ताकि एलपीजी सब्सिडी और बुकिंग की सुविधा बिना किसी बाधा के निर्बाध जारी रहे।