सीनियर सिटीजन्स की बल्ले-बल्ले: FD पर इन बैंकों में मिल रहा 8.50% तक का बंपर ब्याज, जानिए कहां मिलेगा सबसे ज्यादा मुनाफा और सुरक्षा की पूरी गारंटी

देशभर के वरिष्ठ नागरिकों और सेवानिवृत्त (रिटायर्ड) लोगों के लिए अपनी जीवन भर की गाढ़ी कमाई को सुरक्षित रखते हुए अधिकतम रिटर्न पाने का यह सबसे मुफीद समय माना जा रहा है। वित्तीय बाजारों में भविष्य में ब्याज दरों में संभावित नरमी के संकेतों के बीच कई बैंकों ने स्पेशल टेन्योर वाली फिक्स्ड डिपॉजिट (FD) पर आकर्षक ब्याज दरों की पेशकश जारी रखी है। 60 वर्ष या उससे अधिक उम्र के नागरिकों को नियमित ग्राहकों की तुलना में सामान्यतः 0.50% (50 बेसिस प्वाइंट) और 80 वर्ष से अधिक उम्र के सुपर सीनियर सिटीजन्स को 0.65% से 0.75% तक का अतिरिक्त ब्याज लाभ मिल रहा है। सुरक्षित आय और बाजार के उतार-चढ़ाव से दूर रहने वाले निवेशकों के लिए चुनिंदा बैंकों की ये स्पेशल स्कीम्स तगड़े मुनाफे का जरिया बनी हुई हैं।
स्मॉल फाइनेंस बैंकों में सबसे तगड़ा रिटर्न: 8.50% तक ब्याज की पेशकश
अगर आप अपने निवेश पर अधिकतम रिटर्न चाहते हैं, तो स्मॉल फाइनेंस बैंक (SFBs) इस समय सबसे आगे चल रहे हैं। यूनिटी स्मॉल फाइनेंस बैंक अपने वरिष्ठ नागरिक ग्राहकों को 1001 दिन और 1 वर्ष 4 महीने 15 दिन की विशेष अवधि पर 8.50% तक की उच्चतम ब्याज दर दे रहा है। इसी तरह सूर्योदय स्मॉल फाइनेंस बैंक 5 वर्ष की सावधि जमा पर सीनियर सिटीजन्स को 8.50% और 30 महीने की अवधि पर 8.25% की दर से ब्याज प्रदान कर रहा है। इसके अलावा शिवालिक स्मॉल फाइनेंस बैंक, जन स्मॉल फाइनेंस बैंक (8.30%) और उत्कर्ष स्मॉल फाइनेंस बैंक (8.25%) भी 2 से 3 साल की मध्यम अवधि के लिए आकर्षक दरें मुहैया करा रहे हैं।
FD ब्याज दरों की तुलना: जानिए किस बैंक में मिल रहा है कितना रिटर्न
वरिष्ठ नागरिकों की सुविधा के लिए विभिन्न बैंकों की अधिकतम ब्याज दरों और निवेश अवधि की तुलना नीचे तालिका में दी गई है:
| बैंक का नाम | बैंक की श्रेणी | विशेष अवधि (Tenure) | सीनियर सिटीजन ब्याज दर (% प्रति वर्ष) |
| यूनिटी स्मॉल फाइनेंस बैंक | स्मॉल फाइनेंस बैंक | 1 वर्ष 4 माह 15 दिन | 8.50% |
| सूर्योदय स्मॉल फाइनेंस बैंक | स्मॉल फाइनेंस बैंक | 5 वर्ष | 8.50% |
| जन स्मॉल फाइनेंस बैंक | स्मॉल फाइनेंस बैंक | 3 वर्ष | 8.30% |
| उत्कर्ष स्मॉल फाइनेंस बैंक | स्मॉल फाइनेंस बैंक | 666 दिन | 8.25% |
| इंडसइंड बैंक | प्राइवेट सेक्टर बैंक | 2 वर्ष से 3 वर्ष | 7.75% |
| यस बैंक | प्राइवेट सेक्टर बैंक | 18 महीने से 24 महीने | 7.75% |
| भारतीय स्टेट बैंक (SBI) | सार्वजनिक क्षेत्र बैंक | 5 वर्ष से 10 वर्ष (SBI वीकेयर) | 7.05% – 7.50% |
| आईसीआईसीआई / एचडीएफसी बैंक | प्राइवेट सेक्टर बैंक | 3 वर्ष 1 दिन से 5 वर्ष | 7.00% – 7.10% |
प्रमुख कमर्शियल और सरकारी बैंकों का रुख
जो निवेशक स्मॉल फाइनेंस बैंकों के बजाय स्थापित बड़े वाणिज्यिक बैंकों में पैसा लगाना पसंद करते हैं, उनके लिए प्राइवेट सेक्टर के इंडसइंड बैंक और यस बैंक 7.75% तक का रिटर्न दे रहे हैं। देश के सबसे बड़े सरकारी बैंक भारतीय स्टेट बैंक (SBI), बैंक ऑफ बड़ौदा और पंजाब नेशनल बैंक (PNB) में सीनियर सिटीजन के लिए दरें 7.05% से 7.30% के दायरे में स्थिर हैं। बैंक ऑफ इंडिया और इंडियन ओवरसीज बैंक 80 वर्ष से अधिक उम्र वाले सुपर सीनियर सिटीजन्स को कुछ खास टेन्योर पर 0.65% से 0.75% का अतिरिक्त प्रीमियम देकर 7.50% से अधिक का लाभ दे रहे हैं।
DICGC की ₹5 लाख सुरक्षा गारंटी और स्मार्ट निवेश रणनीति
कई निवेशकों के मन में यह सवाल उठता है कि क्या स्मॉल फाइनेंस बैंकों में जमा पूंजी सुरक्षित है। भारतीय रिजर्व बैंक (RBI) के नियमों के तहत सभी अनुसूचित वाणिज्यिक और स्मॉल फाइनेंस बैंक डिपॉजिट इंश्योरेंस एंड क्रेडिट गारंटी कॉरपोरेशन (DICGC) के दायरे में आते हैं। इसके तहत प्रत्येक बैंक में प्रति जमाकर्ता ₹5 लाख तक की मूलधन व ब्याज राशि पूरी तरह से बीमित और सुरक्षित होती है। वित्तीय सलाहकार सुझाव देते हैं कि वरिष्ठ नागरिकों को अपनी बड़ी पूंजी एक ही बैंक में लगाने के बजाय अलग-अलग 2 से 3 बैंकों में ₹5 लाख तक के हिस्सों में बांटकर (FD Laddering Strategy) निवेश करना चाहिए। इससे अधिकतम सुरक्षा के साथ-साथ उच्च ब्याज का फायदा भी मिल जाता है।
टैक्स छूट (Section 80TTB) और रेगुलर इनकम पेआउट का लाभ
आयकर अधिनियम की धारा 80TTB के तहत वरिष्ठ नागरिकों को एक वित्तीय वर्ष में बैंक एफडी और बचत खातों से अर्जित ₹50,000 तक के ब्याज पर टैक्स छूट मिलती है। यदि आपकी कुल वार्षिक आय कर योग्य सीमा से कम है, तो टीडीएस (TDS) कटौती से बचने के लिए वित्तीय वर्ष की शुरुआत में ही बैंक में फॉर्म 15H जमा करना चाहिए। इसके अलावा, मासिक घरेलू खर्चों के प्रबंधन के लिए निवेशक 'मंथली या क्वार्टरली इंटरेस्ट पेआउट' का विकल्प चुन सकते हैं, जबकि पूंजी वृद्धि चाहने वाले 'क्युमुलेटिव' (चक्रवृद्धि) विकल्प का चयन कर सकते हैं।