IMD Monsoon Alert 21 July 2026: जम्मू-कश्मीर और हिमाचल में मानसूनी आफत, मौसम विभाग का ‘रेड अलर्ट’; UP समेत देश के 21 राज्यों में भारी बारिश की चेतावनी, जानें अपने राज्य का हाल

देशभर में मानसून पूरी तरह से अपने शबाब पर है और उत्तर भारत के मैदानी इलाकों से लेकर हिमालयी राज्यों में मानसूनी बादलों ने विकराल रूप अख्तियार कर लिया है। भारतीय मौसम विज्ञान विभाग (IMD) ने आज मंगलवार, 21 जुलाई 2026 के लिए मौसम का ताजा पूर्वानुमान जारी करते हुए पहाड़ी राज्यों जम्मू-कश्मीर, हिमाचल प्रदेश और उत्तराखंड के लिए 'रेड अलर्ट' (Red Alert) जारी किया है। इसके साथ ही उत्तर प्रदेश, दिल्ली-एनसीआर, बिहार और राजस्थान समेत देश के 21 अन्य राज्यों में भारी से बहुत भारी बारिश की गंभीर चेतावनी जारी की गई है। एक रिपोर्टर के नजरिए से देखें तो लगातार हो रही बारिश के कारण पहाड़ों पर अचानक बाढ़ (Flash Floods) और भूस्खलन (Landslides) का खतरा मंडरा रहा है, जबकि मैदानी इलाकों में जनजीवन बुरी तरह प्रभावित हुआ है।
पहाड़ों पर कुदरत का कहर: जम्मू-कश्मीर और हिमाचल में रेड अलर्ट
पहाड़ी राज्यों में मानसूनी बारिश ने तबाही की स्थिति पैदा कर दी है। मौसम केंद्र के अनुसार अगले 24 से 48 घंटे इन राज्यों के लिए बेहद नाजुक साबित हो सकते हैं:
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जम्मू-कश्मीर: जम्मू संभाग के पीर पंजाल क्षेत्र (राजौरी, पुंछ, रियासी और कठुआ) में मूसलाधार बारिश के चलते फ्लैश फ्लड और भूस्खलन की घटनाएं तेज हो गई हैं। पुंछ और राजौरी में हालात को देखते हुए जम्मू-कश्मीर के मुख्यमंत्री उमर अब्दुल्ला ने सभी जिला प्रशासनों को हर 6 घंटे में स्थिति रिपोर्ट (Situation Report) सौंपने के सख्त निर्देश दिए हैं।
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हिमाचल प्रदेश: चंबा, कांगड़ा, मंडी, कुल्लू और शिमला में 'अत्यधिक भारी बारिश' का रेड अलर्ट लागू है। चंबा के मिलगू जंगल में बादल फटने (Cloudburst) जैसी घटना से भारी नुकसान हुआ है। मौसम विभाग ने पर्यटकों और स्थानीय लोगों को नदियों, नालों और भूस्खलन संभावित मार्गों से पूरी तरह दूर रहने की सलाह दी है।
उत्तर प्रदेश के 30 से ज्यादा जिलों में भारी बारिश का अलर्ट
उत्तर प्रदेश (UP) में मानसूनी ट्रफ रेखा (Monsoon Trough) और चक्रवाती परिसंचरण के सक्रिय होने से बारिश का सिलसिला थमने का नाम नहीं ले रहा है।
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पूर्वी और पश्चिमी यूपी में आफत: लखीमपुर खीरी, बहराइच, श्रावस्ती, बलरामपुर, बस्ती, गोंडा, गोरखपुर, वाराणसी और बरेली मंडल के जिलों में गरज-चमक के साथ मूसलाधार बारिश और वज्रपात (Lightning) की आशंका है।
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नदियों का बढ़ता जलस्तर: उत्तराखंड और नेपाल के तराई इलाकों से पानी छोड़े जाने और लगातार बारिश के कारण घाघरा, शारदा, राप्ती और अलकनंदा नदियां उफान पर हैं, जिससे तटीय गांवों में बाढ़ का खतरा बढ़ गया है।
दिल्ली-एनसीआर और अन्य राज्यों का मौसम अपडेट
मैदानी राज्यों में भी मानसून की जोरदार सक्रियता बनी हुई है:
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दिल्ली-एनसीआर और हरियाणा-पंजाब: दिल्ली, नोएडा, गाजियाबाद और गुरुग्राम में रुक-रुक कर मध्यम से भारी बौछारें पड़ने का अनुमान है। राष्ट्रीय राजधानी में आंधी-तूफान के साथ आकाशीय बिजली चमकने की संभावना को देखते हुए येलो अलर्ट बरकरार रखा गया है।
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अन्य 21 राज्यों में चेतावनी: बिहार, झारखंड, पश्चिम बंगाल, असम, मेघालय, मध्य प्रदेश, छत्तीसगढ़, राजस्थान, गुजरात, कोंकण व गोवा और केरल में अगले 3 दिनों तक भारी बारिश होने की संभावना जताई गई है।
मौसम विभाग और प्रशासन की गाइडलाइंस
आपदा प्रबंधन अधिकारियों और आईएमडी (IMD) ने भारी बारिश वाले क्षेत्रों में रहने वाले नागरिकों से विशेष सावधानी बरतने को कहा है:
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अनावश्यक यात्रा से बचें: पहाड़ी रास्तों (जैसे यमुनोत्री हाईवे और जम्मू-श्रीनगर एनएच) पर बार-बार मलबा आ रहा है, इसलिए जब तक बहुत जरूरी न हो, सफर करने से बचें।
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बिजली और पानी से दूरी रखें: आंधी-तूफान के दौरान ऊंचे वृक्षों, बिजली के खंभों के नीचे शरण न लें और जलभराव वाले रास्तों में सतर्कता से गाड़ियां चलाएं।
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किसानों के लिए सलाह: तटीय और जलभराव वाले क्षेत्रों में खेती और सिंचाई संबंधी गतिविधियों को फिलहाल रोक दें।