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Baramati Bypoll 2026 : सुनेत्रा पवार की निर्विरोध जीत तय, कांग्रेस ने आखिरी समय में वापस लिया उम्मीदवार

News India Live, Digital Desk: महाराष्ट्र की सियासत के सबसे महत्वपूर्ण गढ़ बारामती में एक बड़ा उलटफेर हुआ है। 23 अप्रैल 2026 को होने वाले विधानसभा उपचुनाव के लिए कांग्रेस ने अपनी प्रत्याशी आकाश विश्वनाथ मोरे का नाम वापस ले लिया है। इस फैसले के साथ ही राज्य की उपमुख्यमंत्री और एनसीपी उम्मीदवार सुनेत्रा पवार की निर्विरोध जीत का रास्ता साफ हो गया है। गुरुवार (9 अप्रैल) को नामांकन वापसी के आखिरी दिन कांग्रेस के इस कदम ने बारामती की चुनावी लड़ाई को खत्म कर दिया है।अजीत पवार के सम्मान में ‘पीछे हटी’ कांग्रेसयह उपचुनाव दिग्गज नेता और पूर्व उपमुख्यमंत्री अजीत पवार के आकस्मिक निधन के कारण खाली हुई सीट पर हो रहा है। महाराष्ट्र प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष हर्षवर्धन सपकाल ने मुंबई में एक प्रेस ब्रीफिंग के दौरान इस फैसले का औपचारिक ऐलान किया। सपकाल ने कहा कि अजीत पवार महाराष्ट्र के कद्दावर नेता थे और उनके प्रति सम्मान व्यक्त करने के लिए कांग्रेस ने भावनात्मक अपीलों को स्वीकार करते हुए अपने कदम पीछे खींच लिए हैं। हालांकि, उन्होंने यह भी स्पष्ट किया कि पार्टी बीजेपी की विचारधारा के खिलाफ अपनी लड़ाई जारी रखेगी।शरद पवार की ‘सलाह’ और महायुति की रणनीतिदिलचस्प बात यह है कि इस उपचुनाव में विपक्षी गठबंधन (MVA) के भीतर भी काफी हलचल देखने को मिली। शुरुआत में कांग्रेस इस सीट पर लड़ने के लिए अड़ी थी, लेकिन एनसीपी (एसपी) प्रमुख शरद पवार ने आखिरी समय में कांग्रेस को अपना उम्मीदवार हटाने की सलाह दी। शरद पवार ने कहा कि एक प्रतिभावान नेता (अजीत पवार) के निधन से यह सीट खाली हुई है, ऐसे में सर्वसम्मति से चुनाव कराना एक बेहतर संदेश होगा। मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस और खुद सुनेत्रा पवार ने भी कांग्रेस नेतृत्व से संपर्क कर निर्विरोध निर्वाचन की अपील की थी।बारामती में नई राजनीतिक परंपरा की शुरुआतअजीत पवार पिछले आठ बार से बारामती का प्रतिनिधित्व कर रहे थे। उनके निधन के बाद यह पहला मौका था जब पवार परिवार की विरासत को लेकर संशय बना हुआ था। लेकिन अब सुनेत्रा पवार का निर्विरोध चुना जाना तय है। राजनीतिक जानकारों का मानना है कि इस फैसले से महाराष्ट्र की राजनीति में एक नई ‘सौहार्दपूर्ण’ परंपरा देखने को मिली है, जहां दुख की घड़ी में प्रतिद्वंद्वी दलों ने भी एकजुटता दिखाई है। अब केवल औपचारिकताएं बाकी हैं, जिसके बाद सुनेत्रा पवार को आधिकारिक तौर पर निर्वाचित घोषित कर दिया जाएगा।

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