हनुमान जयंती से पहले दर्शन करें भारत के 5 अद्भुत मंदिरों के, कहीं लेटी हुई है प्रतिमा तो कहीं मिलता है कर्ज से छुटकारा

News India Live, Digital Desk: भारत भूमि पर हनुमान जी के लाखों मंदिर हैं, लेकिन कुछ मंदिर अपनी विशिष्टता और पौराणिक मान्यताओं के कारण पूरी दुनिया में विख्यात हैं। यहाँ भक्तों की आस्था का सैलाब उमड़ता है और माना जाता है कि इन स्थानों पर दर्शन मात्र से संकट कट जाते हैं। आज हम आपको देश के उन 5 सबसे प्रसिद्ध और अनोखे हनुमान मंदिरों के बारे में बताने जा रहे हैं, जिनकी महिमा के आगे विज्ञान भी नतमस्तक है।1. लेटे हुए हनुमान (प्रयागराज, उत्तर प्रदेश)संगम नगरी प्रयागराज के किले के पास स्थित यह मंदिर दुनिया का इकलौता ऐसा स्थान है जहाँ हनुमान जी की लेटी हुई प्रतिमा की पूजा होती है। करीब 20 फीट लंबी इस प्रतिमा को लेकर मान्यता है कि हर साल गंगा नदी स्वयं हनुमान जी के चरण स्पर्श करने के लिए मंदिर के गर्भगृह तक आती हैं। यहाँ दर्शन करने के बाद ही कुंभ और संगम स्नान का पुण्य फल प्राप्त होता है।2. हनुमान धारा (चित्रकूट, उत्तर प्रदेश)चित्रकूट की पहाड़ियों पर स्थित इस मंदिर का संबंध रामायण काल से है। माना जाता है कि लंका दहन के बाद जब हनुमान जी की पूंछ की आग शांत नहीं हो रही थी, तब भगवान राम ने उन्हें इस पर्वत पर विश्राम करने को कहा था। आज भी यहाँ पहाड़ से एक शीतल जलधारा निकलती है जो सीधे हनुमान जी की मूर्ति के ऊपर गिरती है, जिससे उनके शरीर का तापमान शीतल रहता है।3. सालासर बालाजी (चुरू, राजस्थान)राजस्थान के चुरू जिले में स्थित सालासर बालाजी मंदिर अपनी तरह का अनूठा मंदिर है। यहाँ हनुमान जी की प्रतिमा दाढ़ी और मूंछों के साथ सुशोभित है। माना जाता है कि यह प्रतिमा एक किसान को खेत जुताई के दौरान मिली थी। यहाँ भक्त अपनी मनोकामना पूर्ति के लिए नारियल बांधते हैं और ‘लाल ध्वजा’ चढ़ाते हैं।4. हनुमत धाम (शाहजहांपुर, उत्तर प्रदेश)शाहजहांपुर के हनुमत धाम में हनुमान जी की एक गगनचुंबी प्रतिमा स्थापित है, जो दूर से ही भक्तों को अपनी ओर आकर्षित करती है। यह मंदिर विसरात नदी के किनारे स्थित है और इसे उत्तर भारत का एक प्रमुख आध्यात्मिक केंद्र माना जाता है। यहाँ की शांति और हनुमान जी का दिव्य स्वरूप भक्तों को मानसिक शांति प्रदान करता है।5. सांकट मोचन मंदिर (वाराणसी, उत्तर प्रदेश)धर्म नगरी काशी में स्थित इस मंदिर की स्थापना स्वयं गोस्वामी तुलसीदास जी ने की थी। माना जाता है कि यह वही स्थान है जहाँ तुलसीदास जी को हनुमान जी ने प्रत्यक्ष दर्शन दिए थे। काशी के लोगों की मान्यता है कि शहर पर आने वाली हर विपत्ति को संकट मोचन हनुमान जी ही रोक लेते हैं। यहाँ मंगलवार और शनिवार को भक्तों की भारी भीड़ उमड़ती है।