‘मोजतबा खामेनेई ईरान में नहीं हैं’, तो फिर कहां हैं? ताजा दावे को लेकर बढ़ी हलचल

मध्य पूर्व (Middle East) की राजनीति से इस समय की एक बेहद हैरान करने वाली और अंतरराष्ट्रीय सुरक्षा को हिला देने वाली खबर सामने आ रही है। सऊदी अरब के प्रतिष्ठित समाचार चैनल 'अल-हदथ' ने एक शीर्ष इजरायली सुरक्षा सूत्र के हवाले से एक बेहद सनसनीखेज दावा किया है कि ईरान के सर्वोच्च नेता मोजतबा खामेनेई (Mojtaba Khamenei) इस समय अपने देश ईरान में मौजूद ही नहीं हैं। इस खुफिया रिपोर्ट ने पूरी दुनिया के रणनीतिकारों को चौंका दिया है। रिपोर्ट में यहां तक कहा गया है कि मोजतबा खामेनेई के नाम से इस समय जो भी आधिकारिक आदेश और संदेश जारी किए जा रहे हैं, वे सीधे उनकी ओर से नहीं आ रहे हैं, बल्कि इस्लामिक रिवोल्यूशनरी गार्ड कॉर्प्स (IRGC) के नए प्रमुख अहमद वहीदी खुद इन संदेशों को तैयार कर रहे हैं। हालांकि, ईरान सरकार की तरफ से इन दावों पर अभी तक कोई आधिकारिक पुष्टि या खंडन नहीं किया गया है।
तेहरान के सत्ता गलियारों में भयानक अंदरूनी कलह: अमेरिका से सीक्रेट डील के बाद भड़के कट्टरपंथी
इस खुफिया रिपोर्ट के सामने आने के बाद ईरान के भीतर चल रहे गहरे राजनीतिक मतभेद और सत्ता संघर्ष की परतें पूरी तरह खुल गई हैं, जो IRGC की आंतरिक एकता और देश की पूरी इस्लामिक शासन व्यवस्था के लिए एक बहुत बड़ी चुनौती बन गई हैं। इजरायली सूत्रों का दावा है कि अमेरिका और ईरान के बीच हाल ही में एक गोपनीय 14 सूत्रीय समझौता हुआ है, जिसके बाद से तेहरान में सत्ता के भीतर का गृहयुद्ध चरम पर पहुंच गया है। ईरान का सबसे शक्तिशाली कट्टरपंथी धड़ा मौजूदा सरकार पर परोक्ष रूप से तख्तापलट (Coup) करने का संगीन आरोप लगा रहा है। कट्टरपंथियों का साफ कहना है कि अमेरिका के साथ यह गुप्त समझौता करके मौजूदा सरकार ने देश के राष्ट्रीय हितों और सर्वोच्च नेता के मूल निर्देशों की सरेआम अनदेखी की है, जिससे देश की सेना और जनता में असंतोष की आग भड़क उठी है।
विदेश मंत्री पर सरेआम पथराव: पूर्व सर्वोच्च नेता अयातुल्ला अली खामेनेई के अंतिम संस्कार में फूटा गुस्सा
ईरान की जनता और कट्टरपंथी गुटों में पनप रही यह भयानक नाराजगी उस समय दुनिया के सामने खुलकर आ गई, जब ईरान के पूर्व सर्वोच्च नेता अयातुल्ला अली खामेनेई के अंतिम संस्कार का कार्यक्रम चल रहा था। वहां मौजूद आक्रोशित भीड़ ने ईरान के विदेश मंत्री अब्बास अराघची (Abbas Araghchi) पर सरेआम पथराव कर दिया। बता दें कि अब्बास अराघची ने ही अमेरिका के साथ पर्दे के पीछे चल रही युद्धविराम वार्ता में सबसे अहम और मुख्य भूमिका निभाई थी। अंतिम संस्कार के दौरान प्रदर्शनकारियों ने विदेश मंत्री को 'अमेरिका का दलाल' और देश से गद्दारी करने वाला बताते हुए उनके खिलाफ जमकर आक्रामक नारेबाजी की। रिपोर्ट में इस बात को रेखांकित किया गया है कि मोजतबा खामेनेई पिछले काफी लंबे समय से किसी भी सार्वजनिक मंच पर या कैमरे के सामने बिल्कुल नहीं देखे गए हैं।
तीन नेताओं के हाथ में आई ईरान की कमान: मोजतबा खामेनेई की रहस्यमयी अनुपस्थिति का बड़ा खेल
सर्वोच्च नेता की लगातार रहस्यमयी गैरमौजूदगी के बीच अब ईरान के सभी बड़े रणनीतिक और सैन्य फैसले तीन प्रमुख नेताओं की त्रिमूर्ति लेती हुई दिखाई दे रही है। इनमें संसद के पूर्व अध्यक्ष और मुख्य वार्ताकार मोहम्मद बाघेर गालीबाफ (Mohammad Bagher Ghalibaf), नवनिर्वाचित राष्ट्रपति मसूद पेजेशकियन (Masoud Pezeshkian) और विदेश मंत्री अब्बास अराघची शामिल हैं। अमेरिकी रिसर्चर और ईरान मामलों के विशेषज्ञ अराश अजीजी के अनुसार, मोजतबा खामेनेई के न होने के कारण यही तीन नेता पूरी सरकार और देश का संचालन कर रहे हैं। इस नई व्यवस्था से ईरान का पुराना कट्टरपंथी गुट खुद को सत्ता से पूरी तरह अलग-थलग और बेदखल महसूस कर रहा है, यही वजह है कि वे गालीबाफ और राष्ट्रपति पेजेशकियन पर सत्ता पर अवैध कब्जा करने की गहरी साजिश रचने का खुला आरोप लगा रहे हैं।
राष्ट्रीय सुरक्षा परिषद को सुपर-पावर बनाने की तैयारी: कट्टरपंथी सांसदों ने खोला मोर्चा
ईरान की संसद के भीतर भी इस प्रशासनिक बदलाव को लेकर विद्रोह के सुर तेज हो गए हैं। ईरान के बेहद प्रभावशाली कट्टरपंथी सांसद महमूद नबावियान और कमरान गजनफारी जैसे बड़े नेताओं ने सार्वजनिक रूप से मंचों से यह आरोप लगाना शुरू कर दिया है कि वर्तमान सरकार जानबूझकर सर्वोच्च नेता और देश की चुनी हुई संसद की संवैधानिक भूमिका व शक्तियों को कमतर कर रही है। उनका दावा है कि सरकार एक सुनियोजित राजनीतिक साजिश के तहत सारी विधायी और सैन्य शक्तियां 'राष्ट्रीय सुरक्षा परिषद' को सौंपना चाहती है ताकि अमेरिका के साथ हुए समझौतों को बिना किसी रुकावट के देश पर थोपा जा सके। इस आंतरिक टकराव ने ईरान को एक ऐसे चौराहे पर लाकर खड़ा कर दिया है, जहां आने वाले दिनों में किसी बड़े आंतरिक सैन्य विद्रोह से इनकार नहीं किया जा सकता।