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उम्र के हिसाब से रोज कितने किलोमीटर चलना है जरूरी? जानिए वॉकिंग का सही नियम और इसके बेमिसाल फायदे

उम्र के हिसाब से रोज कितने किलोमीटर चलना है जरूरी? जानिए वॉकिंग का सही नियम और इसके बेमिसाल फायदे

आज की इस भागदौड़ भरी और व्यस्त जिंदगी में खुद को तंदुरुस्त रखना एक बड़ी चुनौती बन गया है। फिट रहने के लिए लोग जिम, योग और न जाने क्या-क्या तरीके अपनाते हैं, लेकिन स्वास्थ्य विशेषज्ञ मानते हैं कि पैदल चलना (Walking) आज भी सेहतमंद रहने का सबसे सरल, सुरक्षित और असरदार माध्यम है। लेकिन अक्सर लोगों के मन में यह सवाल उठता है कि उन्हें रोज कितना चलना चाहिए?

हेल्थ एक्सपर्ट्स और कई रिसर्च से साफ हुआ है कि हर व्यक्ति के चलने का दायरा एक समान नहीं हो सकता। यह पूरी तरह से आपकी उम्र, शारीरिक क्षमता और स्वास्थ्य की स्थिति पर निर्भर करता है। बच्चों से लेकर बुजुर्गों तक, हर किसी के लिए सैर करने के मानक अलग-अलग तय किए गए हैं।

उम्र के अनुसार रोज कितनी सैर है जरूरी?

विश्व स्वास्थ्य संगठन (WHO) और अमेरिकी स्वास्थ्य एजेंसी (CDC) की गाइडलाइंस के आधार पर अलग-अलग उम्र के लोगों के लिए शारीरिक गतिविधियों के कुछ खास नियम बनाए गए हैं। आइए इसे नीचे दी गई तालिका से आसान भाषा में समझते हैं:

 बुजुर्गों के लिए विशेष सलाह

65 वर्ष से अधिक उम्र के लोगों को पैदल चलने के साथ-साथ अपने शरीर का संतुलन (Balance) बनाए रखने वाली हल्की-फुल्की एक्टिविटीज भी करनी चाहिए। इससे बढ़ती उम्र में हड्डियों की कमजोरी के कारण गिरने या चोट लगने का खतरा काफी कम हो जाता है।

रोजाना पैदल चलने के 5 सबसे बड़े स्वास्थ्य लाभ

नियमित रूप से सुबह या शाम की सैर करना हमारे पूरे शरीर के लिए एक रीबूट बटन की तरह काम करता है। मेडिकल रिसर्च के अनुसार, इसके मुख्य फायदे इस प्रकार हैं:

1. वजन कम करने और कैलोरी बर्न करने में मददगार

नियमित वॉक करने से शरीर का मेटाबॉलिज्म सुधरता है और एक्स्ट्रा कैलोरी बर्न होती है, जिससे वजन कंट्रोल में रहता है। हालांकि, आप कितनी कैलोरी बर्न कर पा रहे हैं, यह इस बात पर निर्भर करता है कि आपके चलने की रफ्तार (Walking Speed) क्या है, आप कितने किलोमीटर चल रहे हैं और आपका मौजूदा वजन कितना है।

2. दिल को रखता है पूरी तरह दुरुस्त

पैदल चलने से हमारे शरीर में रक्त का संचार (Blood Circulation) बेहतर होता है, जिससे ब्लड प्रेशर नियंत्रण में रहता है। जैसे-जैसे आप अपने रोजाना चलने का समय या दूरी धीरे-धीरे बढ़ाते हैं, वैसे-वैसे दिल से जुड़ी बीमारियों (Heart Diseases) का खतरा काफी हद तक कम होने लगता है।

3. ब्लड शुगर के लेवल को रखे कम

भोजन करने के तुरंत बाद बिस्तर पर लेटने या एक जगह बैठने के बजाय थोड़ी देर की सैर सेहत के लिए संजीवनी जैसी है। साल 2022 की एक मेडिकल स्टडी में यह पाया गया है कि दिनभर में जब भी आप खाना खाएं, उसके बाद कुछ मिनटों की हल्की-फुल्की सैर करने से खून में अचानक बढ़ने वाले शुगर (Glucose Level) को आसानी से नियंत्रित किया जा सकता है। यह आदत डायबिटीज के मरीजों के लिए बेहद फायदेमंद है।

4. जोड़ों और घुटनों के दर्द से राहत

पैदल चलना आपके जोड़ों, विशेषकर घुटनों और कूल्हों की सुरक्षा के लिए बहुत जरूरी है। वॉक करने से जोड़ों को सहारा देने वाली मांसपेशियां मजबूत बनती हैं, जिससे जोड़ों में लचीलापन आता है। गठिया (Arthritis) जैसी दर्दनाक समस्या से जूझ रहे लोगों के लिए भी डॉक्टरों द्वारा नियमित रूप से हल्का टहलने की सलाह दी जाती है।

5. इम्यूनिटी को करता है बूस्ट

मौसम बदलने के साथ जो लोग जल्दी बीमार पड़ जाते हैं, उनके लिए वॉक करना बेस्ट है। साल 2018 में हुए एक अध्ययन के अनुसार, लगातार और नियमित रूप से हल्की कसरत या वॉक करने से शरीर की रोग प्रतिरोधक क्षमता (Immunity) मजबूत होती है, जिससे सर्दी, खांसी, फ्लू और अन्य मौसमी संक्रमणों से लड़ने की शक्ति बढ़ती है।

अगर आप अभी तक अपनी सेहत को लेकर गंभीर नहीं थे, तो आज से ही छोटे लक्ष्यों के साथ शुरुआत करें। पहले दिन ही ज्यादा चलने के बजाय शुरुआत 15-20 मिनट की वॉक से करें और धीरे-धीरे इसे अपनी आदत में शामिल करें।

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