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US-Iran War 2026: क्या ईरान की जमीन पर उतरने वाली है अमेरिकी सेना? ‘ऑपरेशन एपिक फ्यूरी’ के बीच डोनाल्ड ट्रंप का सबसे बड़ा अल्टीमेटम

वॉशिंगटन/तेहरान। पश्चिम एशिया (Middle East) में चल रहा महायुद्ध अब एक ऐसे खतरनाक मोड़ पर पहुंच गया है, जिसने पूरी दुनिया की धड़कनें बढ़ा दी हैं। ‘ऑपरेशन एपिक फ्यूरी’ (Operation Epic Fury) के तहत इजरायल के साथ मिलकर ईरान को आसमान से तबाह करने के बाद, अब अमेरिका एक और बड़ा कदम उठाने की तैयारी में है। अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने एक ऐसा बयान दिया है, जिसने तेहरान से लेकर मॉस्को तक खलबली मचा दी है। ट्रंप ने स्पष्ट संकेत दिए हैं कि ईरान के पूर्ण पतन के लिए अब अमेरिकी सेना (US Military) सीधे ईरान की जमीन पर उतर सकती है (Boots on the ground)।ट्रंप का कड़ा संदेश: “सरेंडर करो, वरना जमीन पर आकर मारेंगे”शुक्रवार को रक्षा दिग्गजों के साथ बैठक और हथियारों का उत्पादन 4 गुना बढ़ाने के फैसले के बाद, ट्रंप का यह बयान ईरान के लिए एक ‘डेथ वारंट’ की तरह देखा जा रहा है।व्हाइट हाउस से जारी अपने संदेश में ट्रंप ने बेहद सख्त लहजे में कहा:”हमारा ऑपरेशन अपने लक्ष्य के बेहद करीब है। हमने उनके 80 फीसदी एयर डिफेंस और मिसाइल सिस्टम को हवा में ही खाक कर दिया है। ईरान का आसमान अब पूरी तरह से हमारे नियंत्रण में है। अगर बचे हुए ईरानी नेता तुरंत ‘बिना शर्त सरेंडर’ (Unconditional Surrender) नहीं करते हैं, तो हम अपनी सेना को सीधे ईरान की धरती पर उतारने से बिल्कुल पीछे नहीं हटेंगे। हम इस बार आतंक के पूरे ढांचे को जड़ से उखाड़ फेंकेंगे।”आसमानी हमले के बाद जमीनी हमले (Ground Invasion) की जरूरत क्यों?रक्षा और रणनीतिक विशेषज्ञों के अनुसार, अमेरिका का यह संभावित कदम केवल एक कूटनीतिक धमकी नहीं है, बल्कि इसके पीछे एक गहरी सैन्य रणनीति है:भूमिगत परमाणु ठिकानों पर कब्जा: ईरान के नतान्ज (Natanz) और फोर्डो (Fordow) जैसे प्रमुख परमाणु प्रतिष्ठान जमीन के सैकड़ों फीट नीचे पहाड़ों में बने हैं। इन्हें हवाई हमलों से पूरी तरह नष्ट करना मुश्किल है। इन साइट्स को सील करने या सुरक्षित करने के लिए अमेरिकी ग्राउंड ट्रूप्स और स्पेशल फोर्सेज की जरूरत पड़ेगी।IRGC का पूर्ण खात्मा: ईरानी रिवोल्यूशनरी गार्ड्स (IRGC) के बचे हुए कमांडरों को उनके अंडरग्राउंड बंकरों से बाहर निकालने के लिए अमेरिकी मरीन (US Marines) का इस्तेमाल किया जा सकता है।सत्ता परिवर्तन (Regime Change): सुप्रीम लीडर खामेनेई की मौत के बाद ईरान का नेतृत्व बिखर चुका है। जमीनी सेना उतारकर अमेरिका 2003 के इराक युद्ध की तर्ज पर ईरान की वर्तमान सत्ता का पूरी तरह पतन सुनिश्चित करना चाहता है।ईरान में दहशत और खौफ का माहौलअमेरिकी सेना के ‘ग्राउंड ऑपरेशन’ की भनक लगते ही ईरान की राजधानी तेहरान और अन्य बड़े शहरों में भारी दहशत फैल गई है।एक तरफ इजरायली हमलों के कारण तेल डिपो जल रहे हैं और ‘तेजाबी बारिश’ का खतरा मंडरा रहा है, वहीं दूसरी तरफ अमेरिकी टैंकों और सैनिकों के अपनी सरजमीं पर घुसने के खौफ ने ईरानी सेना के बचे-खुचे मनोबल को भी तोड़ दिया है।यदि अमेरिकी सेना जमीन पर उतरती है, तो यह 1979 की इस्लामी क्रांति के बाद ईरान के इतिहास का सबसे विध्वंसक अध्याय साबित होगा।

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