हाईवे बनाने के पैसे की हेराफेरी? अनिल अंबानी की कंपनी पर ED का बड़ा एक्शन, 13 बैंक खाते फ्रीज

उद्योगपति अनिल अंबानी की कंपनी रिलायंस इंफ्रास्ट्रक्चर (R-Infra)एक बार फिर बड़ी मुश्किल में फंस गई है. प्रवर्तन निदेशालय (ED)ने कंपनी के खिलाफ एक बड़ी कार्रवाई करते हुए उसके13बैंक खातों को फ्रीजकर दिया है,जिनमें कुल54.82करोड़ रुपयेजमा हैं. आरोप बेहद गंभीर है – हाईवे बनाने के लिए मिले सरकारी पैसे की हेराफेरी करना और उसे गैर-कानूनी तरीके से विदेश भेजना.क्या हैEDका पूरा आरोप?प्रवर्तन निदेशालय का कहना है कि रिलायंस इंफ्रास्ट्रक्चर ने अपनी सहायक कंपनियों (SPVs)के जरिए यह कथित गड़बड़ी की.कैसे हुआ खेल?आरोप है कि कंपनी को भारतीय राष्ट्रीय राजमार्ग प्राधिकरण (NHAI)से हाईवे बनाने के जो प्रोजेक्ट मिले थे,उसके लिए जारी हुए सरकारी पैसे को कंपनी ने खुर्द-बुर्द कर दिया.पैसा गया विदेश:ईडी का आरोप है कि इस पैसे को गैर-कानूनी तरीके से देश से बाहर भेज दिया गया,जो विदेशी मुद्रा प्रबंधन अधिनियम (FEMA)कानून का सीधा-सीधा उल्लंघन है.पूछताछ के लिए नहीं पहुंचे थे अनिल अंबानीइस केस की जांच को लेकर ED कितनी सीरियस है, इसका अंदाज़ा इसी बात से लगाया जा सकता है कि एजेंसी ने पिछले महीने खुद अनिल अंबानी को पूछताछ के लिए बुलाया था। लेकिन, वह अपना बयान दर्ज कराने के लिए एजेंसी के सामने पेश नहीं हुए।इस पूरी कार्रवाई पर अभी तक रिलायंस इंफ्रास्ट्रक्चर की तरफ से कोई कमेंट नहीं आया है।ED ने अपने बयान में क्या कहा?ED ने साफ कहा कि फॉरेन एक्सचेंज मैनेजमेंट एक्ट (FEMA) के उल्लंघन के आरोपों के तहत रिलायंस इंफ्रास्ट्रक्चर लिमिटेड के 13 बैंक अकाउंट से ट्रांजैक्शन पर रोक लगा दी गई है। इन अकाउंट में कुल 54.82 करोड़ रुपये जमा हैं। एजेंसी की जांच अभी भी जारी है।