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मानसून का यू-टर्न! देश के इन राज्यों में भारी बारिश और आंधी-तूफान का रेड अलर्ट, जानें आपके शहर में कैसा रहेगा मौसम

देश भर में मानसून की गतिविधियों ने एक बार फिर से दिलचस्प और विविध रंग दिखाने शुरू कर दिए हैं। भारतीय मौसम विज्ञान विभाग (IMD) के ताजा मौसम पूर्वानुमान के अनुसार, देश के विभिन्न हिस्सों में मानसून की रफ्तार और तीव्रता में क्षेत्रीय स्तर पर अंतर देखा जा रहा है। जहां एक तरफ उत्तर, पूर्व और पूर्वोत्तर भारत के कई राज्यों में झमाझम बारिश के साथ आंधी-तूफान और बिजली कड़कने की चेतावनी जारी की गई है, वहीं दूसरी तरफ राजस्थान और पश्चिमी इलाकों में मानसून के सुस्त पड़ने तथा मौसम के काफी हद तक शुष्क बने रहने की संभावना जताई गई है।

बिहार-यूपी और पर्वतीय राज्यों में झमाझम बारिश का अलर्ट

मौसम विभाग के अनुसार, पूर्वी उत्तर प्रदेश और बिहार के तटीय व मैदानी इलाकों में मूसलाधार बारिश का नया दौर शुरू होने की पूरी उम्मीद है। इसके साथ ही हिमालय की तलहटी में स्थित राज्यों—विशेष तौर पर हिमाचल प्रदेश और उत्तराखंड—में मानसून पूरी तरह सक्रिय बना हुआ है, जिससे अगले कुछ दिनों तक इन पहाड़ी क्षेत्रों में भारी बारिश का सिलसिला जारी रहेगा। झारखंड, ओडिशा, पश्चिम बंगाल और सिक्किम के विभिन्न हिस्सों में भी गरज-चमक के साथ तेज बौछारें पड़ने का अनुमान है, जिससे स्थानीय स्तर पर जलभराव और यातायात प्रभावित होने की आशंका है।

पूर्वोत्तर और दक्षिण भारत में लगातार बरसेंगे बदरा

पूर्वोत्तर भारत के राज्यों जैसे अरुणाचल प्रदेश, असम, मेघालय, नागालैंड, मणिपुर, मिजोरम और त्रिपुरा में व्यापक स्तर पर भारी बारिश का अनुमान जताया गया है। मौसम वैज्ञानिकों का कहना है कि इन क्षेत्रों में वर्षा की गतिविधियां आगामी कई दिनों तक लगातार बनी रहेंगी। उधर, दक्षिण भारत के तटीय कर्नाटक, केरल, तेलंगाना, तटीय आंध्र प्रदेश और तमिलनाडु के साथ-साथ कोंकण, गोवा और छत्तीसगढ़ में भी मानसूनी बादलों की सक्रियता से झमाझम बारिश का दौर जारी रहने की उम्मीद है।

दिल्ली-NCR और राजस्थान में कैसा रहेगा मौसम का मिजाज?

राष्ट्रीय राजधानी दिल्ली और उससे लगे एनसीआर (NCR) क्षेत्र में इस पूरे सप्ताह छिटपुट बौछारें पड़ने और हल्के बादलों की आवाजाही बने रहने की संभावना है, हालांकि फिलहाल यहां किसी बड़े खतरे या भारी बारिश का अनुमान नहीं है। इसके विपरीत, राजस्थान में मानसून के कमजोर पड़ने के संकेत मिले हैं, जिससे राज्य के अधिकांश हिस्से आने वाले दिनों में शुष्क रह सकते हैं और पश्चिमी राजस्थान के कुछ इलाकों में तेज धूल भरी हवाएं चलने की भी संभावना जताई गई है।

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