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हेल्दी खाना और रोज एक्सरसाइज के बाद भी नहीं घट रहा वजन? डॉक्टर से जानें इसके पीछे की असली वजह

आजकल की भागदौड़ भरी जिंदगी में फिट रहना और वजन को कंट्रोल में रखना सबसे बड़ी चुनौतियों में से एक बन गया है। बहुत से लोग अपने बढ़ते वजन को कम करने के लिए कड़ा रूटीन फॉलो करते हैं—वे जंक फूड छोड़कर पूरी तरह से हेल्दी डाइट (Healthy Diet) अपना लेते हैं और जिम में घंटों पसीना बहाते हैं या रोज सुबह कार्डियो एक्सरसाइज करते हैं। लेकिन इसके बावजूद, जब वे वेटिंग मशीन पर खड़े होते हैं, तो सुई टस से मस नहीं होती। अगर आपके साथ भी ऐसा हो रहा है, तो निराश होने के बजाय यह समझने का समय है कि इसके पीछे कुछ छिपे हुए चिकित्सीय या लाइफस्टाइल से जुड़े कारण हो सकते हैं। देश के जाने-माने डॉक्टरों और एंडोक्रिनोलॉजिस्ट्स ने इस रहस्य से पर्दा उठाया है कि आखिर सब कुछ सही करने के बाद भी आपका वेट लॉस (Weight Loss Journey) क्यों रुक जाता है।

क्या आपके हॉर्मोन्स बन रहे हैं वजन घटाने की राह में सबसे बड़ा रोड़ा

एक सीनियर हेल्थ रिपोर्टर के नजरिए से देखें तो चिकित्सा विशेषज्ञों का मानना है कि केवल कम खाने और ज्यादा कसरत करने से ही वजन नहीं घटता, बल्कि इसके पीछे हमारे शरीर का आंतरिक सिस्टम सबसे बड़ी भूमिका निभाता है। डॉक्टरों के अनुसार, अगर आपकी डाइट और वर्कआउट परफेक्ट है, तो आपको सबसे पहले अपने हॉर्मोन्स की जांच करानी चाहिए। थायराइड की कमी (Hypothyroidism), महिलाओं में पीसीओडी या पीसीओएस (PCOS/PCOD) और शरीर में कोर्टिसोल यानी स्ट्रेस हॉर्मोन का स्तर बढ़ने से मेटाबॉलिज्म बेहद धीमा हो जाता है। ऐसी स्थिति में शरीर फैट बर्न करने के बजाय उसे स्टोर करने लगता है, जिससे आप कितनी भी कोशिश कर लें, वजन कम करना नामुमकिन जैसा हो जाता है।

अधूरी नींद और मानसिक तनाव: वेट लॉस के दो सबसे बड़े और छिपे हुए दुश्मन

आधुनिक चिकित्सा विज्ञान में यह साबित हो चुका है कि वजन का सीधा संबंध आपकी मानसिक स्थिति और सोने के पैटर्न से है। डॉक्टर बताते हैं कि जो लोग रोज ७ से ८ घंटे की गहरी नींद नहीं लेते, उनके शरीर में लेप्टिन और घ्रेलिन नाम के हॉर्मोन्स असंतुलित हो जाते हैं, जो भूख और तृप्ति को कंट्रोल करते हैं। नींद पूरी न होने से मीठा और हाई-कैलोरी फूड खाने की क्रेविंग बढ़ती है। इसके साथ ही, क्रोनिक स्ट्रेस (लगातार तनाव) के कारण शरीर में इंसुलिन रेजिस्टेंस बढ़ जाता है। यानी भले ही आप उबला हुआ या हेल्दी खाना खा रहे हों, तनाव के कारण आपका शरीर उस भोजन को ऊर्जा में बदलने के बजाय सीधे फैट के रूप में जमा करने लगता है।

पोर्शन कंट्रोल की अनदेखी और 'हेल्दी फूड' का जरूरत से ज्यादा सेवन

कई बार वजन न घटने की वजह बहुत सामान्य होती है जिसे हम नजरअंदाज कर देते हैं। न्यूट्रिशनिस्ट्स के मुताबिक, अक्सर लोग 'हेल्दी' टैग वाले फूड जैसे नट्स, एवोकैडो, ऑलिव ऑयल, ओट्स या प्रोटीन बार का जरूरत से ज्यादा सेवन कर लेते हैं। याद रखें कि हेल्दी फूड में भी कैलोरी होती है। अगर आप जरूरत से ज्यादा कैलोरी ले रहे हैं, भले ही वह साफ और पौष्टिक खाने से आ रही हो, तो आपका वेट लॉस रुक जाएगा (Weight Loss Plateau)। इसके अलावा, रोज एक ही तरह की एक्सरसाइज करने से शरीर उसका आदी हो जाता है, जिससे कैलोरी बर्न होना कम हो जाता है। डॉक्टरों की सलाह है कि अपने वर्कआउट में बदलाव करें और स्ट्रेंथ ट्रेनिंग को जरूर शामिल करें।

वजन कम करने के लिए डॉक्टरों की स्पेशल और असरदार टिप्स

अगर आप इस गतिरोध को तोड़ना चाहते हैं, तो डॉक्टरों का कहना है कि सबसे पहले किसी अच्छे फिजिशियन से मिलकर अपना कंप्लीट ब्लड काउंट (CBC), थायराइड प्रोफाइल, विटामिन डी3 और बी12 की जांच करवाएं। इसके साथ ही, अपने खाने का एक फूड डायरी में रिकॉर्ड रखें ताकि आपको वास्तविक कैलोरी इनटेक का पता चल सके। क्रैश डाइट या भूखे रहने की गलती बिल्कुल न करें, क्योंकि इससे शरीर स्टार्वेशन मोड में चला जाता है और मेटाबॉलिज्म और ज्यादा सुस्त हो जाता है। पर्याप्त मात्रा में पानी पिएं, तनाव को कम करने के लिए योग या मेडिटेशन का सहारा लें और एक कस्टमाइज्ड फिटनेस प्लान के तहत ही आगे बढ़ें।

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