रूस-यूक्रेन युद्ध में दुनिया के सबसे रहस्यमय देश की एंट्री, जेलेंस्की के उड़े होश; पकड़ा रहा ऐसे घातक अस्त्र

रूस और यूक्रेन के बीच चल रहे भीषण युद्ध के मोर्चे पर एक ऐसा सनसनीखेज भू-राजकीय मोड़ आ गया है, जिसने पूरी दुनिया की सुरक्षा एजेंसियों की नींद उड़ा दी है। अंतरराष्ट्रीय राजनीति में अपने सख्त और रहस्यमयी तौर-तरीकों के लिए पहचाना जाने वाला दुनिया का सबसे गोपनीय देश अब इस युद्ध के अखाड़े में प्रत्यक्ष रूप से कूद पड़ा है। रिपोर्टों के मुताबिक, इस गुप्त देश की तरफ से रूस को ऐसे अत्याधुनिक और खतरनाक अस्त्र-शस्त्र सप्लाई किए जा रहे हैं, जिनके आगे यूक्रेन की रक्षा प्रणालियां और पश्चिमी देशों के हथियार भी लाचार नजर आ रहे हैं। इस नई एंट्री से यूक्रेनी राष्ट्रपति वोलोडिमिर जेलेंस्की की मुश्किलें कई गुना बढ़ गई हैं।
यूक्रेन की डिफेंस लाइन को ध्वस्त कर रहे हैं ये सीक्रेट हथियार
युद्ध के मैदान से आ रही खुफिया रिपोर्टों से पता चलता है कि इस रहस्यमय देश द्वारा मोर्चे पर पहुंचाए जा रहे हथियार बेहद उच्च तकनीक वाले और घातक हैं। ये अस्त्र सटीक निशाना लगाने के साथ-साथ रडार को चकमा देने में भी माहिर बताए जा रहे हैं। रूसी सेना जब इन आधुनिक हथियारों का इस्तेमाल कर रही है, तो यूक्रेनी वायु रक्षा प्रणाली और बख्तरबंद गाड़ियां बुरी तरह तबाह हो रही हैं। जेलेंस्की प्रशासन लगातार पश्चिमी देशों से आधुनिक मिसाइल डिफेंस सिस्टम की मांग कर रहा था, लेकिन इस नई खेप के सामने आने के बाद यूक्रेन के रणनीतिकारों के होश फाख्ता हो गए हैं।
वैश्विक कूटनीति में मचा हड़कंप, पश्चिमी देशों की बढ़ी चिंता
इस रहस्यमय देश के सीधे तौर पर रूस के पक्ष में युद्ध के मैदान में उतरने से वाशिंगटन से लेकर ब्रुसेल्स तक के तमाम पश्चिमी देशों में हड़कंप मच गया है। अमेरिका और नाटो (NATO) के रणनीतिकार यह अनुमान लगाने में जुटे हैं कि इस गुप्त गठबंधन से आने वाले दिनों में युद्ध का पासा पूरी तरह से पलट सकता है। एक तरफ जहां रूस की सैन्य ताकत और मारक क्षमता में बेतहाशा इजाफा हुआ है, वहीं यूक्रेन और उसके पश्चिमी सहयोगियों के लिए इस नई चुनौती का सामना करना बेहद कठिन साबित हो रहा है। इस हाई-वोल्टेज डेवलपमेंट ने तीसरे विश्व युद्ध की आशंकाओं को एक बार फिर से तेज कर दिया है।