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Cannes 2026 Special : तालियों की गड़गड़ाहट से गूंजा था कांस, पर All We Imagine as Light की रिलीज पर क्यों लगा है ब्रेक?

News India Live, Digital Desk: भारतीय फिल्म निर्देशक पायल कपाड़िया ने तब इतिहास रच दिया जब उनकी फिल्म ‘ऑल वी इमेजिन एज लाइट’ (All We Imagine as Light) को कांस फिल्म फेस्टिवल के मुख्य कॉम्पीटिशन सेक्शन में जगह मिली और वहां इसे 8 मिनट लंबा स्टैंडिंग ओवेशन (खड़े होकर सम्मान) मिला। यह 30 वर्षों में पहली भारतीय फिल्म थी जिसने यह उपलब्धि हासिल की, लेकिन भारतीय दर्शकों के लिए यह इंतजार अब भी खत्म नहीं हुआ है।1. क्यों खास है यह फिल्म? (The Plot)यह फिल्म मुंबई की दो नर्सों, प्रभा और अनु की कहानी है, जो अपने व्यस्त जीवन और रिश्तों के बीच अपनी पहचान तलाश रही हैं।उपलब्धि: इसने कांस में प्रतिष्ठित ‘ग्रैंड प्रिक्स’ (Grand Prix) पुरस्कार जीता, जो ‘पाम डी’ओर’ के बाद दूसरा सबसे बड़ा सम्मान है।समीक्षा: अंतरराष्ट्रीय समीक्षकों ने इसे “काव्यात्मक” और “मानवीय भावनाओं का सुंदर चित्रण” बताया है।2. भारत में रिलीज न होने की वजहें (Challenges in India)इतनी बड़ी सफलता के बावजूद भारत में इसकी रिलीज को लेकर कुछ पेंच फंसे हुए हैं:चुनौतीविवरणडिस्ट्रीब्यूशन की कमीऐसी ‘आर्ट-हाउस’ फिल्मों को भारत में बड़े डिस्ट्रीब्यूटर्स नहीं मिल पाते, क्योंकि वे व्यावसायिक सफलता (मसाला फिल्मों) को प्राथमिकता देते हैं।सेंसर बोर्ड (CBFC)अंतरराष्ट्रीय स्तर पर सराही गई फिल्मों को कभी-कभी भारतीय सेंसर बोर्ड की कैंची का सामना करना पड़ता है, जिससे निर्देशक समझौता नहीं करना चाहते।OTT प्लेटफॉर्म्स का रुखबड़े स्ट्रीमिंग प्लेटफॉर्म्स अक्सर केवल उन्हीं फिल्मों को खरीदते हैं जिनमें बड़े बॉलीवुड सितारे हों, जिससे स्वतंत्र फिल्मों को जगह कम मिलती है।3. ‘आर्ट सिनेमा’ का संघर्षयह पहली बार नहीं है जब किसी भारतीय फिल्म के साथ ऐसा हुआ हो। ‘ऑल वी इमेजिन एज लाइट’ से पहले भी कई फिल्में इस फेहरिस्त में रही हैं:’कैद’ (The Disciple): वेनिस में अवॉर्ड जीतने के बाद इसे रिलीज में काफी समय लगा।’मूनलाइट’ के तर्ज पर बनी फिल्में: जो विदेशी धरती पर वाहवाही बटोरती हैं, लेकिन स्वदेश में केवल फिल्म फेस्टिवल्स तक सिमट कर रह जाती हैं।4. क्या 2026 में खत्म होगा इंतजार?ताजा रिपोर्ट्स के अनुसार, पायल कपाड़िया और उनकी टीम अब कुछ स्वतंत्र डिस्ट्रीब्यूटर्स और लिमिटेड थिएटर रिलीज के लिए बातचीत कर रही है। उम्मीद है कि 2026 के मध्य तक इसे भारत के कुछ चुनिंदा शहरों और बाद में प्रीमियम OTT प्लेटफॉर्म्स पर देखा जा सकेगा।दर्शकों की बदलती पसंदआज का भारतीय दर्शक ‘कांतारा’ और ’12th फेल’ जैसी फिल्मों को पसंद कर रहा है, जो जमीनी कहानियों पर आधारित हैं। ऐसे में ‘ऑल वी इमेजिन एज लाइट’ जैसी फिल्म की रिलीज न होना भारतीय सिनेमा प्रेमियों के लिए एक बड़ा नुकसान है। क्या हमारे सिनेमाघर केवल ब्लॉकबस्टर के लिए हैं, या कला के लिए भी वहां जगह बचे

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