विदेश

रशियन जहाज के भारतीय कैप्टन की गिरफ्तारी पर भड़का मॉस्को, ब्रिटेन के तट पर पहुंचे रूसी जंगी जहाज

अंतरराष्ट्रीय समुद्री सीमा से एक बेहद सनसनीखेज और खतरनाक खबर सामने आ रही है, जिसने पूरी दुनिया को तीसरे विश्व युद्ध के मुहाने पर लाकर खड़ा कर दिया है। एक रशियन शिप के भारतीय मूल के कप्तान (कैप्टन) को ब्रिटेन (UK) द्वारा गिरफ्तार किए जाने के बाद रूस के राष्ट्रपति व्लादिमीर पुतिन आगबबूला हो गए हैं। इस गिरफ्तारी के जवाब में रूस ने सीधे ब्रिटेन की घेराबंदी करते हुए उसके समुद्री दरवाजे पर अपने सबसे घातक युद्धपोत (Warship) तैनात कर दिए हैं। ताजा रिपोर्टों के मुताबिक, ब्रिटिश तट के बेहद नजदीक पहुंचे इन रशियन जंगी जहाजों ने लाइव वॉर-ड्रिल करते हुए समुद्र में अंधाधुंध गोलियां और गोले दागे हैं, जिससे पूरे यूरोप में हड़कंप मच गया है।

एक भारतीय कप्तान की गिरफ्तारी और रूस का भीषण पलटवार

इस पूरे विवाद की जड़ में एक रूसी व्यापारिक जहाज के भारतीय कप्तान की हिरासत को माना जा रहा है, जिस पर ब्रिटेन ने अंतरराष्ट्रीय प्रतिबंधों के उल्लंघन का आरोप लगाया था। जैसे ही इस गिरफ्तारी की खबर मॉस्को पहुंची, रूस ने इसे अपने संप्रभु अधिकारों पर सीधा हमला माना। रूसी रक्षा मंत्रालय के आदेश पर तुरंत एक्शन लेते हुए न्यूक्लियर सबमरीन और गाइडेड मिसाइल से लैस जंगी जहाजों के बेड़े को इंग्लिश चैनल और ब्रिटिश जल क्षेत्र की तरफ रवाना कर दिया गया। ब्रिटेन की सीमा के पास रूसी जहाजों द्वारा की गई लाइव फायरिंग को लंदन के लिए एक सीधी और खुली सैन्य चेतावनी के रूप में देखा जा रहा है।

यूके के रक्षा मंत्रालय में हाई अलर्ट और रॉयल नेवी की तैनाती

रूसी नौसेना की इस आक्रामक हरकत के बाद यूनाइटेड किंगडम (UK) के रक्षा मंत्रालय में आपातकालीन बैठक बुलाई गई है। ब्रिटेन की रॉयल नेवी और रॉयल एयरफोर्स को तुरंत हाई अलर्ट पर डाल दिया गया है। ब्रिटिश युद्धपोत भी रूसी बेड़े को ट्रैक करने के लिए समंदर में उतर चुके हैं। ब्रिटेन और उसके सहयोगी देश नाटो (NATO) ने रूस के इस कदम को उकसावे वाली कार्रवाई बताते हुए इसकी कड़ी निंदा की है। हालांकि, रूस ने साफ कर दिया है कि जब तक उसके जहाज और भारतीय कप्तान को बिना शर्त रिहा नहीं किया जाता, तब तक उसके जंगी जहाज ब्रिटिश तट के पास से पीछे नहीं हटेंगे।

नई दिल्ली से लंदन और मॉस्को तक राजनयिक हलचल, भारत की नजरें

इस बेहद संवेदनशील मामले में भारतीय कप्तान के शामिल होने के कारण नई दिल्ली के विदेश मंत्रालय (MEA) की चिंताएं भी काफी बढ़ गई हैं। भारत के राजनयिक इस समय लंदन और मॉस्को दोनों ही राजधानियों के संपर्क में हैं, ताकि भारतीय नागरिक की सुरक्षा सुनिश्चित की जा सके। भारत, मुंबई और कोलकाता जैसे प्रमुख तटीय शहरों के समुद्री विशेषज्ञों का कहना है कि यह घटना कूटनीतिक रूप से बेहद जटिल हो चुकी है क्योंकि भारत के रूस और ब्रिटेन दोनों के साथ मजबूत संबंध हैं। इस बीच, लखनऊ से लेकर दिल्ली तक के रणनीतिक गलियारों में इस बात को लेकर बहस तेज हो गई है कि क्या यह सैन्य तनाव एक बड़े अंतरराष्ट्रीय समुद्री युद्ध का रूप ले लेगा।

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