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चीनी संकट पर कांग्रेस का बड़ा हमला: खरगे बोले- ‘त्योहारों से पहले 9 साल के निचले स्तर पर स्टॉक, सरकार की नीतियां जिम्मेदार’

आगामी त्योहारी सीजन से ठीक पहले देश में चीनी के दाम और उसकी उपलब्धता को लेकर सियासत गरमा गई है। कांग्रेस पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खरगे ने केंद्र सरकार की नीतियों पर तीखा हमला बोलते हुए दावा किया है कि देश में चीनी का स्टॉक पिछले 9 वर्षों के सबसे निचले स्तर पर पहुंच गया है, जिसके कारण पिछले कुछ महीनों में कीमतों में भारी उछाल आया है।

मोदी सरकार से कांग्रेस अध्यक्ष के तीन तीखे सवाल

मल्लिकार्जुन खरगे ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स (X) पर पोस्ट शेयर करते हुए मोदी सरकार से सीधे तौर पर तीन बड़े सवाल पूछे हैं:

  1. घटता स्टॉक और आयात की नौबत: दुनिया के सबसे बड़े चीनी उत्पादक और निर्यातक कहे जाने वाले भारत में आज चीनी का स्टॉक 9 साल के सबसे निचले स्तर पर क्यों पहुंच गया है? सरकार को आखिर निर्यात रोकने और 10 लाख टन चीनी ड्यूटी-फ्री (Duty-Free) आयात करने जैसे कदम क्यों उठाने पड़े?

  2. महंगाई की मार: पिछले कुछ महीनों में चीनी की कीमतों में लगभग 40 प्रतिशत तक की बढ़ोतरी हुई है। त्योहारी सीजन से ठीक पहले आम जनता की जेब पर पड़ी इस महंगाई की मार की आखिर जिम्मेदारी किसकी है?

  3. E20 इथेनॉल नीति की समीक्षा क्यों नहीं: जब देश में चीनी का घरेलू संकट खड़ा हो गया है और सरकार को विदेश से आयात करना पड़ रहा है, तो गन्ने और अनाज को E20 नीति के तहत इथेनॉल (Ethanol) बनाने में झोंकने की वर्तमान नीति की समीक्षा क्यों नहीं की जा रही है?

'आत्मनिर्भर भारत' के दावों पर उठाए सवाल

खरगे ने सरकार के 'आत्मनिर्भर भारत' के नारों पर तंज कसते हुए कहा कि एक तरफ देश में चीनी का उत्पादन लगातार घट रहा है और स्टॉक रिकॉर्ड निचले स्तर पर है, तो दूसरी तरफ विदेश से चीनी मंगानी पड़ रही है। उन्होंने सरकार की नीतियों को आड़े हाथों लेते हुए कहा कि एक ओर किसानों के गन्ने को पेट्रोल में मिलाने के लिए इथेनॉल में झोंका जा रहा है, और दूसरी तरफ घरेलू बाजार में मिठास गायब हो रही है, जिससे आम आदमी का बजट बिगड़ रहा है।

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