जंतर-मंतर पर तनाव बरकरार: FRS कैमरों से 2,000 से अधिक असामाजिक तत्व चिन्हित, 130 पुलिसकर्मी और 65 छात्र घायल

राजधानी दिल्ली का जंतर-मंतर क्षेत्र इन दिनों भारी सुरक्षा घेरे और तनावपूर्ण माहौल का केंद्र बना हुआ है। नीट (NEET) पेपर लीक घोटाला, परीक्षा प्रणाली में सुधार और केंद्रीय शिक्षा मंत्री के इस्तीफे की मांग को लेकर कॉकरोच जनता पार्टी (CJP) और छात्रों का अनिश्चितकालीन आंदोलन लगातार जारी है। हर दिन लगभग 10,000 प्रदर्शनकारियों की आवाजाही और हिंसक झड़पों की आशंका को देखते हुए दिल्ली पुलिस ने सुरक्षा के कड़े इंतजाम किए हैं। इस बीच प्रदर्शन के दौरान हुई हिंसा, पथराव और लाठीचार्ज में 130 पुलिसकर्मी और करीब 65 छात्र घायल हुए हैं। आइए एक ग्राउंड और क्राइम रिपोर्टर के नजरिए से समझते हैं कि जंतर-मंतर पर सुरक्षा व्यवस्था और जांच की ताजा स्थिति क्या है।
1. सुरक्षा का कड़ा पहरा: 3 हजार पुलिस जवान और 15 एफआईआर दर्ज
प्रदर्शन में बढ़ती भीड़ और 20 जुलाई को हुए 'संसद मार्च' के दौरान हुए बवाल को देखते हुए जंतर-मंतर और आसपास के पूरे इलाके को किलेबंदी में तब्दील कर दिया गया है।
-
3,000 जवानों की तैनाती: कानून-व्यवस्था (Law & Order) बनाए रखने के लिए दिल्ली पुलिस के जवानों के साथ-साथ अर्धसैनिक बलों (CRPF/RFP) की कंपनियों को तैनात किया गया है।
-
15 एफआईआर दर्ज: प्रदर्शन के दौरान बैरिकेड्स तोड़ने, सार्वजनिक संपत्ति को नुकसान पहुंचाने और पुलिस बल पर हमले के आरोप में पुलिस ने अब तक कुल 15 अलग-अलग एफआईआर दर्ज की हैं।
2. हाई-टेक निगरानी: FRS कैमरों से असामाजिक तत्वों की पहचान
भीड़ की आड़ में उपद्रव फैलाने वाले असामाजिक तत्वों और उपद्रवियों पर लगाम कसने के लिए दिल्ली पुलिस एआई-पावर्ड फेशियल रिकग्निशन सिस्टम (FRS) की मदद ले रही है।
-
4 एफआरएस यूनिट तैनात: जंतर-मंतर के प्रमुख प्रवेश और निकास द्वारों पर हाई-रिजोल्यूशन FRS कैमरे लगाए गए हैं, जो दिल्ली पुलिस के सेंट्रल डेटाबेस से जुड़े हुए हैं।
-
2,000 से ज्यादा संदिग्धों की पहचान: पुलिस सूत्रों के अनुसार, इन कैमरों के जरिए अब तक 2,000 से अधिक ऐसे व्यक्तियों की पहचान की जा चुकी है, जिनका पहले से आपराधिक रिकॉर्ड (Bad Characters / History-sheeters) रहा है।
-
भीड़ को उकसाने का शक: पुलिस यह जांच कर रही है कि क्या ये आपराधिक पृष्ठभूमि वाले लोग छात्रों के आंदोलन में घुसपैठ करके जानबूझकर हिंसा और माहौल बिगाड़ने का काम कर रहे हैं।
3. सियासत और सरकार का रुख
एक तरफ जहां विपक्ष और CJP कार्यकर्ता शिक्षा मंत्री के इस्तीफे की मांग पर अड़े हैं, वहीं केंद्र सरकार ने भी स्थिति को संभालने के लिए तेज कदम उठाए हैं। सरकार द्वारा पेपर लीक मामलों के निपटारे के लिए 'फास्ट ट्रैक कोर्ट' के गठन और उच्च शिक्षा सचिव के तबादले के बावजूद प्रदर्शनकारी मंत्री के इस्तीफे की अपनी मुख्य मांग पर अड़े हुए हैं। फिलहाल, दिल्ली पुलिस स्थिति पर पैनी नजर बनाए हुए है और पूरे इलाके में ड्रोन व सीसीटीवी के जरिए 24 घंटे निगरानी की जा रही है।