फैटी लिवर से हार्ट अटैक तक, पुरुषों में तेजी से बढ़ रही हैं ये खतरनाक बीमारियां.. डॉक्टर से जानिए इसके पीछे का असली कारण

आज की आधुनिक और बेहद तनावभरी जीवनशैली में पुरुषों के स्वास्थ्य (Men's Health) को लेकर एक बेहद ही चिंताजनक और डराने वाली रिपोर्ट सामने आ रही है। चिकित्सा विशेषज्ञों और स्वास्थ्य संगठनों के हालिया आंकड़ों के मुताबिक, पुरुषों में फैटी लीवर (Fatty Liver), हाई ब्लड प्रेशर, डायबिटीज और अचानक आने वाले हार्ट अटैक (Heart Attack) जैसी गंभीर बीमारियों के मामले पिछले कुछ सालों में रिकॉर्ड स्तर पर बढ़े हैं। सबसे ज्यादा चौंकाने वाली बात यह है कि अब इन लाइफस्टाइल से जुड़ी बीमारियों का शिकार ३० से ४५ साल के युवा पुरुष सबसे ज्यादा हो रहे हैं। एक जिम्मेदार हेल्थ रिपोर्टर के नजरिए से देखें तो यह स्थिति बेहद खतरनाक है। आइए इस विशेष रिपोर्ट में डॉक्टरों और कार्डियोलॉजिस्ट्स से सीधे जानते हैं कि आखिर क्यों पुरुषों का शरीर इन साइलेंट किलर बीमारियों का घर बनता जा रहा है और इसके पीछे की इनसाइड स्टोरी क्या है।
साइलेंट किलर बना फैटी लीवर: शराब ही नहीं, ये आदतें भी दे रही हैं बीमारी को न्योता
आमतौर पर माना जाता है कि फैटी लीवर की समस्या सिर्फ उन्हीं पुरुषों को होती है जो अत्यधिक शराब का सेवन करते हैं। लेकिन डॉक्टरों ने इस मिथक को पूरी तरह तोड़ दिया है। आजकल पुरुषों में नॉन-अल्कोहलिक फैटी लीवर डिजीज (NAFLD) के मामले सबसे ज्यादा देखे जा रहे हैं। इसका मुख्य कारण घंटों तक ऑफिस की कुर्सी पर बैठकर काम करना (Sedentary Lifestyle), पैक्ड और प्रोसेस्ड जंक फूड का अत्यधिक सेवन और शारीरिक सक्रियता का बिल्कुल न होना है। जब लीवर में जरूरत से ज्यादा फैट जमा होने लगता है, तो यह धीरे-धीरे लीवर सिरोसिस जैसी जानलेवा स्थिति में बदल जाता है। चौंकाने वाली बात यह है कि शुरुआती दौर में इसके कोई बड़े लक्षण दिखाई नहीं देते, जिससे यह शरीर के भीतर चुपचाप पनपता रहता है।
युवाओं में क्यों बढ़ रहा है अचानक हार्ट अटैक और कार्डिएक अरेस्ट का खतरा
फैटी लीवर का सीधा संबंध आपके दिल की सेहत से भी जुड़ा हुआ है। डॉक्टरों के अनुसार, जब लीवर फैट को ठीक से मेटाबोलाइज नहीं कर पाता, तो खून में बैड कोलेस्ट्रॉल और ट्राइग्लिसराइड्स का स्तर तेजी से बढ़ने लगता है। यह गंदा फैट दिल की धमनियों में जाकर जमा हो जाता है, जिससे ब्लॉकेज की समस्या पैदा होती है। इसके अलावा, पुरुषों में करियर और परिवार को लेकर होने वाला अत्यधिक मानसिक तनाव (Stress), काम के चक्कर में सिर्फ ४ से ५ घंटे की अधूरी नींद लेना और धूम्रपान या स्मोकिंग की लत इस आग में घी का काम करती है। यही वजह है कि जिम जाने वाले या बिल्कुल फिट दिखने वाले युवा पुरुषों को भी अचानक साइलेंट हार्ट अटैक या कार्डिएक अरेस्ट अपनी चपेट में ले रहा है।
पुरुषों की इन बीमारियों के पीछे छिपे हैं ये ४ सबसे बड़े और मुख्य कारण
चिकित्सा विशेषज्ञों ने पुरुषों में बढ़ती इन बीमारियों के पीछे मुख्य रूप से चार बड़े कारणों को जिम्मेदार ठहराया है। पहला है अनियंत्रित खानपान, जिसमें रिफाइंड ऑयल, मैदा, चीनी और ट्रांस फैट की मात्रा बहुत ज्यादा होती है। दूसरा बड़ा कारण है क्रोनिक स्ट्रेस, जिसके चलते शरीर में कोर्टिसोल और एड्रीनलीन हॉर्मोन्स का स्तर हमेशा बढ़ा रहता है, जो सीधे बीपी और हार्ट रेट को प्रभावित करते हैं। तीसरा कारण है स्क्रीन टाइम का बढ़ना और देर रात तक जागने की आदत, जिससे शरीर का नेचुरल बायोलॉजिकल क्लॉक (Circadian Rhythm) पूरी तरह बिगड़ जाता है। और चौथा सबसे प्रमुख कारण है पुरुषों में अपनी सेहत को लेकर लापरवाही बरतना और शुरुआती लक्षणों को मामूली समझकर नजरअंदाज करना।
अपनी सेहत को बचाने के लिए आज से ही अपनाएं डॉक्टरों की ये कड़े नियम
अगर आप भी इन खतरनाक बीमारियों के घेरे से बाहर निकलना चाहते हैं, तो डॉक्टरों की बताई इन लाइफस्टाइल टिप्स को तुरंत अपने रूटीन में शामिल करें। रोज सुबह या शाम को कम से कम ३० से ४५ मिनट की वॉक, रनिंग या योगासन जरूर करें। अपनी डाइट में हरी सब्जियां, ताजे फल, अंकुरित अनाज और फाइबर से भरपूर चीजों को जगह दें और बाहर के तले-भुने खाने को पूरी तरह टाटा-बाय-बाय कह दें। साल में कम से कम एक बार अपना कंप्लीट हेल्थ चेकअप, जिसमें लिपिड प्रोफाइल, लीवर फंक्शन टेस्ट (LFT) और ब्लड शुगर की जांच शामिल हो, जरूर करवाएं। तनाव को कम करने के लिए मेडिटेशन का सहारा लें और किसी भी प्रकार के नशे से पूरी तरह दूरी बना लें। याद रखें, थोड़ी सी सतर्कता ही आपके जीवन को सुरक्षित रख सकती है।