समीक्षा बैठक में निर्देश, शत-प्रतिशत लक्ष्य प्राप्ति और बजट का पूर्ण सदुपयोग सुनिश्चित करें अधिकारी, ‘लखपति दीदी’ और नई तकनीक की सड़कों पर दिया जोर, केशव मौर्य

केशव प्रसाद मौर्य की अध्यक्षता में7-कालिदास मार्ग पर ग्राम्य विकास,ग्रामीण अभियन्त्रण,खाद्य प्रसंस्करण एवं राष्ट्रीय एकीकरण विभागों के वरिष्ठ अधिकारियों के साथ उच्च स्तरीय समीक्षा बैठक सम्पन्न हुई। उपमुख्यमंत्री ने स्पष्ट निर्देश दिए कि सभी विभाग अपनी जनकल्यणकारी योजनाओं में शत-प्रतिशत लक्ष्य की प्राप्ति सुनिश्चित करें। उन्होंने कड़े शब्दों में कहा कि विकास कार्यों के लिए आवंटित बजट किसी भी दशा में लेप्स नहीं होना चाहिए और उसका समयबद्ध एवं पारदर्शी उपयोग सुनिश्चित किया जाए।बैठक में निर्देश एवं निर्णय:ग्राम्य विकास एवं ग्रामीण इंजीनियरिंग: उपमुख्यमंत्री ने निर्देश दिया कि केंद्र सरकार की योजनाओं के प्रभावी क्रियान्वयन हेतु बेहतर समन्वय स्थापित किया जाए ताकि ग्रामीण क्षेत्रों को अधिकतम लाभ मिल सके।प्रशिक्षण में पारदर्शिता (DDU-SIRD):दीन दयाल उपाध्याय राज्य ग्रामीण विकास संस्थान को प्रतिमाह 1 लाख लोगों को प्रशिक्षण दिलाने की व्यवस्था करने के निर्देश दिए गए। पारदर्शिता हेतु सभी प्रशिक्षणकर्ताओं की उपस्थिति बायोमेट्रिक माध्यम से अनिवार्य की जाएगी। साथ ही,विभागवार एक विस्तृत प्रशिक्षण कैलेंडर भी जारी किया जाए।आधुनिक सड़क निर्माण (UPRRDA):उत्तर प्रदेश राज्य ग्रामीण सड़क अभिकरण को निर्देशित किया गया कि वे पर्यावरण अनुकूल (Eco-friendly) और लोंग लास्टिंग (दीर्घकालिक) नई तकनीक पर आधारित सड़कों का निर्माण करें,जिससे ग्रामीण इंफ्रास्ट्रक्चर मजबूत हो।महिला सशक्तिकरण (राज्य आजीविका मिशन): प्रधानमंत्री जी के विजन के अनुरूप, 3 करोड़ सखियों (लखपति दीदी) को बनाने के लक्ष्य को प्राप्त करने हेतु युद्ध स्तर पर कार्यवाही करने के निर्देश दिए गए।आयुक्त ग्राम्य विकास विभाग को आदेशित किया की वे प्रदेश के सभीजिलों में’जी राम जी योजना’ हेतुकार्यक्रम तैयार करें ।सार्वजनिक उद्यम विभाग को महापुरुषों के नाम पर नई जनहितकारी योजनाएं बनाने के निर्देश दिए गए।अंत में उन्होंने अधिकारियों को चेतावनी दी कि कार्यों में शिथिलता बरतने वालों के विरुद्ध कड़ी कार्यवाही की जाएगी।