कब है साल की सबसे बड़ी भानु सप्तमी? सूर्यदेव की कृपा पाने के लिए आचार्य से जानिए सही तारीख

हिंदू सनातन धर्म में सूर्य उपासना का सबसे बड़ा और अत्यंत फलदायी पर्व भानु सप्तमी माना जाता है। जब भी शुक्ल पक्ष की सप्तमी तिथि रविवार के दिन पड़ती है, तो उसे भानु सप्तमी के महासंयोग के रूप में मनाया जाता है। ज्योतिष शास्त्र और धार्मिक मान्यताओं के अनुसार, भानु सप्तमी के दिन साक्षात सूर्यदेव की आराधना करने से साधक को आरोग्यता, सुख-समृद्धि और समाज में उच्च पद-प्रतिष्ठा की प्राप्ति होती है। इस साल 2026 में आ रही भानु सप्तमी को लेकर भक्तों में भारी उत्साह देखा जा रहा है। कूटनीतिक और आध्यात्मिक नजरिए से इस दिन सूर्य देव की रश्मियां पृथ्वी पर विशेष सकारात्मक ऊर्जा का संचार करती हैं, जो मानव जीवन के लिए बेहद कल्याणकारी मानी जाती हैं।
आचार्य से जानिए साल 2026 की सही तिथि और शुभ मुहूर्त का गणित इस वर्ष भानु सप्तमी की सटीक तारीख को लेकर पंचांग के अनुसार आम जनता के बीच थोड़े मतभेद बने हुए थे, लेकिन प्रसिद्ध ज्योतिषाचार्यों और आचार्यों ने अब इसकी सही तिथि और गणना को पूरी तरह साफ कर दिया है। आचार्य जी के मुताबिक, शुक्ल पक्ष की सप्तमी तिथि का प्रारंभ और रविवार का अद्भुत संयोग जिस दिन बन रहा है, वही भानु सप्तमी का वास्तविक दिन होगा। इस विशेष दिन ब्रह्ममुहूर्त से लेकर दोपहर तक का समय सूर्य साधना के लिए सर्वोत्तम माना गया है। यदि आप भी इस दिन व्रत और पूजा का संकल्प ले रहे हैं, तो शुभ मुहूर्त के भीतर ही अपनी पूजा संपन्न करें ताकि आपको इस महाव्रत का सौ प्रतिशत पुण्य फल प्राप्त हो सके।
भगवान सूर्य नारायण को प्रसन्न करने की सबसे सरल और अचूक पूजा विधि भानु सप्तमी के दिन सुबह सूर्योदय से पहले उठकर स्नान आदि से निवृत्त होना सबसे पहला और जरूरी नियम है। आचार्य जी बताते हैं कि इस दिन किसी पवित्र नदी में स्नान करने या घर पर ही नहाने के पानी में गंगाजल मिलाकर स्नान करने से सात जन्मों के पाप धुल जाते हैं। इसके बाद तांबे के लोटे में शुद्ध जल, लाल चंदन, अक्षत, लाल फूल और थोड़ी सी शक्कर मिलाकर उगते हुए सूर्य नारायण को 'ॐ घृणि सूर्याय नमः' मंत्र का जाप करते हुए अर्घ्य देना चाहिए। अर्घ्य देते समय जल की गिरती धार के बीच से सूर्यदेव के दर्शन करना आंखों की रोशनी के लिए अत्यंत लाभकारी माना गया है। इसके पश्चात धूप-दीप जलाकर आदित्य हृदय स्तोत्र का पाठ करना जीवन के हर क्षेत्र में सफलता का मार्ग खोल देता है।
भानु सप्तमी के दिन इन विशेष चीजों का दान बदल देगा आपकी किस्मत इस पावन तिथि पर पूजा-पाठ के साथ-साथ दान का भी एक विशेष और अनूठा महत्व शास्त्रों में बताया गया है। चूंकि सूर्यदेव को तेज और अन्न-धन का कारक माना जाता है, इसलिए भानु सप्तमी के दिन गेहूं, तांबे के बर्तन, लाल वस्त्र, गुड़ और मसूर की दाल का दान किसी जरूरतमंद या ब्राह्मण को अवश्य करना चाहिए। ऐसा करने से कुंडली में सूर्य ग्रह मजबूत होता है और सरकारी नौकरी या पैतृक संपत्ति से जुड़े विवादों में सफलता मिलती है। आचार्य जी की सलाह है कि इस दिन नमक का सेवन पूरी तरह वर्जित रखना चाहिए और फलाहार व्रत रखकर सूर्यदेव की आरती के साथ अपने दिन को सफल बनाना चाहिए।