“मुझे पुरुषों से जलन होती है”: 50 की उम्र में जब ट्विंकल खन्ना का हुआ दर्द से सामना

मिसेज फनीबोन्स का नया खुलासा:अक्षय कुमार की पत्नी और मशहूर लेखिका ट्विंकल खन्ना अपनी बेबाकी के लिए जानी जाती हैं। चाहे फिल्में छोड़ना हो या कोई सामाजिक मुद्दा,वो कभी लाग-लपेट में बात नहीं करतीं। इस बार उन्होंने एक ऐसे टॉपिक पर खुलकर बात की है,जिस पर औरतें अक्सर चुप्पी साध लेती हैं-और वह हैमेनोपॉज (Menopause)।हम अक्सर सुनते हैं कि45-55की उम्र के बीच महिलाओं के शरीर में बड़े बदलाव आते हैं। पीरियड्स बंद होने लगते हैं और हार्मोंस ऊपर-नीचे होते हैं। ट्विंकल ने हाल ही में अपने एक कॉलम में इसी दर्द को बयां किया है,जिसका नाम उन्होंने बड़े ही मजेदार तरीके से’दर्द-ए-डिस्को और नया मेनोपॉज रीमिक्स’रखा है।”रात के3बजे जगती हूँ और तारे गिनती हूँ”ट्विंकल लिखती हैं कि उन्होंने सोचा था50की उम्र मतलब-आजादी। बच्चे बड़े हो जाएंगे,जिम्मेदारियां कम होंगी और जिंदगी सेट हो जाएगी। लेकिन असलियत कुछ और ही निकली।अपने अनुभव को साझा करते हुए वे कहती हैं, “मेरे हार्मोंस ने तो जैसे जवाब दे दिया है। अक्सर रात के तीन बजे मेरी आँख खुल जाती है,अंधेरे में लेटी रहती हूँ और बस खिड़की से बाहर तारे ताकती हूँ। कभी बहुत थकान होती है,तो कभी अचानक शरीर में अजीब सी बेचैनी और गर्मी (Hot Flashes)महसूस होने लगती है।”काजोल के साथ अपने शो में बात करते हुए उन्होंने माना कि यह दौर महिलाओं के लिए वाकई बहुत मुश्किल होता है।हड्डियों का दर्द और पुरुषों से जलनट्विंकल ने बताया कि मेनोपॉज सिर्फ मूड स्विंग नहीं है,बल्कि यह शारीरिक रूप से भी तोड़ देता है। उन्हें हड्डियों में दर्द रहने लगा है,रात में पसीने आते हैं और त्वचा पतली होने लगी है। इस दौरान उन्होंने एक बहुत ही मानवीय बात कही-उन्हें पुरुषों से जलन होती है!वे कहती हैं, “सच कहूँ तो मुझे आदमियों से ईर्ष्या होती है। उन्हें ऐसे किसी हार्मोनल उतार-चढ़ाव या मेनोपॉज से नहीं गुजरना पड़ता। उनकी जिंदगी इस मामले में कितनी आसान है।”20साल बाद उठाये वेट्स,बदली लाइफस्टाइललेकिन ट्विंकल हार मानने वालों में से नहीं हैं। इस तकलीफ से निपटने के लिए उन्होंने अपनी लाइफस्टाइल में बड़े बदलाव किए हैं।वेटलिफ्टिंग (Weightlifting): 20सालों के बाद ट्विंकल ने दोबारा जिम में वजन उठाना शुरू किया है। वे अब स्क्वाट,लंज और पेल्विक फ्लोर एक्सरसाइज करती हैं ताकि शरीर में ताकत बनी रहे।देसी नुस्खे और सप्लीमेंट्स:दवाइयों के अलावा वे नेचुरल चीजों पर भरोसा कर रही हैं। वे अश्वगंधा,ब्राह्मी,मैग्नीशियम और’लायन्स मेन’ (एक प्रकार का मशरूम सप्लीमेंट) का सेवन कर रही हैं।खान-पान में बदलाव:खाने में वो सादगी बरत रही हैं और अक्सर टोस्टेड सैंडविच खाती हैं। लेकिन,खुशी भी जरूरी है-इसलिए हर दो हफ्ते में अपनी बेटी नितारा के साथ आइसक्रीम खाना वो कभी नहीं भूलतीं।ट्विंकल की ये बातें उन लाखों महिलाओं को हिम्मत देती हैं जो चुपचाप इस दौर से गुजर रही हैं और सोचती हैं कि ये तकलीफ सिर्फ उन्हें ही हो रही है।