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पहाड़ों पर कुदरत का कहर हिमाचल में लैंडस्लाइड से तबाही, उत्तराखंड-कश्मीर में भारी बर्फबारी और बारिश का रेड अलर्ट

News India Live, Digital Desk : उत्तर भारत के पहाड़ी राज्यों में मौसम ने एक बार फिर डरावना रूप अख्तियार कर लिया है। हिमाचल प्रदेश की राजधानी शिमला समेत कई जिलों में भारी बारिश के बाद हुए लैंडस्लाइड (भूस्खलन) ने जनजीवन अस्त-व्यस्त कर दिया है। मलबे की चपेट में आने से कई मुख्य संपर्क मार्ग बंद हो गए हैं, जिससे हजारों पर्यटक और स्थानीय लोग फंस गए हैं। उधर, उत्तराखंड और कश्मीर के ऊंचे इलाकों में हो रही लगातार बर्फबारी ने कड़ाके की ठंड बढ़ा दी है, जिसके चलते मौसम विभाग ने अगले 48 घंटों के लिए रेड अलर्ट जारी किया है।हिमाचल में भारी लैंडस्लाइड: मलबे में तब्दील हुए रास्तेहिमाचल प्रदेश में पिछले 24 घंटों से हो रही मूसलाधार बारिश आफत बनकर टूटी है। शिमला के पास कई स्थानों पर पहाड़ दरकने से नेशनल हाईवे बाधित हो गया है। स्थानीय प्रशासन ने एहतियात के तौर पर संवेदनशील इलाकों को खाली करने के निर्देश दिए हैं। लैंडस्लाइड के कारण बिजली के खंभे और संचार लाइनें भी क्षतिग्रस्त हुई हैं, जिससे कई गांवों का संपर्क पूरी तरह से टूट गया है। प्रशासन ने पर्यटकों को सलाह दी है कि वे फिलहाल पहाड़ों की ओर रुख न करें और सुरक्षित स्थानों पर ही रुकें।उत्तराखंड और कश्मीर में बर्फबारी का तांडवउत्तराखंड के चमोली, उत्तरकाशी और पिथौरागढ़ जैसे ऊंचाई वाले क्षेत्रों में बर्फ की मोटी चादर बिछ गई है। बद्रीनाथ और केदारनाथ धाम में भी भारी हिमपात जारी है। कश्मीर घाटी में भी हालात कुछ अलग नहीं हैं; गुलमर्ग और सोनमर्ग में बर्फबारी के कारण तापमान शून्य से कई डिग्री नीचे चला गया है। मौसम विभाग (IMD) के अनुसार, एक सक्रिय पश्चिमी विक्षोभ (Western Disturbance) के कारण मैदानी इलाकों में बारिश और पहाड़ों पर बर्फबारी का यह दौर अभी दो-तीन दिनों तक जारी रह सकता है।चारधाम यात्रा और पर्यटन पर ब्रेकमौसम के बिगड़ते मिजाज को देखते हुए उत्तराखंड में चारधाम यात्रा की तैयारियों पर भी असर पड़ा है। कई जगहों पर रास्तों से बर्फ हटाने का काम रोक दिया गया है। कश्मीर में खराब दृश्यता के चलते श्रीनगर हवाई अड्डे से उड़ानों पर भी असर पड़ने की संभावना है। प्रशासन ने भूस्खलन संभावित क्षेत्रों में SDRF और NDRF की टीमों को मुस्तैद कर दिया है ताकि किसी भी आपात स्थिति से तुरंत निपटा जा सके।मैदानी इलाकों में भी दिखेगा असरपहाड़ों पर हो रही इस बर्फबारी और बारिश का सीधा असर दिल्ली-NCR समेत उत्तर भारत के मैदानी इलाकों में भी देखने को मिलेगा। ठंडी हवाओं के चलने से तापमान में 3 से 5 डिग्री सेल्सियस तक की गिरावट आ सकती है। मौसम वैज्ञानिकों का कहना है कि अप्रैल के महीने में इस तरह का मौसम अप्रत्याशित है और यह जलवायु परिवर्तन के बढ़ते प्रभाव का संकेत है।

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