महायुद्ध का 9वां दिन: लेबनान में 83 बच्चों की मौत, जलते तेहरान में ‘तेजाबी बारिश’ का खौफ, बूंद-बूंद पानी को तरसेगा बहरीन!

नई दिल्ली/तेहरान। अमेरिका और इजरायल द्वारा ईरान पर छेड़े गए विनाशकारी ‘ऑपरेशन एपिक फ्यूरी’ (Operation Epic Fury) को आज 9 दिन पूरे हो चुके हैं, लेकिन पश्चिम एशिया (Middle East) में तबाही का मंजर थमने का नाम नहीं ले रहा है। युद्ध की यह आग अब केवल ईरान और इजरायल की सरहदों तक सीमित नहीं है, बल्कि इसने पूरे खाड़ी क्षेत्र को अपनी भयंकर चपेट में ले लिया है। एक तरफ जहां इजरायली हमलों से लेबनान में मासूम बच्चों की लाशें बिछ रही हैं, वहीं ईरान की राजधानी तेहरान जलते हुए तेल डिपो के काले धुएं से घुट रही है। इस बीच, ईरान की बौखलाहट का सबसे बड़ा खामियाजा बहरीन को भुगतना पड़ा है, जहां पानी के सबसे बड़े प्लांट पर हमले के बाद भीषण जल संकट गहरा गया है। आइए जानते हैं महायुद्ध के 9वें दिन के ग्राउंड जीरो से बड़े अपडेट्स।लेबनान में मातम: एक ही हफ्ते में 83 मासूमों ने गंवाई जानइजरायली सेना (IDF) ने लेबनान की राजधानी बेरूत और दक्षिणी लेबनान में हिजबुल्लाह और ईरानी रिवोल्यूशनरी गार्ड्स (Quds Force) के कमांडरों को निशाना बनाते हुए अपने हवाई हमले बेहद तेज कर दिए हैं। लेबनानी स्वास्थ्य मंत्रालय की ताजा और दर्दनाक रिपोर्ट के मुताबिक, पिछले एक हफ्ते के भीतर इजरायली हमलों में करीब 400 लोगों की मौत हो चुकी है, जिनमें 83 मासूम बच्चे शामिल हैं। बेरूत के रिहायशी इलाकों और होटलों (जैसे राओचे डिस्ट्रिक्ट) तक पर ड्रोन हमले हो रहे हैं, जिससे लाखों लोग अपना घर छोड़कर सुरक्षित ठिकानों की ओर भागने को मजबूर हैं।धुएं के गुबार से ढका तेहरान, मंडराया ‘तेजाबी बारिश’ का खतराईरान के सुप्रीम लीडर अयातुल्लाह अली खामेनेई की मौत के बाद अमेरिका और इजरायल ने अब ईरान की आर्थिक और ऊर्जा कमर तोड़ने का रणनीतिक फैसला किया है। शनिवार रात इजरायली फाइटर जेट्स ने तेहरान के प्रमुख तेल भंडारण डिपो (Oil Storage Facilities) और रिफाइनरियों पर भीषण बमबारी की। इस हमले के बाद तेहरान के आसमान में आग की ऊंची लपटें उठ रही हैं और जहरीले धुएं का काला गुबार छा गया है, जिससे दिन में भी रात जैसा अंधेरा पसरा है। पर्यावरण और स्वास्थ्य विशेषज्ञों ने गंभीर चेतावनी दी है कि हवा में घुले इस जहरीले केमिकल और धुएं के कारण तेहरान और आसपास के इलाकों में ‘तेजाबी बारिश’ (Acid Rain) हो सकती है, जो लोगों की त्वचा, आंखों और सांसों के लिए बेहद घातक साबित होगी।बहरीन पर ईरान का प्रहार: डिसैलिनेशन प्लांट तबाह, पानी का हाहाकारअमेरिका और इजरायल से मिल रही लगातार चोट से बौखलाए ईरान ने अब अपने पड़ोसी खाड़ी देशों (Gulf Countries) के बुनियादी ढांचे को निशाना बनाना शुरू कर दिया है। रविवार तड़के ईरानी बलों ने बहरीन के मीना सलमान (Mina Salman) बंदरगाह के पास स्थित एक महत्वपूर्ण जल विलवणीकरण संयंत्र (Desalination Plant) पर मिसाइल और ड्रोन से हमला कर दिया। आपको बता दें कि रेगिस्तानी देश बहरीन में पीने के पानी का मुख्य स्रोत यही प्लांट होते हैं, जो समुद्री खारे पानी को पीने लायक बनाते हैं। इस भीषण हमले के बाद प्लांट बुरी तरह क्षतिग्रस्त हो गया है, जिससे पूरे बहरीन में पीने के पानी का गंभीर संकट पैदा हो गया है और आम जनता बूंद-बूंद पानी को तरसने की कगार पर आ गई है।खाड़ी देशों में दहशत, ट्रंप ने फिर मांगा ‘बिना शर्त सरेंडर’ईरान ने बहरीन के अलावा कुवैत के अंतरराष्ट्रीय हवाई अड्डे के फ्यूल टैंक, सऊदी अरब के रियाद और यूएई (UAE) पर भी मिसाइल और ड्रोन दागे हैं। हालांकि, इन देशों के एयर डिफेंस सिस्टम ने कई हमलों को हवा में ही नाकाम कर दिया। इस बीच, अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने साफ कर दिया है कि ईरान के पास अब अमेरिका के सामने ‘बिना शर्त सरेंडर’ (Unconditional Surrender) करने के अलावा कोई दूसरा विकल्प नहीं बचा है। दूसरी तरफ, खबर है कि ईरान की ‘विशेषज्ञों की सभा’ ने अपना नया सुप्रीम लीडर चुन लिया है, जिसके नाम का आधिकारिक ऐलान किसी भी वक्त किया जा सकता है।