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वजन कम करना चाहते हैं? तो नीले रंग की प्लेट में खाना शुरू करें, जानिये रंगों और भूख का यह अनोखा रिश्ता

News India Live, Digital Desk: हम सब के साथ ऐसा अक्सर होता है हम बहुत भूखे नहीं होते, लेकिन किसी ताजे और रंगीन पकवान को देखते ही मुंह में पानी आ जाता है। वहीं, अगर कोई बेस्वाद और बेरंग सी चीज़ सामने आ जाए, तो भूख ही मर जाती है। यकीन मानिए, इसके पीछे आपके पेट से ज़्यादा आपके दिमाग का हाथ है। हमारे दिमाग ने बचपन से ही कुछ रंगों को कुछ खास भावनाओं के साथ जोड़ रखा है।आइए जानते हैं कि कौन सा रंग हमारी भूख पर कैसा असर डालता है:1. लाल और पीला: भूख के पक्के दोस्तअगर आप गौर करेंगे तो पाएंगे कि लाल और पीला रंग हमारी धड़कन को थोड़ा बढ़ा देता है और हमारे पेट में ‘भूख का एहसास’ जगाता है। लाल रंग उत्साह भरता है, जबकि पीला रंग खुशी और संतोष (Comfort) का अहसास देता है। इसीलिए चिप्स के पैकेट हो या बर्गर की पैकेजिंग, ये दोनों रंग वहां राज करते हैं ताकि आप अपनी ज़रूरत से थोड़ा ज़्यादा ही ऑर्डर करें।2. हरा: सेहत और ताज़गी की निशानीजैसे ही हम हरी चीज़ें देखते हैं, हमारा दिमाग तुरंत उन्हें ‘हेल्दी’ और ‘ऑर्गेनिक’ मान लेता है। हरा रंग हमें विश्वास दिलाता है कि खाना ताज़ा है। इसीलिए अगर आप सलाद या सब्जियां देख रहे हैं, तो हरा रंग आपकी भूख को ‘पॉजिटिव’ तरीके से बढ़ाता है और आपको उसे खाते समय खुशी महसूस होती है।3. नीला और बैंगनी: भूख पर लगाम लगाने वालेक्या आपने कभी सोचा है कि नीला रंग प्रकृति में खाने वाली चीज़ों (ब्लूबेरी को छोड़कर) में इतना दुर्लभ क्यों है? प्राचीन काल से हमारा दिमाग नीले रंग को ज़हरीली या खराब चीज़ों से जोड़कर देखता आया है। यही वजह है कि नीला रंग भूख को शांत (Suppress) करता है। अगर आप डाइट पर हैं, तो नीले रंग की प्लेट में खाना खाना एक बढ़िया ट्रिक साबित हो सकता है—इससे आप कम खाना खा पाएंगे।4. सफ़ेद और भूरा: अनजाने में ज़्यादा खाने का डरसफ़ेद रंग ‘बेगुनाह’ सा लगता है, जिससे हमें लगता है कि जो हम खा रहे हैं, उसमें कोई बुराई नहीं है। सफ़ेद प्लेट पर खाना खाने से अक्सर हम बिना ध्यान दिए (Mindless eating) ज़्यादा खा लेते हैं। वहीं, भूरा और काला रंग अक्सर ‘पृथ्वी’ और ‘भुने हुए स्वाद’ का संकेत देते हैं, जो कॉफ़ी या चॉकलेट जैसी चीज़ों के प्रति हमें और ज़्यादा आकर्षित करते हैं।

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