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मिडल ईस्ट में महासंग्राम की आहट हमें नहीं चाहिए अमेरिका, अब UAE में उठी अमेरिकी सैन्य ठिकानों को हटाने की मांग

News India Live, Digital Desk: खाड़ी देशों की राजनीति में एक बड़ा भूचाल आता नजर आ रहा है। ईरान और इजरायल के बीच बढ़ते युद्ध के खतरों के बीच संयुक्त अरब अमीरात (UAE) में एक नई और आक्रामक मांग जोर पकड़ने लगी है। सोशल मीडिया से लेकर स्थानीय गलियारों तक, अब यह आवाज गूंज रही है कि अमेरिका को अपने सैन्य ठिकाने UAE की धरती से हटा लेने चाहिए। यूएई के नागरिकों और विशेषज्ञों का मानना है कि अमेरिका की मौजूदगी अब सुरक्षा के बजाय उनके देश के लिए मुसीबत का सबब बनती जा रही है।अमेरिका-ईरान युद्ध की आग से बचने की कवायददरअसल, यूएई को डर है कि अगर ईरान और अमेरिका के बीच सीधा युद्ध छिड़ता है, तो ईरान सबसे पहले उन जगहों को निशाना बनाएगा जहां अमेरिकी सेना तैनात है। ऐसे में यूएई की धरती पर मौजूद अमेरिकी बेस (Base) ईरान के लिए आसान टारगेट बन सकते हैं। यूएई के लोग नहीं चाहते कि दो महाशक्तियों की लड़ाई में उनका देश ‘बलि का बकरा’ बने। इसी डर ने “हटाओ अमेरिकी बेस” की मांग को हवा दी है।बदल रही है खाड़ी देशों की कूटनीतिएक समय था जब खाड़ी देश अपनी सुरक्षा के लिए पूरी तरह से वाशिंगटन पर निर्भर थे। लेकिन अब हालात बदल चुके हैं। यूएई अब अपनी एक स्वतंत्र विदेश नीति अपना रहा है। वह रूस और चीन के साथ भी अपने रिश्तों को मजबूत कर रहा है। जानकारों का कहना है कि यूएई अब अमेरिका के ‘जूनियर पार्टनर’ की छवि से बाहर निकलना चाहता है और अपनी सुरक्षा के लिए खुद को आत्मनिर्भर बनाने की दिशा में बढ़ रहा है।अल ढफरा एयरबेस पर टिकीं दुनिया की नजरेंयूएई में स्थित ‘अल ढफरा एयरबेस’ (Al Dhafra Air Base) अमेरिका के लिए सामरिक रूप से बेहद महत्वपूर्ण है। यहां से अमेरिकी लड़ाकू विमान और ड्रोन पूरे मिडल ईस्ट पर नजर रखते हैं। यदि यूएई इस बेस को बंद करने या पाबंदियां लगाने का फैसला करता है, तो यह मध्य पूर्व में अमेरिकी दबदबे के लिए सबसे बड़ा झटका होगा। फिलहाल, यूएई सरकार ने आधिकारिक तौर पर इस पर कोई बयान नहीं दिया है, लेकिन जनता का बढ़ता दबाव कुछ बड़े बदलावों की ओर इशारा कर रहा है।क्या खतरे में है अमेरिका-यूएई की दशकों पुरानी दोस्ती?इस मांग ने जो बाइडन प्रशासन की चिंताएं बढ़ा दी हैं। अमेरिका नहीं चाहता कि खाड़ी क्षेत्र में उसका सबसे मजबूत साथी उससे दूर हो जाए। दूसरी ओर, ईरान इस स्थिति का फायदा उठाने की कोशिश में है। अगर यूएई अपनी धरती से अमेरिकी सेना को बाहर करता है, तो यह पूरे अरब जगत के लिए एक नजीर बन सकता है। आने वाले कुछ हफ्ते यह तय करेंगे कि ऊंट किस करवट बैठता है और क्या अमेरिका अपना बोरिया-बिस्तर समेटने पर मजबूर होगा।

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