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Adhik Mas 2026: 15 जून को खत्म हो रहा है मलमास, जानिए आखिरी दिनों में क्या करें कि चमक जाए सोई हुई किस्मत

Adhik Mas 2026: 15 जून को खत्म हो रहा है मलमास, जानिए आखिरी दिनों में क्या करें कि चमक जाए सोई हुई किस्मत

हिंदू कैलेंडर में अधिकमास, जिसे हम मलमास या पुरुषोत्तम मास भी कहते हैं, एक बहुत ही पवित्र और आध्यात्मिक महीना माना जाता है। साल 2026 में यह विशेष महीना आगामी 15 जून को समाप्त होने जा रहा है। जैसे-जैसे इस महीने के आखिरी दिन नजदीक आ रहे हैं, लोगों के बीच यह उत्सुकता बढ़ गई है कि इस बचे हुए समय का पूरा लाभ कैसे उठाया जाए और कौन से ऐसे काम हैं जिन्हें अभी टाल देना ही समझदारी है।

अक्सर लोग अधिकमास का नाम सुनते ही इसे एक 'अशुभ' समय मान लेते हैं, जबकि असलियत इसके बिल्कुल उलट है। यह महीना सांसारिक भागदौड़ से हटकर खुद को अध्यात्म से जोड़ने और पुण्य कमाने का एक बेहतरीन मौका होता है। आइए समझते हैं इस महीने से जुड़ी कुछ खास बातें और इसके बाद बदलने वाले शुभ मुहूर्तों का पूरा समीकरण।

अधिकमास में मांगलिक कार्यों पर ब्रेक क्यों?

ज्योतिषीय गणना के अनुसार, अधिकमास तब आता है जब सूर्य किसी भी राशि में प्रवेश नहीं करता यानी कोई संक्रांति नहीं होती। इस वजह से इस अतिरिक्त महीने को पंचांग संतुलन के लिए जोड़ दिया जाता है।

ज्योतिषाचार्यों का मानना है कि इस अवधि के दौरान सूर्य की ऊर्जा थोड़ी धीमी या कमजोर हो जाती है। चूंकि हिंदू धर्म में सूर्य को सफलता, तेज और ऊर्जा का कारक माना गया है, इसलिए इस समय किसी भी नए भौतिक कार्य या जीवन के बड़े फैसलों की शुरुआत करना सही नहीं माना जाता। यही कारण है कि इस दौरान:

  • शादियों की शहनाइयां शांत रहती हैं।

  • नए घर में गृह प्रवेश या भूमि पूजन नहीं किया जाता।

  • बच्चों का मुंडन या जनेऊ संस्कार टाल दिया जाता है।

  • नए बिजनेस या व्यापार की शुरुआत करने से बचा जाता है।

क्या अधिकमास सचमुच अशुभ होता है?

यह हमारे समाज में फैला एक बहुत बड़ा भ्रम है। धार्मिक ग्रंथों और पुराणों में इसे किसी भी तरह से अशुभ नहीं, बल्कि 'पुरुषोत्तम मास' कहा गया है— यानी वह महीना जो साक्षात भगवान विष्णु और श्रीकृष्ण को समर्पित है।

इस समय किए गए जप, तप, भजन और कीर्तन का फल आम दिनों के मुकाबले कई गुना ज्यादा मिलता है। इसलिए इसे डर या वहम का महीना मानने के बजाय अपनी आत्मिक उन्नति और मानसिक शांति का समय मानना चाहिए। यही वजह है कि इस पूरे महीने देश के बड़े-बड़े मंदिरों में विशेष पूजा-अर्चना और कथाओं का दौर चलता है।

समापन से पहले क्या करें और क्या न करें (Quick Guide)

15 जून को इस महीने के समाप्त होने से पहले आप कुछ बेहद आसान और जरूरी बातों का ध्यान रखकर पुण्य संचय कर सकते हैं:

 सेवा और समर्पण का संदेश

पौराणिक मान्यताओं के अनुसार, अधिकमास में की गई निस्वार्थ सेवा और गौसेवा सीधे भगवान नारायण तक पहुँचती है। इस महीने के आखिरी दिनों में किया गया एक छोटा सा सत्कर्म भी आपके जीवन के बड़े संकटों को टालने की क्षमता रखता है।

15 जून के बाद फिर लौटेगी रौनक

जैसे ही 15 जून 2026 को अधिकमास समाप्त होगा, वैसे ही पंचांग के अनुसार सभी मांगलिक और शुभ कार्यों के द्वार एक बार फिर खुल जाएंगे। जिन परिवारों ने अपने मांगलिक कार्यों, शादियों या नए बिजनेस की प्लानिंग को रोक रखा था, वे 15 जून के बाद आने वाली शुभ तिथियों और मुहूर्तों के हिसाब से अपने मांगलिक कार्यक्रमों की तैयारियां नए सिरे से शुरू कर सकते हैं।

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