पाकिस्तान में पानी का खौफ: भारत के एक कदम से सहमा इस्लामाबाद, बोला- ‘तबाही मचा सकता है हिंदुस्तान’

सिंधु जल संधि (Indus Waters Treaty) को लेकर भारत के कड़े रुख के बाद पाकिस्तान में हड़कंप मच गया है। पाकिस्तान के योजना मंत्री अहसान इकबाल ने खुलकर यह स्वीकार किया है कि जरूरत पड़ने पर भारत पानी को एक खतरनाक 'हथियार' के रूप में इस्तेमाल कर सकता है, जिससे पाकिस्तान की कृषि और जल सुरक्षा तबाह हो सकती है। इस बयान के बाद एक बार फिर अंतरराष्ट्रीय मंचों पर पाकिस्तान की घबराहट और बौखलाहट साफ तौर पर उजागर हो गई है।
सिंधु जल संधि स्थगित होने से मचा हाहाकार
पाकिस्तान के मंत्री अहसान इकबाल के अनुसार, भारत द्वारा एकतरफा रूप से सिंधु जल संधि को स्थगित किए जाने के बाद से उनके सामने एक बड़ा संकट खड़ा हो गया है। पाकिस्तानी मीडिया रिपोर्ट्स के मुताबिक, उनका कहना है कि उन्हें इस बात का सबसे बड़ा डर है कि भारत फसलों की बुवाई के समय पानी रोक सकता है और जब जरूरत न हो, तब पानी छोड़कर भारी तबाही मचा सकता है। इस संभावित खतरे से निपटने के लिए अब पाकिस्तान भविष्य में नए बांधों को एक 'बफर' के रूप में इस्तेमाल करने की योजना बना रहा है।
'पानी की एक-एक बूंद हमारी रेड लाइन'
पाकिस्तानी मंत्री का यह बयान प्रधानमंत्री शहबाज शरीफ की उस धमकी के कुछ दिनों बाद आया है, जिसमें उन्होंने कहा था कि "पानी की एक-एक बूंद हमारी रेड लाइन है।" पाकिस्तान लगातार यह दावा कर रहा है कि अगर उसके पानी के अधिकारों पर आंच आई, तो वह इसका कड़ा जवाब देगा। हालांकि, भारत ने स्पष्ट कर दिया है कि जब तक पाकिस्तान सीमा पार आतंकवाद का समर्थन पूरी तरह बंद नहीं करता, तब तक इस संधि को बहाल नहीं किया जाएगा।