‘तुमने स्मिता पाटिल की याद दिला दी…’: जब पहली फिल्म देखते ही चित्रांगदा सिंह के लिए रो पड़े थे मशहूर डायरेक्टर केतन मेहता

बॉलीवुड में कुछ फिल्में और परफॉर्मेंस ऐसी होती हैं जो पर्दे पर आने के बाद दर्शकों के दिलों पर गहरी छाप छोड़ जाती हैं। अभिनेत्री चित्रांगदा सिंह (Chitrangada Singh) की पहली फिल्म 'हजारों ख्वाहिशें ऐसी' भी एक ऐसी ही क्लासिक फिल्म है, जिसने रिलीज के साथ ही आलोचकों और दर्शकों का दिल जीत लिया था। अपनी पहली ही फिल्म से अभिनय की दुनिया में तहलका मचाने वाली चित्रांगदा से जुड़ा एक ऐसा ही यादगार किस्सा सामने आया है, जिसे याद करके आज भी वह भावुक हो जाती हैं।
जब स्क्रीनिंग के दौरान निर्देशक केतन मेहता की भर आईं आंखें
चित्रांगदा सिंह ने अपने एक इंटरव्यू में अपनी पहली फिल्म की स्पेशल स्क्रीनिंग का एक बेहद खूबसूरत किस्सा साझा किया था। उन्होंने बताया कि फिल्म की स्क्रीनिंग के दौरान जाने-माने और दिग्गज निर्देशक केतन मेहता भी वहां मौजूद थे। फिल्म खत्म होने के बाद जब लाइट्स ऑन हुईं, तो केतन मेहता की आंखों में आंसू थे। भावुक होने के कारण वह तुरंत स्टेज पर आकर नहीं मिल पाए और काफी देर तक चुपचाप खड़े होकर सिर्फ चित्रांगदा को देखते रहे। उस दौरान इंडस्ट्री में नहीं होने के कारण चित्रांगदा उन्हें पहचानती नहीं थीं। जब उन्होंने किसी से पूछा कि वे शख्स कौन हैं, तब उन्हें पता चला कि वह कोई और नहीं बल्कि 'मिर्च मसाला' और 'भवनी भवानी' जैसी बेहतरीन फिल्में बनाने वाले प्रतिष्ठित निर्देशक केतन मेहता थे।
'तुमने स्मिता पाटिल की याद दिला दी'
तारीफ के उस पल को याद करते हुए अभिनेत्री ने बताया कि केतन मेहता उनके पास आए और कहा, "तुम अनोखी हो।" उनकी आंखों में अभी भी नमी थी और उन्होंने आगे कहा, "तुमने मुझे स्मिता पाटिल की याद दिला दी।" चित्रांगदा के लिए यह किसी बहुत बड़े सपने के सच होने जैसा था। उन्होंने कहा कि शूटिंग के दौरान उन्होंने कभी नहीं सोचा था कि उन्हें इतनी बड़ी सराहना मिलेगी या उनकी तुलना भारतीय सिनेमा की लीजेंड्री अभिनेत्री स्मिता पाटिल से की जाएगी। इस तारीफ ने उनके अंदर अभिनय को लेकर एक नया आत्मविश्वास जगाया।
सुधीर मिश्रा के लेखन और अपने सफर को दिया श्रेय
अपनी सफलता का श्रेय निर्देशक सुधीर मिश्रा को देते हुए चित्रांगदा ने कहा कि वह बेहद आभारी हैं कि लोगों ने उनके काम को इतना सराहा। उन्होंने कहा कि उन्होंने तो केवल वही किया जो निर्देशक सुधीर मिश्रा ने अपनी स्क्रिप्ट में लिखा था। सुधीर मिश्रा महिलाओं के किरदार बहुत ही संवेदनशीलता और गहराई से लिखते हैं। उन्होंने मुझ पर भरोसा जताया कि मैं वह रोल कर सकती हूं, जो अपने आप में एक बहुत बड़ी बात थी। इसके बाद जब स्मिता पाटिल के साथ कई बेहतरीन फिल्में बना चुके केतन मेहता ने पहली ही परफॉर्मेंस के बाद उनकी तुलना स्मिता पाटिल से की, तो उनका हौसला कई गुना बढ़ गया। आज भी चित्रांगदा सिंह का यह सफर और यह संस्मरण बॉलीवुड के सबसे खूबसूरत और प्रेरणादायक किस्सों में गिना जाता है।