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गर्मियों में आंखों में क्यों बढ़ जाती है ‘ड्राईनेस’? इन आसान तरीकों से बचाएं अपनी रोशनी और रखें आंखों को हाइड्रेटेड

भीषण गर्मी और बढ़ते तापमान का असर न केवल हमारी त्वचा पर पड़ता है, बल्कि हमारी आंखों को भी काफी नुकसान पहुंचाता है। इन दिनों आंखों में जलन, लालिमा और 'ड्राईनेस' (सूखापन) की समस्या सबसे आम हो गई है। जब आंखों में पर्याप्त नमी नहीं रहती, तो वे थकने लगती हैं और उनमें खिंचाव महसूस होता है। क्या आपने कभी सोचा है कि गर्मी के मौसम में ही आंखें इतनी जल्दी क्यों सूखने लगती हैं? दरअसल, लगातार बढ़ती गर्मी, एसी (AC) का अधिक उपयोग और धूल भरी हवाएं आंखों के प्राकृतिक आंसू (Tears) को तेजी से सुखा देती हैं। अगर आप भी आंखों में भारीपन महसूस कर रहे हैं, तो यह खबर आपके लिए है।

आंखों में ड्राईनेस के लक्षण: कैसे पहचानें?

आंखों की ड्राईनेस को नजरअंदाज करना भारी पड़ सकता है। अगर आपको बार-बार आंखों में 'रेत जैसा' कुछ चुभता हुआ महसूस हो, रोशनी के प्रति संवेदनशीलता बढ़ जाए, या फिर आंखों में लगातार लाली बनी रहे, तो समझ लीजिए कि आपकी आंखें हाइड्रेशन की कमी से जूझ रही हैं। इसके अलावा, सुबह उठते समय आंखों का आपस में चिपकना और धुंधला दिखाई देना भी ड्राई आई सिंड्रोम के प्रमुख लक्षण हैं। यदि आपको इनमें से कोई भी संकेत मिल रहा है, तो समय रहते सावधान हो जाना ही बेहतर है, ताकि भविष्य में दृष्टि दोष जैसी समस्याओं से बचा जा सके।

हाइड्रेटेड रहने के तरीके: अपनाएं ये खास टिप्स

आंखों को लंबे समय तक नमी युक्त रखने के लिए सबसे पहले अपने खान-पान पर ध्यान दें। अपने आहार में ओमेगा-3 फैटी एसिड, जैसे कि अलसी के बीज और अखरोट को शामिल करें, जो आंखों के आंसू उत्पादन को बढ़ाते हैं। बाहर निकलते समय सनग्लासेस (धूप का चश्मा) पहनना बिल्कुल न भूलें, क्योंकि ये आंखों को सीधी धूप और गर्म हवा से बचाते हैं। इसके अलावा, रोजाना पर्याप्त मात्रा में पानी पिएं। यदि आप घंटों कंप्यूटर या मोबाइल का उपयोग करते हैं, तो '20-20-20 नियम' अपनाएं—हर 20 मिनट बाद 20 फीट दूर देखें और 20 सेकंड के लिए अपनी आंखों को आराम दें।

बचाव के लिए डॉक्टर की सलाह और घरेलू नुस्खे

घरेलू स्तर पर आंखों को आराम देने के लिए आप साफ सूती कपड़े से आंखों पर ठंडी सिकाई कर सकते हैं। यह आंखों की सूजन कम करने और नमी लौटाने में बेहद प्रभावी है। यदि एसी में बैठना आपकी मजबूरी है, तो कमरे में एक 'ह्यूमिडिफायर' (Humidifier) जरूर लगाएं, जो हवा में नमी बनाए रखता है। आंखों में डालने वाली कृत्रिम आंसू (Artificial Tears) या लुब्रिकेटिंग आई ड्रॉप्स का उपयोग डॉक्टर की सलाह पर करना एक अच्छा विकल्प है। लेकिन ध्यान रहे, किसी भी आई ड्रॉप को बिना विशेषज्ञ की राय के इस्तेमाल न करें। अपनी आंखों की सेहत से समझौता न करें और अगर जलन ज्यादा बढ़ जाए, तो तुरंत किसी नेत्र विशेषज्ञ से संपर्क करें।

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