Akshay Tritiya 2026: सोना खरीदना बजट से बाहर है तो न हों परेशान, अक्षय तृतीया पर इन सस्ती चीजों की खरीदारी से भी बरसेगी मां लक्ष्मी की कृपा

धर्म डेस्क | हिंदू पंचांग के सबसे शुभ दिनों में से एक ‘अक्षय तृतीया’ का पर्व इस साल कई अद्भुत संयोग लेकर आ रहा है। यह एक ऐसा ‘अबूझ मुहूर्त’ है जिसमें किसी भी मांगलिक कार्य के लिए पंचांग देखने की आवश्यकता नहीं होती। मान्यता है कि इस दिन जो भी वस्तु खरीदी जाती है, उसका क्षय नहीं होता, यानी वह हमेशा बढ़ती रहती है। हालांकि, सोने और चांदी की आसमान छूती कीमतों ने आम आदमी को सोच में डाल दिया है। ज्योतिष शास्त्र के अनुसार, माता लक्ष्मी को प्रसन्न करने के लिए केवल स्वर्ण ही एकमात्र विकल्प नहीं है; कुछ बेहद सस्ती और साधारण चीजें भी आपको वही ‘अक्षय’ पुण्य दिला सकती हैं।कब है अक्षय तृतीया? जानें तिथि और शुभ मुहूर्तसाल 2026 में अक्षय तृतीया का पर्व 19 अप्रैल, रविवार को मनाया जाएगा। वैशाख मास के शुक्ल पक्ष की तृतीया तिथि का शुभारंभ 19 अप्रैल को सुबह 10:50 बजे होगा और इसका समापन अगले दिन 20 अप्रैल को सुबह 07:27 बजे होगा। इस साल यह दिन और भी खास है क्योंकि इस दिन सर्वार्थ सिद्धि योग, रवि योग और अक्षय योग का त्रिवेणी संगम बन रहा है, जो खरीदारी और निवेश के लिए अत्यंत भाग्यशाली माना जाता है।मिट्टी का घड़ा: सोने से भी ज्यादा शुभ है ‘गरीबों का सोना’अगर आप इस साल सोना नहीं खरीद पा रहे हैं, तो एक मिट्टी का घड़ा (मटका) जरूर खरीदें। शास्त्रों के अनुसार, मिट्टी का संबंध मंगल ग्रह से है और अक्षय तृतीया पर मिट्टी की वस्तुएं घर लाना मंगल दोष को दूर करता है। इस दिन नया घड़ा खरीदकर उसमें शुद्ध जल या गंगाजल भरकर घर की उत्तर दिशा में रखने से आर्थिक तंगी दूर होती है। मान्यता है कि मिट्टी के पात्र में मां लक्ष्मी का वास होता है, जो घर में बरकत और सकारात्मक ऊर्जा लाता है।हल्दी की गांठ और तांबे के बर्तन भी दिलाएंगे अक्षय पुण्यसोने के विकल्प के रूप में हल्दी की गांठ खरीदना बेहद शुभ माना जाता है। हल्दी का पीला रंग भगवान विष्णु और बृहस्पति देव का प्रिय है। अक्षय तृतीया पर हल्दी खरीदकर उसे लक्ष्मी पूजन में शामिल करें और बाद में अपनी तिजोरी में रख दें। इसके अलावा, तांबे के बर्तन, रुई, लाल कपड़ा और अक्षत (चावल) की खरीदारी भी घर में सुख-समृद्धि लाती है। ये चीजें न केवल बजट में हैं, बल्कि इनका धार्मिक महत्व भी सोने के समान ही बताया गया है।पुण्य और दान का विशेष महत्वअक्षय तृतीया केवल खरीदारी का दिन नहीं, बल्कि दान का भी महापर्व है। इस दिन प्यासे को पानी पिलाना, सत्तू का दान करना और पंखा दान करना विशेष फलदायी होता है। ज्योतिष विशेषज्ञों का मानना है कि इस दिन किए गए दान से कुंडली में सूर्य और चंद्रमा की स्थिति मजबूत होती है। यदि आप किसी नए बिजनेस या भूमि पूजन की योजना बना रहे हैं, तो 19 अप्रैल का दिन आपके लिए सफलता के द्वार खोल सकता है।