मिडिल क्लास के बच्चों की बल्ले-बल्ले! देश की नंबर-1 यूनिवर्सिटी में बीटेक की फीस बेहद कम

देश के लाखों छात्रों का सपना होता है कि वे अपनी स्कूली पढ़ाई पूरी करने के बाद देश के सबसे प्रतिष्ठित और नंबर-1 शिक्षण संस्थान से बीटेक (B.Tech) की डिग्री हासिल करें। इंजीनियरिंग के क्षेत्र में करियर बनाने की चाह रखने वाले होनहार छात्रों के लिए एडमिशन सीजन 2026 के बीच एक बहुत बड़ी और राहत भरी खबर सामने आई है। अक्सर देखा जाता है कि प्राइवेट कॉलेजों में इंजीनियरिंग की पढ़ाई का खर्च आम परिवारों के बजट से बाहर हो जाता है, लेकिन देश की इस शीर्ष यूनिवर्सिटी ने अपनी फीस संरचना और स्कॉलरशिप नीतियों से एक बार फिर साबित कर दिया है कि यह मेधावी छात्रों के लिए सबसे बेहतरीन विकल्प क्यों है। देश की नंबर-1 यूनिवर्सिटी में पढ़ाई का कुल खर्च कितना है इंजीनियरिंग की रेस में शामिल होने वाले छात्रों के लिए सबसे अच्छी बात यह है कि देश की नंबर-1 रैंकिंग वाली इस यूनिवर्सिटी (जैसे आईआईटी मद्रास या दिल्ली यूनिवर्सिटी के बीटेक प्रोग्राम) में फीस का ढांचा बेहद पारदर्शी और किफायती रखा गया है। सामान्य (General) और ओबीसी (OBC) वर्ग के छात्रों के लिए औसतन सालाना ट्यूशन फीस लगभग 2 लाख रुपये के आस-पास होती है। इसके अलावा हॉस्टल, मेस और कूटनीतिक शुल्कों को मिलाकर भी यह खर्च निजी यूनिवर्सिटीज की तुलना में बेहद कम बैठता है। सबसे बड़ी बात यह है कि यहां से पढ़ाई पूरी करने के बाद मिलने वाला पैकेज और रिटर्न ऑन इन्वेस्टमेंट (ROI) दुनिया में सबसे शानदार माना जाता है। SC-ST और दिव्यांग छात्रों के लिए सरकार का ऐतिहासिक फैसला इस यूनिवर्सिटी की सबसे खूबसूरत बात इसकी सामाजिक और आर्थिक कल्याणकारी नीतियां हैं, जो हर वर्ग के प्रतिभावान छात्र को आगे बढ़ने का समान अवसर देती हैं। सरकारी नियमों और यूनिवर्सिटी की गाइडलाइंस के मुताबिक, अनुसूचित जाति (SC), अनुसूचित जनजाति (ST) और शारीरिक रूप से अक्षम (PWD) श्रेणियों के अंतर्गत आने वाले सभी छात्रों के लिए ट्यूशन फीस पूरी तरह से यानी 100% माफ होती है। इन छात्रों को एडमिशन के समय केवल कुछ बुनियादी सुरक्षा जमा राशि (कॉशन मनी) और सेमेस्टर के अन्य छोटे-मोटे खर्च ही देने होते हैं, जिससे आर्थिक रूप से कमजोर परिवारों के बच्चों पर पढ़ाई का कोई बोझ नहीं पड़ता। सामान्य और ओबीसी वर्ग के आर्थिक कमजोर बच्चों को भी मिलेगी बड़ी राहत अगर आप सामान्य या ओबीसी श्रेणी से आते हैं और आपके परिवार की आर्थिक स्थिति ठीक नहीं है, तब भी आपको निराश होने की जरूरत नहीं है। यूनिवर्सिटी प्रशासन ऐसे छात्रों के लिए भी फीस माफी की बेहतरीन योजनाएं चलाता है। जिन छात्रों के परिवार की सालाना आय 1 लाख रुपये से कम है, उनकी भी पूरी ट्यूशन फीस माफ कर दी जाती है। वहीं, जिन परिवारों की सालाना आय 1 लाख रुपये से लेकर 5 लाख रुपये के बीच होती है, उन्हें ट्यूशन फीस में दो-तिहाई (लगभग 66%) तक की भारी छूट दी जाती है। इस व्यवस्था के कारण कोई भी गरीब या मध्यम वर्गीय मेधावी छात्र पैसों की तंगी की वजह से उच्च शिक्षा से वंचित नहीं रह पाता। एडमिशन प्रक्रिया 2026 और काउंसिलिंग के समय इन बातों का रखें ध्यान बीटेक एडमिशन 2026 की काउंसिलिंग प्रक्रिया में शामिल होने से पहले छात्रों को अपने सभी जरूरी दस्तावेज तैयार रख लेने चाहिए। विशेष रूप से आरक्षित वर्ग और आर्थिक रूप से कमजोर वर्ग (EWS) के छात्रों को फीस माफी का लाभ उठाने के लिए केंद्र सरकार के प्रारूप में बना हुआ नवीनतम जाति प्रमाण पत्र और आय प्रमाण पत्र प्रस्तुत करना अनिवार्य होता है। इसके साथ ही, इस नंबर-1 यूनिवर्सिटी में दाखिले के लिए जेईई (JEE) के स्कोर और काउंसिलिंग की तारीखों पर पैनी नजर रखनी होगी, क्योंकि देश के सबसे कड़े कॉम्पिटिशन को पार करने के बाद ही इस ऐतिहासिक और विश्वस्तरीय कैंपस में एंट्री का टिकट मिलता है।