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सर्दियों में अगर हड्डियों से आती है कड़ कड़ की आवाज, तो अपनी डाइट में शामिल करें ये जादुई गोंद

News India Live, Digital Desk: सर्दियों (Winter) का मौसम आते ही हमारे घर के बुजुर्गों को ही नहीं, बल्कि अब तो जवानों को भी एक समस्या सबसे ज्यादा सताती है हड्डियों और जोड़ों का दर्द। सुबह रजाई से निकलते वक्त कमर में अकड़न, सीढ़ियां चढ़ते वक्त घुटनों में दर्द और हड्डियों का बजना आम बात हो गई है।हम पेन-किलर (Pain Killers) खाते हैं, बाम लगाते हैं, लेकिन आराम सिर्फ थोड़ी देर के लिए मिलता है। ऐसे में हमें याद आती हैं हमारी दादी-नानी। आपको याद है? वो हमेशा सर्दियों में डिब्बे भरकर ‘गोंद के लड्डू’ (Gond Ke Laddu) बनाती थीं। हमें लगता था कि ये सिर्फ मिठाई है, लेकिन असल में वो एक ‘औषधि’ थी जो पूरे साल उनके शरीर को लोहे जैसा मजबूत रखती थी।आइए, आसान भाषा में जानते हैं कि वो ‘खाने वाला गोंद’ (Edible Gum) आपके शरीर के लिए सर्दियों में कैसे किसी चमत्कार से कम नहीं है।आखिर ये ‘गोंद’ करती क्या है?सबसे पहले कन्फ्यूजन दूर करते हैं। यह वो चिपकाने वाला गोंद नहीं, बल्कि पेड़ों के तने से निकलने वाला प्राकृतिक ‘रेजिन’ है। सर्दियों में जिस गोंद का इस्तेमाल होता है, उसकी तासीर गर्म होती है।जब आप इसे घी में भूनते हैं, तो यह पॉपकॉर्न की तरह फूल जाता है।हड्डियों को मिलती है मजबूती: इसमें भरपूर मात्रा में कैल्शियम और प्रोटीन होता है। यह हड्डियों को अंदर से मजबूत बनाता है और हड्डियों के घनत्व (Bone Density) को बढ़ाता है।नेचुरल ल्यूब्रिकेंट (Grease): जैसे मशीन को चलने के लिए ग्रीस चाहिए, वैसे ही हमारे जोड़ों को चलने के लिए लिक्विड चाहिए। गोंद शरीर में उसी लिक्विड को बनाए रखने में मदद करता है, जिससे ‘गठिया’ (Arthritis) के दर्द में राहत मिलती है।कमर दर्द का पक्का इलाज: जिन महिलाओं की डिलीवरी हुई हो या जो लोग दिन भर डेस्क पर बैठकर काम करते हैं, उनकी कमर में अक्सर दर्द रहता है। गोंद रीढ़ की हड्डी को ताकत देता है।इसे खाने का सही और टेस्टी तरीकाइसे कच्चा नहीं खाया जाता। इसका सबसे अच्छा तरीका है लड्डू या पंजीरी के रूप में।कढ़ाही में देसी घी गर्म करें।गोंद के छोटे-छोटे टुकड़े उसमें डालें। वो फूलकर बड़े हो जाएंगे।अब उन्हें मिक्सी में या हाथ से दरदरा पीस लें।इसमें भुना हुआ गेहूं का आटा, ढेर सारे मेवे (काजू, बादाम, अखरोट), और मिठास के लिए गुड़ (चीनी से बेहतर गुड़ है) मिलाएं।गोल-गोल लड्डू बना लें।कब और कितना खाएं?रोज सुबह नाश्ते में एक ‘गोंद का लड्डू’ खाएं और ऊपर से एक गिलास गुनगुना दूध पी लें। बस!यकीन मानिए, 15-20 दिनों में आपको अपने शरीर में नई ऊर्जा महसूस होगी। ठंड भी कम लगेगी और जोड़ों का दर्द भी गायब होने लगेगा।सावधानी भी जरुरी हैचूंकि गोंद की तासीर गर्म होती है और इसमें घी का इस्तेमाल ज्यादा होता है, इसलिए इसे ‘लिमिट’ में ही खाएं। दिन में 1 लड्डू काफी है। अगर आपको कोलेस्ट्रॉल या दिल की बीमारी है, तो डॉक्टर की सलाह या कम घी में बनाकर खाएं।

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