विदेश

रहस्यमयी चुप्पी तोड़ दुनिया के सामने आएंगे नए सुप्रीम लीडर मोजतबा खामेनेई, पिता के लिए निभाएंगे अंतिम फर्ज

मध्य पूर्व (मिडिल ईस्ट) में जारी भीषण सैन्य टकराव और रणनीतिक बदलावों के बीच ईरान के राजनीतिक गलियारों से वैश्विक सुरक्षा एजेंसियों का ध्यान खींचने वाली एक बेहद महत्वपूर्ण खबर आ रही है। तेहरान प्रशासन ने आधिकारिक तौर पर उस तारीख का ऐलान कर दिया है जब देश के नए और बेहद रहस्यमयी सुप्रीम लीडर मोजतबा खामेनेई पहली बार सार्वजनिक तौर पर सबके सामने आने वाले हैं। मोजतबा अपने दिवंगत पिता और ईरान के पूर्व सर्वोच्च नेता अयातुल्ला अली खामेनेई की याद में एक भव्य स्मारक सह शोक सभा का आयोजन कर रहे हैं, जहां वे अपने पिता के प्रति अंतिम फर्ज निभाएंगे।

23 जुलाई को तेहरान में महा-आयोजन: निमंत्रण पत्र में दिवंगत नेता को बताया 'शहीद मुजाहिद इमाम'

ईरान सरकार द्वारा जारी आधिकारिक नोटिस और निमंत्रण पत्र के अनुसार, दिवंगत नेता अयातुल्ला अली खामेनेई की याद में इस भव्य राष्ट्रीय शोक सभा का आयोजन 23 जुलाई को शाम 5:00 बजे से 7:00 बजे तक तेहरान में किया जाएगा। इस निमंत्रण पत्र में पूर्व सुप्रीम लीडर को सर्वोच्च सम्मान देते हुए "शहीद मुजाहिद इमाम" के रूप में संबोधित किया गया है। वैश्विक मीडिया और खुफिया तंत्र की नजरें इस तारीख पर टिकी हैं, क्योंकि जब से मोजतबा ने ईरान के इस सर्वोच्च पद की कमान संभाली है, तब से सुरक्षा कारणों से उन्हें एक बार भी सार्वजनिक रूप से कैमरे के सामने नहीं देखा गया है।

पिता के ऐतिहासिक जनाजे से क्यों नदारद थे मोजतबा? अंतिम संस्कार के उस दिन का पूरा सच

यह घोषणा इसलिए भी अंतरराष्ट्रीय जगत में सस्पेंस बढ़ा रही है क्योंकि पिछले हफ्ते जब तेहरान के विशाल 'इमाम खुमैनी ग्रैंड मोसल्ला' में देश के इतिहास की सबसे बड़ी शोक सभाओं में से एक का आयोजन हुआ था, तब भी मोजतबा खामेनेई वहां भौतिक रूप से दिखाई नहीं दिए थे। सरकारी टेलीविजन पर प्रसारित फुटेज के अनुसार, अली खामेनेई के तीन अन्य बेटों—मुस्तफा, मीसम और मसूद खामेनेई ने ही जनाजे की नमाज का नेतृत्व किया था। उस भावुक कर देने वाले दिन अयातुल्ला अली खामेनेई के साथ-साथ उनकी बेटी, दामाद, बहू और उनकी मात्र 14 महीने की मासूम पोती के ताबूत भी एक साथ रखे गए थे, जिनकी मौत फरवरी के अंत में हुए अमेरिकी व इजरायली हवाई हमलों में हुई थी।

अमेरिकी चेतावनी के बाद मोजतबा का कड़ा रुख: 'हम जिंदा रहें या न रहें, बदला होकर रहेगा'

भले ही मोजतबा अभी तक सार्वजनिक रूप से सामने न आए हों, लेकिन रणनीतिक पटल पर उनके तेवर बेहद आक्रामक हैं। अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप की हालिया सख्त चेतावनियों के ठीक कुछ घंटों बाद अंतरराष्ट्रीय न्यूज एजेंसी एएफपी (AFP) के माध्यम से मोजतबा का एक लिखित सार्वजनिक बयान सामने आया था। उन्होंने सीधे तौर पर अमेरिका और इजरायल को चेतावनी देते हुए कहा था, "पिता की मौत का प्रतिशोध लेना हमारे पूरे ईरानी राष्ट्र का सामूहिक संकल्प है और इसे निश्चित रूप से अंजाम दिया जाएगा। यह मिशन न तो मेरे व्यक्तिगत अस्तित्व पर निर्भर करता है और न ही किसी अन्य अधिकारी पर। हम इस दुनिया में रहें या न रहें, यह बदला हर हाल में पूरा होकर रहेगा।"

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